मुख्तार अंसारी के गुर्गों की मदद से उमेश पाल हत्याकांड को दिया गया अंजाम! दबिश के बावजूद एसटीएफ अब तक खाली हाथ

उमेश पाल हत्याकांड में अतीक अहमद के साबरमती जेल से साजिश रचने के बीच अब मुख्तार अंसारी गैंग की भी भूमिका की बात सामने आई है. मुख्तार के चचेरे भाई मंसूर की अतीक के भाई अशरफ और बेटे अली से कुछ दिनों पहले जेल में मुलाकात हुई थी. एसटीएफ अब इस दिशा से भी जांच पड़ताल में जुट गई है.

Prayagraj: उमेश पाल हत्याकांड में आरोपियों की धड़पकड़ के लिए तमाम कोशिशों के बावजूद अभी तक एसटीएफ और पुलिस खाली हाथ है. वारदात में नामजद शूटरों को पकड़ने के लिए तीन राज्यों में दबिश दी जा चुकी है. सूत्रों के मुताबिक इनमें 14 स्थानों से 40 से अधिक संदिग्ध उठाए गए हैं. इनसे पूछताछ की जा रही है, जिससे हमलावरों की सही लोकेशन मिल सके और उनको धर दबोचा जा सके.

जांच के दौरान मिले सुराग

इस बीच उमेश पाल हत्याकांड मामले में मुख्तार अंसारी गैंग की भी भूमिका की बात सामने आई है. मुख्तार के चचेरे भाई मंसूर की अतीक के भाई अशरफ और बेटे अली से कुछ दिनों पहले जेल में मुलाकात हुई थी. पुलिस अब इस दिशा से भी जांच पड़ताल में जुट गई है.

कई जिलों में दबिश देकर संदिग्धों से की जा रही पूछताछ

उमेश पाल हत्याकांड को लेकर एसटीएफ पर काफी दबाव है. इसलिए ताबड़तोड़ दबिश दी जा रही है. अतीक गिरोह के पांच लोगों को गोरखपुर और बस्ती से पकड़ा गया है. इसके अलावा लखनऊ, बरेली, जौनपुर, प्रतापगढ़ कौशांबी, रीवा, और पटना में दबिश देकर संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है.

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अतीक के बेटे असद और गुड्डू मुस्लिम का कोई सुराग नहीं

वहीं अतीक के तीसरे बेटे असद, गुर्गे गुड्डू मुस्लिम, गुलाम और अरमान वारदात के दौरान सीसीटीवी फुटेज में दिखाई देने की बात इनकी भी लोकेशन तलाशने में एसटीएफ जुटी हुई है. इन सभी के मोबाइल वारदात के बाद से ही स्विच ऑफ हैं.

जेल में हुई मुलाकात का वारदात से कनेक्शन

इसके साथ ही वारदात से मुख्तार अंसारी गैंग के कनेक्शन को लेकर भी पड़ताल शुरू हो गई है. मुख्तार के चचेरे भाई मंसूर ने अतीक के भाई अशरफ और बेटे अली से कुछ दिनों पहले जेल में मुलाकात की थी. इसकी जानकारी मिलने पर एसटीएफ अब इनकी भूमिका की भी जांच कर रही है. एसटीएफने अली से भी मामले को लेकर पूछताछ की है.

साबरमती जेल से अतीक ने रची साजिश

बताया जा रहा है कि मुख्तार अंसारी के कुछ गुर्गे गुजरात जेल में बंद अतीक अहमद के संपर्क में थे. ऐसे में इस बात की जांच पड़ताल की जा रही है कि कहीं अतीक अहमद ने इन गुर्गों के जरिए ही गुड्डू मुस्लिम और गुलाम से उमेश पाल हत्याकांड की साजिश तो नहीं रची. अभी तक की जांच पड़ताल में सामने आया है कि गुजरात की साबरमती जेल में बंद पूर्व सांसद अतीक अहमद ने ही उमेश पाल हत्याकांड की साजिश रची. ऐसे में संभावना है कि अतीक ने मुख्तार अंसारी गैंग की मदद से अपने गुर्गों के जरिए वारदात को अंजाम दिया हो. इस बीच वारदात को अंजाम देने वालों की गिरफ्तारी के लिए प्रयागराज कमिश्नरेट जल्द ही इनाम की घोषणा कर सकता है.

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लेखक के बारे में

By Sanjay Singh

working in media since 2003. specialization in political stories, documentary script, feature writing.

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