कोरोना वायरस से लड़ने वाले स्वास्थ्यकर्मियों का अब ऐसा होगा मास्क, आईआईटी खड़गपुर ने किया तैयार

students of iit kharagpur designs mask for health workers fighting coronavirus कोलकाता : कोरोना वायरस (Coronavirus) से संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्यकर्मियों (Health Workers) के लिए सुरक्षात्मक उपकरणों की मांग तेजी से बढ़ रही है. इसलिए देश के प्रतिष्ठित संस्थान इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी खड़गपुर (Indian Institute of Technology Kharagpur) के कुछ विद्यार्थियों ने मिलकर कोविड-19 (COVID-19) से संक्रमित रोगियों का इलाज करने वाले और उनकी देखभाल करने वालों के लिए मास्क (Mask) का डिजाइन बनाया है.

कोलकाता : कोरोना वायरस (Coronavirus) से संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्यकर्मियों (Health Workers) के लिए सुरक्षात्मक उपकरणों की मांग तेजी से बढ़ रही है. इसलिए देश के प्रतिष्ठित संस्थान इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी खड़गपुर (Indian Institute of Technology Kharagpur) के कुछ विद्यार्थियों ने मिलकर कोविड-19 (COVID-19) से संक्रमित रोगियों का इलाज करने वाले और उनकी देखभाल करने वालों के लिए मास्क (Mask) का डिजाइन बनाया है.

आईआईटी खड़गपुर (IIT Kharagpur) के चिकित्सा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी स्कूल में शोधार्थी शांतनु धारा (Shantanu Dhara) और संगीता दास भट्टाचार्य (Sangeeta Das Bhattacharya) ने पारदर्शी शीट, स्पंज, फोल्डेड कागज, गत्ता, रबर बैंड और दोनों तरफ वाले (डबल साइड) टैप से मास्क का एक डिजाइन तैयार किया है. यह सभी सामान आमतौर पर घरों में होते हैं या फिर स्थानीय दुकानों पर मिल जाते हैं.

संस्थान ने एक बयान में कहा कि धारा और दास के मार्गदर्शन में आईआईटी खड़गपुर की एक टीम ने मास्क के ऐसे 14 प्रारूप (प्रोटोटाइप) दो घंटे में बनाये हैं और घर से ही काम करके ऐसे और प्रारूप बना रहे हैं. धारा ने कहा कि ऐसे समय में जब सुरक्षात्मक उपकरणों की मांग बढ़ गयी है, हम आसानी से इकट्ठा की जाने वाली सामग्री का इस्तेमाल करके हमारे स्वास्थ्यकर्मियों की सहायता के लिए प्रारूप लेकर आये हैं.

संस्थान ने कहा कि यह सभी प्रारूप हैं और किसी भी मेडिकल उत्पाद और उपकरण का कई चरणों में परीक्षण करने की जरूरत होती है और उनका इस्तेमाल करने से पहले उचित प्राधिकरण से प्रमाण पत्र चाहिए होता है. उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. यहां दो लोगों की मौत हो चुकी है और 20 संक्रमित लोगों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है.

इस बीच, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उन सभी डॉक्टरों, नर्सों, पुलिसकर्मियों, सफाई कर्मचारियों और अन्य लोगों का आभार व्यक्त किया, जो कोविड​​-19 के प्रसार से निबटने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं. ममता बनर्जी ने कहा कि इन लोगों को धन्यवाद देने के लिए कोई शब्द पर्याप्त नहीं, जो नि:स्वार्थ रूप से अपने कर्तव्य का पालन कर रहे हैं और साथी देशवासियों को प्रेरित कर रहे हैं.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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