रैगिंग के खिलाफ एसयूसीआइ (सी) ने शिक्षा मंत्री को लिखा पत्र
एसयूसीआइ (सी) के राज्य सचिव चंडीदास भट्टाचार्य ने शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु को लिखे अपने पत्र में कहा है कि गत 10 अगस्त को जादवपुर यूनिवर्सिटी में रैगिंग के शिकार हुए छात्र की मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया है. समझ नहीं आता कि जेयू जैसे प्रथम रैंक के विश्वविद्यालय में ऐसी घटना कैसे हो सकती है. साफ लग रहा है कि ऐसी घटनाएं वर्षों से हो रही हैं, जिनसे विश्वविद्यालय के अधिकारियों को अनभिज्ञ नहीं होना चाहिए था. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर यूजीसी ने रैगिंग रोकने के लिए विशिष्ट सिफारिशें की हैं, जिनमें से एंटी रैगिंग कमेटी और एंटी रैगिंग स्क्वाड का गठन, प्रथम वर्ष के छात्रों को अलग-अलग हॉस्टल में रखना, जूनियर और सीनियर छात्रों को तुरंत प्रवेश के बाद रैगिंग के प्रति जागरूक करना और उनके लिए मेले आदि का आयोजन करना शामिल हैं. राज्य सरकार भी इस घटना की जिम्मेदारी से बच नहीं सकती.