उमेश पाल हत्याकांड: शाइस्ता परवीन को अग्रिम जमानत और नाबालिग बेटों की रिहाई पर आज होगी सुनवाई, जानें डिटेल

अतीक साबरमती जेल और उसका भाई अशरफ बरेली कारागार में बंद है. इसके अलावा बड़े बेटे उमर और अली भी आपराधिक मामलों में अलग-अलग जेल में हैं. पत्नी शाइस्ता परवीन और एक बेटा असद फरार है, तो दो नाबालिग बेटों एहजम और आबान को बाल सुधार गृह में रखा गया है.

Prayagraj: प्रयागराज के चर्चित उमेश पाल हत्याकांड में माफिया अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन की अग्रिम जमानत और उसके दोनों नाबालिग बेटों के मामले में दाखिल अर्जी पर मंगलवार को सुनवाई होगी. शाइस्ता ने अपने दोनों नाबालिग बेटों को पुलिस द्वारा अवैध तरीके से रखे जाने के मामले में सीजीएम कोर्ट में अर्जी दाखिल की है.

अतीक का परिवार पुलिस के निशाने पर

उमेश पाल हत्याकांड के बाद से माफिया अतीक अहमद का परिवार पुलिस के निशाने पर है. अतीक साबरमती जेल और उसका भाई अशरफ बरेली कारागार में बंद है. इसके अलावा बड़े बेटे उमर और अली भी आपराधिक मामलों में अलग-अलग जेल में हैं. पत्नी शाइस्ता परवीन और एक बेटा असद फरार है, तो दो नाबालिग बेटों एहजम और आबान को बाल सुधार गृह में रखा गया है. इसे लेकर शाइस्ता परवीन ने प्रयागराज के सीजेएम कोर्ट में याचिका दाखिल की है.

नाबालिग बेटों को अवैध तरीके से हिरासत में रखने का आरोप

शाइस्ता की तरफ से दाखिल की गई याचिका में कहा गया है कि उसके दोनों नाबालिग बेटों को अवैध तरीके से हिरासत में रखा गया है. याचिका में नाबालिग बेटे एहजम और आबान की रिहाई की अपील की गई है. इस याचिका पर मंगलवार को सीजेएम कोर्ट ने सुना जाएगा.

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रारूपपुर स्थित बाल संरक्षण गृह में हैं दोनों नाबालिग बेटे

वहीं पुलिस के मुताबिक दोनों बच्चों को राजरूपपुर स्थित बाल संरक्षण गृह में रखा गया है. इस पर कोर्ट ने शाइस्ता के अधिवक्ताओं को भौतिक सत्यापन के लिए कहा है. इसके बाद वह अपनी रिपोर्ट सीजीएम कोर्ट में दाखिल करेंगे. मामले में मंगलवार का दिन अहम है. शाइस्ता के वकीलों की कोशिश है कि उमेश पाल हत्याकांड के बाद से ही बाल संरक्षण गृह में रखे गए एहजम और आबान को बाहर निकाला जा सके. उनका इस केस से कोई संबंध नहीं है और दोनों नाबालिग हैं. वहीं पुलिस ने भी अभी तक दोनों को किसी मामले में आरोपित नहीं किया है.

शाइस्ता की अग्रिम जमानत के जरिए गिरफ्तारी से बचने की कोशिश

इसके साथ ही उमेश पाल हत्याकांड में शाइस्ता नामजद आरोपी है. उस पर 25 हजार का इनाम घोषित है. पुलिस और एसटीएफ की टीमें तमाम कोशिशों के बावजूद शाइस्ता की तलाश करने में नाकाम साबित हुई हैं. गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अपनी अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दाखिल की है.

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लेखक के बारे में

By Sanjay Singh

working in media since 2003. specialization in political stories, documentary script, feature writing.

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