लोहरदगा : कुड़ू में आदिवासी जमीन की हेराफेरी से नाराज ग्रामीणों ने सीओ के खिलाफ खोला मोर्चा, फूंका पुतला

आदिवासी जमीन की गलत तरीके से हेरफेर करने के मामले में लोहरदगा स्थित कुड़ू के आदिवासी समुदाय के लोगों ने सीओ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. इस दौरान आक्रोश रैली निकालकर सीओ का पुतला दहन किया गया. वहीं, डीसी के नाम बीडीओ को ज्ञापन सौंपा गया.

कुड़ू (लोहरदगा), अमित कुमार राज : लोहरदगा जिला अंतर्गत कुड़ू सीओ प्रवीण कुमार सिंह के खिलाफ आदिवासी समाज ने मोर्चा खोल दिया है.‌ गुरुवार को आदिवासी छात्र संघ, राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा तथा अन्य आदिवासी संगठनों की ओर से आक्रोश मार्च निकाला गया. इस दौरान ब्लॉक मोड़ के पास सीओ का पुतला दहन किया गया. वहीं, अंचल कार्यालय परिसर में सभा करते हुए सीओ पर जमकर निशाना साधा गया. इसके बाद डीसी के नाम बीडीओ को ज्ञापन सौंपा. इस मांग पत्र में सीओ को कुड़ू से हटाने व आदिवासी जमीन को गलत तरीके से किये गए हेरफेर की जांच शामिल है.

सीओ का फूंका पुतला

कुड़ू सीओ के खिलाफ आदिवासी छात्र संघ, राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा तथा अन्य आदिवासी संगठनों द्वारा संयुक्त रूप से पड़हा भवन से आक्रोश रैली की शुरुआत हुई. रैली में शामिल लोग हाथों में तख्तियां लिए सीओ के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे. नारेबाजी करते हुए आक्रोश रैली ब्लाक मोड़ पहुंची जहां सीओ प्रवीण कुमार सिंह का पुतला दहन किया गया . इसके बाद आक्रोश रैली प्रखंड सह अंचल कार्यालय पहुंच सभा में तब्दील हो गई.

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वक्ताओं ने लगाया आरोप

सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सीओ प्रवीण कुमार सिंह मनमर्जी कर रहे हैं. आदिवासी जमीन को हेरफेर करते हुए गलत तरीके से बंदोबस्त किया जा रहा है . लावागांई, बड़की चांपी तथा दोबा बरटोली गांव में आदिवासियों के जमीन संबंधी मामले को गलत तरीके से हेरफेर किया गया है.

डीसी के नाम बीडीओ को सौंपा ज्ञापन

सभा के बाद डीसी के नाम बीडीओ को एक ज्ञापन सौंपा. इस ज्ञापन में सीओ प्रवीण कुमार सिंह को कुड़ू से हटाने के अलावा आदिवासी जमीन को गलत तरीके से हेरफेर मामले की जांच करने की मांग की. कहा गया कि मांग पूरी नहीं होने पर आदिवासी समाज चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होगा. इधर, आक्रोश रैली में आदिवासी समाज के जतरू उरांव, अवधेश उरांव, विजय उरांव, शनि उरांव, अमित उरांव, सरस्वती देवी समेत अन्य शामिल थे.

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पदाधिकारी के खिलाफ पुतला दहन तथा आक्रोश रैली कुड़ू के लिए पहली घटना

कुड़ू प्रखंड का गठन साल 1956 में किया गया है. प्रखंड सह अंचल कार्यालय बने 67 साल हो गए. आजादी के बाद बने कुड़ू प्रखंड सह अंचल कार्यालय के इतिहास में पहला मौका है जब किसी पदाधिकारी के विरोध में किसी समाज द्वारा मोर्चा खोलते हुए भारी विरोध प्रदर्शन तथा किसी अधिकारी का पुतला दहन किया गया है . इससे पहले कुड़ू थाना के निवर्तमान थाना प्रभारी के विरोध में 16 साल पहले भारी विरोध प्रदर्शन करते हुए थाना में तोड़फोड़ करते हुए थाने का घेराव किया गया था. लेकिन, प्रखंड सह अंचल कार्यालय में 67 साल के इतिहास में पहला मौका है जब कार्यरत अधिकारी के विरोध में समाजिक संगठन के बैनर तले अधिकारी का पुतला दहन तथा जमकर नारेबाजी की गई.

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By Samir Ranjan

Senior Journalist with more than 20 years of reporting and desk work experience in print, tv and digital media

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