Top 6 Tourist Places in Gokarna: गोकर्ण के इन खूबसूरत जगहों की करें सैर, छुट्टियों का लें पूरा मजा

Tourist Places of Gokarna: अगर आपको समुद्र तटों, प्राचीन मंदिरों और लुभावने दृश्यों की वजह से गोकर्ण पर्यटकों को बेहद आकर्षित करती है, तो गोकर्ण एक अच्छा ऑप्शन है. पिछले कई वर्षों से ये जगह युवाओं के साथ-साथ विदेशी सैलानियों के बीच खासा लोकप्रिय हो रही है.

Tourist Places of Gokarna: अगर आप दक्षिण भारत घूमने का मन बना रहे हैं तो कर्नाटक के गोकर्ण जा सकते हैं. अगर आपको समुद्र तटों, प्राचीन मंदिरों और लुभावने दृश्यों की वजह से ये जगह पर्यटकों को बेहद आकर्षित करती है, तो गोकर्ण एक अच्छा ऑप्शन है. पिछले कई वर्षों से ये जगह युवाओं के साथ-साथ विदेशी सैलानियों के बीच खासा लोकप्रिय हो रही है.

याना रॉक्स

अगर आप कुछ एडवेंचर पसन्द इंसान हैं तो 53 कि.मी. दूर याना रॉक्स घूमने के लिए अच्छी जगह है. पहुँचने में लगभग डेढ़ घंटे का समय लगेगा. एस्ट्रॉइड की बनी ये चट्टानें देखने से ही आपको इस पूरी जगह के एडवेंचर का अंदाज़ा लग जाएगा. अपने इस रंग के कारण जुनूनी लोगों में बहुत मशहूर है ये जगह.

ओम बीच व्यू पॉइंट

ओम बीच कुदले बीच से भी अधिक शान्त जगह है. एक अच्छी शाम गुज़ारने के लिए जगह की तलाश यहाँ आकर ख़त्म हो जाती है. लगभग ₹100 में एक घंटे पानी में खेलने को सवारी मिल जाती है. जैसा नाम है इस जगह का, वैसा ही आकार, ओम के जैसा.

मिर्जन किला गोकर्ण

कोणार्क में स्थित मिर्जन किला का निर्माण 16वीं शताब्दी के दौरान करवाया गया था. यह किला आज के समय में खंडहर के रूप में बदल रहा है. इस ऐतिहासिक किला के पास पर्यटन की काफी ज्यादा भीड़ देखी जाती है. यह एक शांत वातावरण वाला पर्यटन स्थल है.

कुडले बीच गोकर्ण

कुडले बीच गोकर्ण का एक शांत ओर लोकप्रिय समुद्र तट है, जिसे बीच लवर्स इसे स्वर्ग की तरह मानते हैं. ये बीच मून बीच और ओम बीच से कुछ ही दूरी पर स्थित है, जो कि अपने शांत वातावरण और सूर्यास्त के अद्भुत नजारों के लिए बेहद मशहूर है. आप अपने पार्टनर और फैमली के साथ इस बीच पर घूमने जरूर जाएं, क्योंकि यहां पर्यटकों की ज्यादा भीड़ नहीं देखी जाती. यहां सुबह शाम लोग सैर करने के लिए और योग अभ्यास करने के लिए यहां आते हैं.

हाफ मून बीच

पैराडाइज़ बीच से ट्रेक करके या फिर ओम, कुदले बीच से गाड़ी लेकर हाफ़ मून बीच पहुँचा जा सकता है. ढेर सारी झोपड़ियों से सजे इस हाफ़ मून बीच में रहती हैं कई सारी डॉलफ़िन्स भी. शाम तक रुकने के लिए साथ खाना भी लेते जाएँ. कपल्स के लिए बेस्ट.

मुरुदेश्वर मंदिर

पूरी दुनिया में भगवान शिव की दूसरी सबसे बड़ी प्रतिमा आपको मुरुदेश्वर मंदिर में आकर मिलेगी. महज एक मूर्ति नहीं है जिससे इस जगह की पहचान है, इस जगह का आध्यात्मिक वातावरण और गहरी शान्ति भी मुरुदेश्वर मंदिर को अप्रतिम बनाती है. कंडुका पहाड़ी पर स्थित यह मंदिर अरब सागर से तीन जगह से घिरा है.

ठहरने के लिए जगहें

ट्रिपर गोकर्ण बैकपैकर हॉस्टल में आपको ₹800 में हॉस्टल मिल जाएगा. एवरग्रीन फॉर्म हाउस का प्लान भी बना सकते हैं. इसका किराया ₹800 है. अगर आपको बी बीच के नाम पर सिर्फ़ गोआ का नाम याद आता है तो मेमोरी बढ़ाने के लिए गोकर्ण का प्लान ज़रूर से बनाएं.

गोकर्ण घूमने जाने का सबसे अच्छा समय

अगर आप गोकर्ण घूमने जाने वाले हैं, तो आपको यह भी जान लेना चाहिए कि यहां घूमने जाने का अच्छा समय कब है ? अच्छा समय के बारे में बात करें, तो अक्टूबर से लेकर मार्च महीने के बीच के समय को माना जाता है. गोकर्ण में गर्मी के मौसम के दौरान तापमान 40 डिग्री से भी अधिक हो जाता है, इसलिए आप यहां पर सर्दी के मौसम के दौरान ही ट्रिप का प्लान करें .

महाबलेश्वर मंदिर गोकर्ण

महाबलेश्वर मंदिर गोकर्ण का बहुत ही पौराणिक एवं प्रमुख मंदिर है. इस मंदिर का जिक्र पौराणिक कथा रामायण और महाभारत जैसे ग्रंथों में भी देखने को मिलता है. इस मंदिर को दक्षिण काशी के रूप में भी देखा जाता है. यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित एक पौराणिक मंदिर है, सफेद ग्रेफाइट का उपयोग कर बना यह मंदिर देखने में भी काफी ज्यादा आकर्षक लगता है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >