टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics 2020) में भारत की झोली में दूसरा मेडल आ गया है. बैडमिंटन महिला एकल में रियो ओलंपिक की रजत पदक विजेता और विश्व चैंपियन छठी वरीय पीवी सिंधु (PV Sindhu) ने इतिहास रचते हुए कांस्य पर कब्जा किया. इसके साथ ही भारत के खाते में दूसरा पदक आ गया है. पहला पदक वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू ने रजत पदक अपने नाम किया था.
ब्रॉन्ज मेडल के लिए हुए मुकाबले में सिंधु ने चीनी शटलर ही बिंग जियाओ को 2-0 से हराकर भारत के लिए दूसरा पदक जीता. सिंधु ने पहला सेट 21-13 से जीता, जबकि दूसरे सेट पर 21-15 से कब्जा किया.
दुनिया की सातवें नंबर की खिलाड़ी सिंधू ने मुसाहिनो फॉरेस्ट स्पोर्ट्स प्लाजा में 53 मिनट चले कांस्य पदक के मुकाबले में चीन की दुनिया की नौवें नंबर की बायें हाथ की खिलाड़ी बिंग जियाओ को 21-13, 21-15 से शिकस्त दी. सिंधु को सेमीफाइनल में चीनी ताइपे की ताइ जू यिंग के खिलाफ 18-21, 12-21 से शिकस्त झेलनी पड़ी थी.
पीवी सिंधु लगातार दो ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली महिला खिलाड़ी
पीवी सिंधु ने टोक्यो में कांस्य पदक जीतकर अपने नाम एक बड़ा रिकॉर्ड दर्ज कर लिया है. लगातार दो ओलंपिक में पदक जीतने वाली भारत की पहली महिला खिलाड़ी बन गयी हैं. इससे पहले पीवी ने रियो में भारत के लिए रजत पदक अपने नाम किया था.
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सिंधु ने एकतरफा मुकाबले में अधिकांश समय दबदबा बनाए रखा और उन्हें बिंग जियाओ के खिलाफ अधिक पसीना नहीं बहाना पड़ा. दुनिया की सातवें नंबर की खिलाड़ी को एक बार फिर नेट पर आकर खेलने में परेशानी हुई लेकिन वह रैली में दबदबा बनाने में सफल रही.
इसके अलावा भारतीय खिलाड़ी के क्रॉस कोर्ट स्मैश और ड्रॉप शॉट एक बार फिर दमदार रहे जिनका चीन की खिलाड़ी के पास कोई जवाब नहीं था. बिंग जियाओ को मूवमेंट में परेशानी हो रही थी जिसका सिंधु ने पूरा फायदा उठाया.
