गजब के चोर! जमीन में गड़ा बिजली का खंभा उखाड़ कर ले जाने की कोशिश, ऐसे पकड़े गये

जोग्याणी रौ में बिजली लाइन की खराब होने के बाद ऊर्जा निगम के कर्मचारी लाइन की जांच के लिए गए थे. इस दौरान कर्मचारियों ने जोग्याणी रौ के पास जंगल में लगे खंभों के पास कुछ मजदूर देखे. संदेह होने पर कर्मचारी मौके पर गए तो देखा कि श्रमिक उन खंभों को खोदकर जमीन से निकालने का प्रयास कर रहे थे.

बागेश्वर (उत्तराखंड) : गजब के चोर थे. देखा कि तार है न बिजली तो जमीन में गड़े खंभे ही चुराने में जुट गए. उनका दुर्भाग्य ही कहिए, उसी समय कुछ बिजलीकर्मी दूसरी लाइन चेक करने निकले थे. उन्होंने अनजान लोगों को खंभा उखाड़ते देखा तो पुलिस बुला ली. पुलिस सभी को पकड़ कर थाने ले आई और उनसे पूछताछ कर रही है. घटना जोग्याणी रौ की है.

मामला विगत चार मार्च का है. जोग्याणी रौ में बिजली लाइन की खराब होने के बाद ऊर्जा निगम के कर्मचारी लाइन की जांच के लिए गए थे. इस दौरान कर्मचारियों ने जोग्याणी रौ के पास जंगल में लगे खंभों के पास कुछ मजदूर देखे. संदेह होने पर कर्मचारी मौके पर गए तो देखा कि श्रमिक उन खंभों को खोदकर जमीन से निकालने का प्रयास कर रहे थे. इसकी सूचना उन्होंने अधिकारियों व पुलिस को दी. पुलिस ने मौके पर जाकर खंभे उखाड़ने का प्रयास कर रहे मजदूरों को पकड़ लिया और पूछताछ के लिए कोतवाली ले आई.

इधर, थानाध्यक्ष जगदीश सिंह ढकरियाल ने कहा कि जोग्याणी रौ में खंभे उखाड़ने की सूचना मिली थी. विभाग की ओर तहरीर भी दी गई है. उन्होंने बताया कि बिजली के खंभे किसी कंपनी के हैं जिसके ठेकेदार से बात हुई है. फिलहाल ठेकेदार बाहर गया है. उसके आने पर वास्तविकता का पता चल सकेगा. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

उपयोग में नहीं थे खंभे, विभाग के पास थी देखरेख की जिम्मेदारी

ऊर्जा निगम के एसडीओ एसएस भंडारी ने बताया कि कपकोट के लिए बिजली लाइन निर्माण के दौरान जोग्याणी रौ में खंभे गाड़े गए थे. हालांकि बाद में लोगों के विरोध के बाद लाइन अन्यत्र से बनाई गई थी. लाइन बदलने के बाद आठ खंभे निष्प्रोज्य हो गए थे. इन्हें लाइन बना रही कंपनी ने उखाड़ा नहीं था. विभाग को इन खंभों की देखरेख सौंपी गई है. इन खंभों का उपयोग लाइन में खराबी आने या पोल बदलते समय किया जाना है. चार मार्च को कर्मचारियों के सही समय पर पहुंचने से खंभों को उखाड़ने का प्रयास विफल हो गया. मामला पुलिस के पास है. प‌ुलिस जांच के बाद ही पोल उखाड़ने के मकसद का पता चल सकेगा.

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करीब एक साल पूर्व चोरी हो गए थे छह खंभे

बिजली के खंभे चोरी करने के प्रयास का यह पहला मामला नहीं है. इससे पूर्व भी कपकोट के चिडंग से छह बिजली के खंभे चोरी हो चुके हैं. एसडीओ भंडारी ने बताया कि करीब एक साल पहले कर्मी में विद्यालय के लिए बिजली लाइन बिछाई जानी थी. ‌विभाग को बिजली के छह खंभे ले जाने थे. इन्हें चिडंग के पास सड़क किनारे रखा गया था, लेकिन वे चोरी हो गए. खंभे चोरी होने की रिपोर्ट विभाग ने राजस्व पुलिस के यहां दर्ज कराया था, लेकिन आज तक मामले का खुलासा नहीं हो सका है.

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