Tik Tok बनाना पड़ा महंगा, लॉकडाउन में घर से बाहर निकले दो किशोर की वज्रपात से मौत

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टिक-टॉक का क्रेज किशोर उम्र के लड़कों पर इस कदर छाया हुआ है कि वे थोड़े समय में ही चर्चित होना चाहते हैं. इसके लिए उन्हें भारी कीमत भी चुकानी पड़ रही है. गोपालगंज जिले के कटेया थाने के देवरिया गांव में रविवार को पेड़ के नीचे बैठ कर मोबाइल पर इंटरनेट चलाना काफी महंगा पड़ गया. रविवार को वज्रपात होने से दो युवकों की मौत हो गयी.

गोपालगंज : सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टिक-टॉक का क्रेज किशोर उम्र के लड़कों पर इस कदर छाया हुआ है कि वे थोड़े समय में ही चर्चित होना चाहते हैं. इसके लिए उन्हें भारी कीमत भी चुकानी पड़ रही है. गोपालगंज जिले के कटेया थाने के देवरिया गांव में रविवार को पेड़ के नीचे बैठ कर मोबाइल पर इंटरनेट चलाना काफी महंगा पड़ गया. रविवार को वज्रपात होने से दो युवकों की मौत हो गयी.

जानकारी के मुताबिक, गोपालगंज जिले के कटेया थाने के देवरिया गांव में रविवार को वज्रपात से दो किशोर उम्र के लड़कों की की मौत हो गयी. दो बच्चों की मौत के बाद परिजनों में कोहराम मच गया. गांव में मातम छा गया. वहीं, दूसरी तरफ गांववालों ने बताया कि युवकों ने लापरवाही की, जिससे दोनों की जान गयी. लॉकडाउन के दौरान घर से बाहर निकलना ही नहीं था. घर से बाहर निकलना उनकी पहली गलती थी. दूसरी गलती पेड़ के नीचे मोबाइल पर इंटरनेट चलाने की बात सामने आयी है.

घटना के संबंध में बताया जाता है कि देवरिया गांव निवासी बच्चा सिंह का 18 वर्षीय पुत्र सुनील कुमार गांव के अपने दोस्त नारायण सिंह के 18 वर्षीय पुत्र भीम सिंह और नंदलाल सिंह के 13 वर्षीय पुत्र राहुल कुमार सिंह के साथ घर से कुछ ही दूरी पर स्थित एक पकड़ी के पेड़ के नीचे बने चचरा पर बैठ कर मोबाइल पर इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे थे. इसी दौरान तेज बारिश के साथ वज्रपात शुरू हो गया.

घटना के बाद आनन-फानन में परिजनों ने तीनों बच्चों को लेकर कटेया रेफरल अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने दो युवकों भीम सिंह एवं सुनील सिंह को मृत घोषित कर दिया. हालांकि, घायल राहुल सिंह का प्राथमिक उपचार कर उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए गोरखपुर रेफर कर दिया. एक साथ दो बच्चों की मौत से गांव में कोहराम मचा गया. वहीं, स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच के बाद पीड़ित परिजनों को मुआवजा देने का आश्वासन दिया है.

प्रभात सलाह

बारिश में बिजली कड़कना या गिरना आम बात है. इससे बचने के लिए स्वयं की सावधानी ही जान बचा सकती है. कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को लेकर लगाये गये लॉकडाउन का पालन अवश्य करें. आपदा विभाग द्वारा भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है. बारिश के दौरान पेड़ के नीचे छिप जाते हैं. आकाशीय बिजली गिरना या कड़कना रोका नहीं जा सकता है. लेकिन, कुछ सावधानियां बरत कर कम-से-कम इससे होनेवाले नुकसान को काफी हद तक कम जरूर कर सकता है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Kaushal Kishor

Published by: Prabhat Khabar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >