VIDEO: सारंडा में 20 गांव के लोगों को किसने बनाया बंधक?

सारंडा से नक्सलियों को खदेड़ने के अभियान की वजह से 20 गांवों के लोग बंधक हैं. कुछ संस्थाओं ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि सुरक्षा बलों के जवान उन्हें गांव से बाहर नहीं जाने दे रहे. वहीं, झारखंड के एडीजी संजय आनंदराव लाठकर और आईजी एवी होमकर ने कहा है कि नक्सलियों ने ग्रामीणों को बंधक बनाया है.

झारखंड के लातेहार, गढ़वा से लेकर छत्तीसगढ़ के बलरामपुर तक फैले बूढ़ा पहाड़ को नक्सलियों से मुक्त कराने के बाद पुलिस और केंद्रीय बलों ने कोल्हान के सारंडा से नक्सलियों को खदेड़ने का अभियान शुरू कर दिया है. इस ऑपरेशन की वजह से कोल्हान के 20 गांवों के लोग अपने ही गांव में बंधक बनकर रह गये हैं. कुछ संस्थाओं ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि सुरक्षा बलों के जवान उन्हें गांव से बाहर नहीं निकलने दे रहे. वहीं, झारखंड पुलिस के सीनियर ऑफिसर एडीजी (ऑपरेशन) संजय आनंदराव लाठकर और आईजी (ऑपरेशन) एवी होमकर ने कहा है कि नक्सलियों ने ग्रामीणों को बंधक बना लिया है. देखिए, क्या कह रहे हैं एवी होमकर…

  • कोल्हान में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों को चारों ओर से घेर लिया है
  • कोल्हान क्षेत्र में नक्सली छोटे से इलाके में सिकुड़ कर रह गये हैं
  • नक्सली दुष्प्रचार कर रहे हैं पुलिस ने ग्रामीणों को बंधक बना लिया है
  • पुलिस ने नहीं नक्सलियों ने 20 गांव के लोगों को बंधक बना रखा है
  • नक्सलियों ने पर्चे लगा रखे हैं कि लोग अपने गांव से बाहर न जायें
  • नक्सलियों ने कहा- आपके साथ अनहोनी के जिम्मेदार आप खुद होंगे

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लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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