पितरों की कृपा प्राप्त करने से जीवन में आती है सुख, समृद्धि
पितरों की कृपा बिना कुछ संभव नहीं है. उन्हें नमन कीजिए, प्रणाम कीजिए, स्तुति कीजिए, विश्वास कीजिए तो समझिये कि बाधा रहित जीवन का मार्ग वे स्वयं प्रशस्त कर देंगे. अतः अपने पितरों को तिलांजलि के साथ-साथ श्रद्धाजंलि करने से पितरों का विशेष आशीर्वाद मिलता है. पितरों के प्रसन्नता से गृहस्थ दीर्घायु, पुत्र-पौत्रादि, यश, स्वर्ग, पुष्टि, बल, लक्ष्मी, पशुधन, सुख-साधनतथा धन-धान्यादि की प्राप्ति होती है. आलय इस दिन मह (अर्थात्,आनन्द)-मय हो उठता है, महालया जो पितृ पक्ष की समाप्ति, देवी पक्ष की शुरूआत मानी जाती है, दुर्गतिनाशिनी, दशप्रहरणधारिणी, महाशक्ति स्वरूपिणी मां दुर्गा का आगमण होता है, पूर्वी भारत के सबसे बड़ा त्योहार श्री श्री दुर्गा पूजा के सात दिन पहले महिषासुरमर्दिनी मां दुर्गा के आगमन के सूचना है.