Navratri 2020 Pujan Samagri : आज मां ���्रह्मचारिणी की करें अराधना, यहां जानिए पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और मंत्र…

Shardiya Navratri 2020 Puja Vidhi, Pujam Samagri, Katha, Mantra, Shubh Muhurat, kalash Sthapana : शारदीय नवरात्र 2020 शनिवार से शुरू हो गई है. आज नवरात्र का दूसरा दिन है. इस दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है. इस नवरात्र का विशेष महत्व है. मां दुर्गा का आगमन शनिवार के दिन स्वर्ग से धरती पर हो गया है. हिंदू धर्म में इन नौ दिनों का बहुत अधिक महत्व होता है. नवरात्र में देवी के नौ रूपों की पूजा धूमधाम से की जाती हैं. हर एक दिन देवी के अलग-अलग रूप की उपासना करने से भक्त को आशीर्वाद मिलता है. मां दुर्गा के भक्तों को इसकी तैयारी एक दिन पहले ही करनी होगी. आइए यहां जानते है कि मां दुर्गा की पूजा करने के लिए किन-किन चीजों की जरूरत पड़ेगी जिससे मां दुर्गा की पूजा करने में किसी भी सामग्री की कमी नहीं होगी…

6:28 PM. 17 Oct 20 6:28 PM. 17 Oct

मां महागौरी

नवरात्र के आठवें दिन करें मां महागौरी की साधना- मिलेगा मनपसंद जीवन साथी व शीघ्र विवाह का बनेगा योग.

मंत्र : ॐ देवी महागौर्यै नमः॥

प्रार्थना

श्वेते वृषेसमारूढा श्वेताम्बरधरा शुचिः।

महागौरी शुभं दद्यान्महादेव प्रमोददा॥

स्तुति

या देवी सर्वभू‍तेषु माँ महागौरी रूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

6:28 PM. 17 Oct 20 6:28 PM. 17 Oct

मां कालरात्रि

नवरात्र के सातवें दिन मां कालरात्रि की साधना करने से व्यापार/रोजगार/सर्विस संबधी इच्छा पूर्ति होती है.

मंत्र : ॐ देवी कालरात्र्यै नमः॥

प्रार्थना

एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता।

लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्त शरीरिणी॥

वामपादोल्लसल्लोह लताकण्टकभूषणा।

वर्धन मूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयङ्करी॥

स्तुति

या देवी सर्वभू‍तेषु माँ कालरात्रि रूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

6:28 PM. 17 Oct 20 6:28 PM. 17 Oct

मां कात्यायनी

नवरात्र के छठे दिन मां कात्यायनी साधना- धर्म, काम एवं मोक्ष की प्राप्ति तथा भय का नाश होता है.

मंत्र : ॐ देवी कात्यायन्यै नमः॥

प्रार्थना

चन्द्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना।

कात्यायनी शुभं दद्याद् देवी दानवघातिनी॥

स्तुति

या देवी सर्वभू‍तेषु माँ कात्यायनी रूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

6:28 PM. 17 Oct 20 6:28 PM. 17 Oct

मां स्कंदमाता

नवरात्र के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की साधना करने से कुंठा, कलह एवं द्वेष से मुक्ति मिलती है.

मंत्र : ॐ देवी स्कन्दमातायै नमः॥

प्रार्थना

सिंहासनगता नित्यं पद्माञ्चित करद्वया।

शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी॥

स्तुति

या देवी सर्वभू‍तेषु माँ स्कन्दमाता रूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

6:28 PM. 17 Oct 20 6:28 PM. 17 Oct

मां कूष्माण्डा

मां कूष्माण्डा की साधना करने से आयु, यश, बल व ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है.

मंत्र : ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः॥

प्रार्थना

सुरासम्पूर्ण कलशं रुधिराप्लुतमेव च।

दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे॥

स्तुति

या देवी सर्वभू‍तेषु माँ कूष्माण्डा रूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

6:28 PM. 17 Oct 20 6:28 PM. 17 Oct

मां चंद्रघंटा

मां चंद्रघण्टा की साधना करने से पाप-ताप व बाधाओं से मुक्ति मिलती है.

मंत्र : ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः॥

प्रार्थना

पिण्डज प्रवरारूढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता।

प्रसादं तनुते मह्यम् चन्द्रघण्टेति विश्रुता॥

स्तुति

या देवी सर्वभू‍तेषु माँ चन्द्रघण्टा रूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

5:41 PM. 17 Oct 20 5:41 PM. 17 Oct

मां ब्रहा्रचारिणी

मां ब्रहा्रचारिणी की साधना करने से विजय एवं आरोग्य की होती है प्राप्ति.

मंत्र : ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः॥

प्रार्थना

दधाना कर पद्माभ्यामक्षमाला कमण्डलू।

देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥

स्तुति

या देवी सर्वभू‍तेषु माँ ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

5:41 PM. 17 Oct 20 5:41 PM. 17 Oct

मां शैलपुत्री

शैलपुत्री साधना करने से भौतिक एवं आध्यात्मिक इच्छा पूर्ति होती है.

मंत्र : ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः॥

प्रार्थना

सुरासम्पूर्ण कलशं रुधिराप्लुतमेव च।

दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे॥

स्तुति

या देवी सर्वभू‍तेषु माँ कूष्माण्डा रूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

पहले दिन का भोग

प्रथम नवरात्रि के दिन मां के चरणों में गाय का शुद्ध घी अर्पित करने से आरोग्य का आशीर्वाद मिलता है. तथा शरीर निरोगी रहता है

5:41 PM. 17 Oct 20 5:41 PM. 17 Oct

स्तोत्र पाठ

आपदुध्दारिणी त्वंहि आद्या शक्तिः शुभपराम्।

अणिमादि सिध्दिदात्री चंद्रघटा प्रणमाभ्यम्॥

चन्द्रमुखी इष्ट दात्री इष्टं मन्त्र स्वरूपणीम्।

धनदात्री, आनन्ददात्री चन्द्रघंटे प्रणमाभ्यहम्॥

नानारूपधारिणी इच्छानयी ऐश्वर्यदायनीम्।

सौभाग्यारोग्यदायिनी चंद्रघंटप्रणमाभ्यहम्॥

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5:41 PM. 17 Oct 20 5:41 PM. 17 Oct

देवी शैलपुत्री की पूजा के लिए मंत्र

ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः

वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्

वृषारुढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्

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4:55 PM. 17 Oct 20 4:55 PM. 17 Oct

मां चंद्रघंटा की आरती

नवरात्रि के तीसरे दिन चंद्रघंटा का ध्यान।

मस्तक पर है अर्ध चन्द्र, मंद मंद मुस्कान॥

दस हाथों में अस्त्र शस्त्र रखे खडग संग बांद।

घंटे के शब्द से हरती दुष्ट के प्राण॥

सिंह वाहिनी दुर्गा का चमके सवर्ण शरीर।

करती विपदा शान्ति हरे भक्त की पीर॥

मधुर वाणी को बोल कर सब को देती ग्यान।

जितने देवी देवता सभी करें सम्मान॥

अपने शांत सवभाव से सबका करती ध्यान।

भव सागर में फसा हूं मैं, करो मेरा कल्याण॥

नवरात्रों की मां, कृपा कर दो मां।

जय माँ चंद्रघंटा, जय मां चंद्रघंटा॥

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जानें माता शैलपुत्री की पूजा करने के लिए शुभ समय

1. अभिजित मुहूर्त सुबह 11 बजकर 41 मिनट से 12 बजकर 27 मिनट तक.

2. दिवस मुहूर्त दोपहर 12 बजे से 4 बजकर 30 मिनट तक.

3. सायंकालीन मुहूर्त शाम 6:00 बजे से 7 बजकर 30 मिनट तक.

4. रात्रिकालीन मुहूर्त रात्रि 9:00 बजे से 12 बजकर 04 मिनट तक.

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जानें वरात्र में किस दिन मां को कौन सा रंग है पसंद

नवरात्र के नौ दिनों तक दुर्गा नवरात्रि के समय हर दिन का एक रंग तय होता है. मान्यता है कि इन रंगों का उपयोग करने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है. आप भी जानिए नवरात्र में किस दिन मां को कौन सा रंग है पसंद

प्रतिपदा- पीला

द्वितीया- हरा

तृतीया- भूरा

चतुर्थी- नारंगी

पंचमी- सफेद

षष्टी- लाल

सप्तमी- नीला

अष्टमी- गुलाबी

नवमी- बैंगनी

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4:55 PM. 17 Oct 20 4:55 PM. 17 Oct

जानें माता शैलपुत्री मंत्र

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे ॐ शैलपुत्री देव्यै नम:।

ॐ शं शैलपुत्री देव्यै: नम:।ॐ शैलपुत्रै नमः।

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माता शैलपुत्री की पूजा विधि

आनवरात्रि प्रतिपदा के दिन कलश या घट स्थापना करें. इसके बाद दुर्गा पूजा का संकल्प लें. फिर माता दुर्गा के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा करें. मां को अक्षत्, सिंदूर, धूप, गंध, पुष्प आदि अर्पित करें. मां शैलपुत्री के मंत्रों का जाप करें. इसके बाद कपूर या गाय के घी से दीपक जलाएं. मां की आरती करें. शंखनाद के साथ घंटी बजाएं. मां को प्रसाद अर्पित करें. पूजा समाप्त होने के बाद घर में सभी को प्रसाद दें.

4:55 PM. 17 Oct 20 4:55 PM. 17 Oct

नव दुर्गा देवी के मंत्र

1. शैलपुत्री- ह्रीं शिवायै नम:।

2. ब्रह्मचारिणी- ह्रीं श्री अम्बिकायै नम:।

3. चन्द्रघण्टा- ऐं श्रीं शक्तयै नम:।

4. कूष्मांडा- ऐं ह्री देव्यै नम:।

5. स्कंदमाता- ह्रीं क्लीं स्वमिन्यै नम:।

6. कात्यायनी- क्लीं श्री त्रिनेत्रायै नम:।

7. कालरात्रि – क्लीं ऐं श्री कालिकायै नम:।

8. महागौरी- श्री क्लीं ह्रीं वरदायै नम:।

9. सिद्धिदात्री – ह्रीं क्लीं ऐं सिद्धये नम:।

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4:23 AM. 17 Oct 20 4:23 AM. 17 Oct

मां को पसंद है गुड़हल का फूल

दुर्गा देवी मां का प्रिय पुष्प गुड़हल है. गुड़हल का फूल चढ़ाने से भक्तों पर असीम अनुकंपा होती हैं. देवी पुराण में मां दुर्गा पर गुड़हल का पुष्प चढ़ाना बहुत लाभदायक है. गुड़हल के पुष्प में मां दुर्गा का विशेष वास माना जाता है.

5:38 PM. 16 Oct 20 5:38 PM. 16 Oct

इस दिन दूध से बनी चीजों का लगाए भोग

नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है. मां चंद्रघंटा को दूध और उससे बनी चीजों का भोग लगाएं और और इसी का दान भी करें. ऐसा करने से मां खुश होती हैं और सभी दुखों का नाश करती हैं.

4:36 PM. 16 Oct 20 4:36 PM. 16 Oct

मां शैलपुत्री को सफेद चीज हैं पसंद

नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है. मां शैलपुत्री को सफेद चीज पसंद है. इस दिन सफेद चीजों का भोग लगाया जाता है और अगर यह गाय के घी में बनी हों तो व्यक्ति को रोगों से मुक्ति मिलती है और हर तरह की बीमारी दूर होती है.

4:36 PM. 16 Oct 20 4:36 PM. 16 Oct

मां ब्रह्मचारिणी को मिश्री, चीनी और पंचामृत का लगाए भोग

नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है मां ब्रह्मचारिणी को मिश्री, चीनी और पंचामृत का भोग लगाया जाता है. इन्हीं चीजों का दान करने से लंबी आयु का सौभाग्य भी पाया जा सकता है.

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चौथे दिन मलपुए का लगाए भोग

नवरात्रि के चौथे दिन मां कुष्मांडा को मालपुए का भोग लगाएं. इसके बाद प्रसाद को किसी ब्राह्मण को दान कर दें और खुद भी खाएं. इससे बुद्धि का विकास होने के साथ-साथ निर्णय क्षमता भी अच्छी हो जाएगी.

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इस दिन केले का लगाए भोग

नवरात्रि के पंचमी तिथि के दिन पूजा करके भगवती दुर्गा को केले का भोग लगाना चाहिए और यह प्रसाद ब्राह्मण को दे देना चाहिए. ऐसा करने से मनुष्य की बुद्धि का विकास होता है.

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षष्ठी तिथि के दिन देवी चढ़ाएं मधु

नवरात्रि के षष्ठी तिथि के दिन देवी के पूजन में मधु का महत्व बताया गया है. इस दिन प्रसाद में मधु यानि शहद का प्रयोग करना चाहिए. इसके प्रभाव से साधक सुंदर रूप प्राप्त करता है.

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सप्तमी को मां कालरात्रि को गुड़ का नैवेद्य अर्पित करें

नवरात्रि के सप्तमी तिथि के दिन भगवती की पूजा में गुड़ का नैवेद्य अर्पित करके ब्राह्मण को दे देना चाहिए. ऐसा करने से व्यक्ति शोकमुक्त होता है.

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अष्टमी के दिन मां को नारियल का भोग लगाएं

नवरात्रि के अष्टमी के दिन मां को नारियल का भोग लगाएं. नारियल को सिर से घुमाकर बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें. मान्यता है कि ऐसा करने से आपकी मनोकामना पूर्ण होगी.

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नवमी तिथि पर मां को लगाएं विभिन्न प्रकार के अनाजों का भोग

नवमी तिथि पर मां को विभिन्न प्रकार के अनाजों का भोग लगाएं जैसे- हलवा, चना-पूरी, खीर और पुए और फिर उसे गरीबों को दान करें. इससे जीवन में हर सुख-शांति मिलती है.

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मां शैलपुत्री को सफेद चीजों का लगाएं भोग

मां शैलपुत्री को सफेद चीजों का भोग लगाया जाता है और अगर यह गाय के घी में बनी हों तो व्यक्ति को रोगों से मुक्ति मिलती है. ऐसा करने पर हर तरह की बीमारी दूर होती है.

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कल माता रानी की पूजा के लिए पूजन सामग्री की लिस्ट्र

कल माता रानी स्वर्ग से धरती पर पधार रही है. इनकी पूजा के लिए आज इन सामग्री की जरूर खरीदारी कर लें. लाल रंग की गोटेदार चुनरी, लाल रेशमी चूड़ियां, सिन्दूर, आम के पत्‍ते, लाल वस्त्र, लंबी बत्ती के लिए रुई या बत्ती, धूप, अगरबत्ती, माचिस, चौकी, चौकी के लिए लाल कपड़ा, नारियल, दुर्गासप्‍तशती किताब, कलश, साफ चावल, कुमकुम, मौली, शृंगार का सामान, दीपक, घी/तेल, फूल, फूलों का हार, पान, सुपारी, लाल झंडा, लौंग, इलायची, बताशे या मिसरी, कपूर, उपले, फल/मिठाई, चालीसा व आरती की किताब, देवी की प्रतिमा या फोटो, कलावा, मेवे.

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आचमन के लिए सामग्री और विधि

आचमन के लिए जल लें. श्री दुर्गा देवी वस्त्रम समर्पयामि – वस्त्र, उपवस्त्र चढ़ाएं।श्री दुर्गा देवी सौभाग्य सूत्रम् समर्पयामि-सौभाग्य-सूत्र चढाएं.

श्री दुर्गा-देव्यै पुष्पमालाम समर्पयामि-फूल, फूलमाला, बिल्व पत्र, दुर्वा चढ़ाएं.

श्री दुर्गा-देव्यै नैवेद्यम निवेदयामि-इसके बाद हाथ धोकर भगवती को भोग लगाएं.

श्री दुर्गा देव्यै फलम समर्पयामि- फल चढ़ाएं.

तांबुल (सुपारी, लौंग, इलायची) चढ़ाएं- श्री दुर्गा-देव्यै ताम्बूलं समर्पयामि। मां दुर्गा देवी की आरती करें.

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4:36 PM. 16 Oct 20 4:36 PM. 16 Oct

जानिए मंत्र पढ़ते हुए पूजा करने की विधि और पूजन सामग्री

‘श्री जगदम्बे दुर्गा देव्यै नम:।’ दुर्गादेवी-आवाहयामि! – फूल, चावल चढ़ाएं.

‘श्री जगदम्बे दुर्गा देव्यै नम:’ आसनार्थे पुष्पानी समर्पयामि।- भगवती को आसन दें। श्री दुर्गादेव्यै नम: पाद्यम, अर्ध्य, आचमन, स्नानार्थ जलं समर्पयामि। – आचमन ग्रहण करें.

श्री दुर्गा देवी दुग्धं समर्पयामि – दूध चढ़ाएं.

श्री दुर्गा देवी दही समर्पयामि – दही चढा़एं.

श्री दुर्गा देवी घृत समर्पयामि – घी चढ़ाएं.

श्री दुर्गा देवी मधु समर्पयामि – शहद चढा़एंश्री दुर्गा देवी शर्करा समर्पयामि – शक्कर चढा़एं.

श्री दुर्गा देवी पंचामृत समर्पयामि – पंचामृत चढ़ाएं.

श्री दुर्गा देवी गंधोदक समर्पयामि – गंध चढाएं.

श्री दुर्गा देवी शुद्धोदक स्नानम समर्पयामि – जल चढ़ाए.

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आज नारियल की खरीदारी जरूर करें

पवित्र और शुभ कार्यों का आरंभ करने में नारियल को जरूर रखा जाता है. मान्यता है नारियल में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का वास होता है. ऐसे में नवरात्रि पर कलश स्थापना के साथ लाल कपड़े में नारियल जरूर रखें.

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4:36 PM. 16 Oct 20 4:36 PM. 16 Oct

देवी मां को लाल गुड़हल का फूल है प्रिय

देवी दुर्गा को लाल गुड़हल का फूल बहुत ही प्रिय होता है. मान्यता है जो भी भक्त लाल गुड़हल का फूल देवी मां को अर्पित करता है, माता उसकी मनोकामना जरूर पूरी करती है. नवरात्रि पर लाल गुड़हल का फूल अवश्य अर्पित करना चाहिए.

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हवन सामग्री लिस्ट

हवन कुंड, आम की लकड़ी, पांच मेवा, घी, लोबान, काले तिल, चावल, जौ, धूप, गुगल, लौंग का जौड़ा, कमल गट्टा, सुपारी, कपूर जरूर रखें.

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जानें कलश स्थापना के लिए सामग्री और विधि

एक कलश लें. इस पर स्वस्तिक बनाएं. फिर मौली या कलावा बांधें. इसके बाद कलश को गंगाजल और शुद्ध जल से भरें. इसमें साबुत सुपारी, फूल और दूर्वा डालें. साथ ही इत्र, पंचरत्न और सिक्का भी डालें. इसके मुंह के चारों ओर आम के पत्ते लगाएं. कलश के ढक्कन पर चावल डालें. देवी का ध्यान करते हुए कलश का ढक्कन लगाएं. अब एक नारियल लेकर उस पर कलावा बांधें. फिर कुमकुम से नारियल पर तिलक लगाकर नारियल को कलश के ऊपर रखें. नारियल को पूर्व दिशा में रखें. नवरात्र के दौरान रोजाना इस पर फूलों का हार चढ़ाएं और तिलक लगाएं.

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10:31 AM. 16 Oct 20 10:31 AM. 16 Oct

पूजन सामग्री लिस्ट

लाल चुनरी, लाल वस्त्र, श्रृंगार का सामान, दीपक, घी/ तेल, धूप और अगरबत्ती, माचिस, चौकी, चौकी के लिए लाल कपड़ा, नारियल, कलश, चावल, कुमकुम, फूल, फूलों का हार, देवी की प्रतिमा या फोटो, पान, सुपारी, लाल झंडा, लौंग-इलायची, बताशे, कपूर, उपले, फल-मिठाई, कलावा और मेवे पूजा की सामग्री रखें.

10:31 AM. 16 Oct 20 10:31 AM. 16 Oct

घटस्थापना की विधि और पूजन सामग्री

एक मिट्टी का कलश लें. उसमें मिट्टी की एक मोटी परत बिछाएं. फिर जौ के बीज डालकर उसमें मिट्टी डालें. इस कलश को मिट्टी से भरें. इसमें इतनी जगह जरूर रखें कि पानी डाला जा सके. फिर इसमें थोड़े-से पानी का छिड़काव करें.

मुख्य बातें

Shardiya Navratri 2020 Puja Vidhi, Pujam Samagri, Katha, Mantra, Shubh Muhurat, kalash Sthapana : शारदीय नवरात्र 2020 शनिवार से शुरू हो गई है. आज नवरात्र का दूसरा दिन है. इस दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है. इस नवरात्र का विशेष महत्व है. मां दुर्गा का आगमन शनिवार के दिन स्वर्ग से धरती पर हो गया है. हिंदू धर्म में इन नौ दिनों का बहुत अधिक महत्व होता है. नवरात्र में देवी के नौ रूपों की पूजा धूमधाम से की जाती हैं. हर एक दिन देवी के अलग-अलग रूप की उपासना करने से भक्त को आशीर्वाद मिलता है. मां दुर्गा के भक्तों को इसकी तैयारी एक दिन पहले ही करनी होगी. आइए यहां जानते है कि मां दुर्गा की पूजा करने के लिए किन-किन चीजों की जरूरत पड़ेगी जिससे मां दुर्गा की पूजा करने में किसी भी सामग्री की कमी नहीं होगी…

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