Sagar Dhankar Murder Case: पहलवान सुशील कुमार पर हत्या का आरोप तय, रेसलर मर्डर केस में आया कोर्ट का फैसला

ओलंपिक पदक विजेता खिलाड़ी सुशील कुमार और अन्य 17 लोगों के खिलाफ हत्या, हत्या की कोशिश और आपराधिक साजिश रचने का आरोप तय हुआ है. सभी पर धारा 302, 307, 144 और 120वीं के तहत आरोप तय किया गया है.

दिल्ली की एक अदालत ने रेसलर सागर धनखड़ हत्या मामले में ओलंपिक पदक विजेता खिलाड़ी पहलवान सुशील कुमार सहित 17 लोगों के खिलाफ हत्या का आरोप तय कर दिया है.

सुशील कुमार और अन्य के खिलाफ इन धाराओं के तहत आरोप तय

ओलंपिक पदक विजेता खिलाड़ी सुशील कुमार और अन्य 17 लोगों के खिलाफ हत्या, हत्या की कोशिश और आपराधिक साजिश रचने का आरोप तय हुआ है. सभी पर धारा 302, 307, 144 और 120वीं के तहत आरोप तय किया गया है.

क्या है मामला

दो बार के ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार पर आरोप है कि उन्होंने अपने कुछ साथियों के साथ दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में पहलवान सागर धनखड़ के साथ मारपीट की. जिसके बाद अस्पताल में इलाज के दौरान पहलवान की मौत हो गई थी. बताया जाता है कि पहलवान सुशील कुमार और सागर धनखड़ के बीच दिल्ली के मॉडल टाउन इलाके में ओलंपिक मेडल विजेता खिलाड़ी के स्वामित्व वाले एक फ्लैट को लेकर विवाद हुआ था. जिसके बाद मारपीट की घटना को अंजाम दिया गया. जिसमें सागर धनखड़ की मौत हो गयी थी.

23 मई 2021 को पुलिस ने सुशील कुमार को गिरफ्तार किया था

सुशील कुमार को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 23 मई 2021 को दिल्ली के मुंडका इलाके से 19 दिन तक फरार रहने के बाद गिरफ्तार किया था.

सुशील कुमार का वीडियो हुआ था वायरल

पहलवान सागर धनखड़ के साथ मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था. जिसमें सुशील अपने हाथों में एक डंडा पकड़े हुए दिखाई दे रहे थे. वायरल वीडियो में धनखड़ को जमीन पर लेटा हुआ देखा जा सकता था. बाद में धनखड़ की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला था कि 23 वर्षीय की मौत किसी कुंद वस्तु से सिर पर चोट लगने से हुई थी. 04 मई को हुए विवाद में दो अन्य भी घायल हो गए थे.

दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम से सुशील कुमार की कैरियर की हुई थी शुरुआत, वहीं से गये जेल

पहलवान सुशील कुमार के करियर की शुरुआत दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम से हुई थी और वहीं से वह जेल भी गये. यहीं पर द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता सतपाल सिंह के देख-रेख में सुशील कुमार ने पहलवानी शुरू की थी और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पहलवानों में अपनी पहचान करा ली.

सुशील कुमार की कामयाबी की फेहरिस्त काफी लंबी

पहलवान सुशील कुमार की कामयाबी की फेहरिस्त काफी लंबी है. उन्होंने 2008 में बीजिंग ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था. उसके बाद 2012 लंदन ओलंपिक में उन्होंने भारत के लिए सिल्वर मेडल जीता. 2010 में दिल्ली में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने के बाद उन्होंने अपने गुरू सतपाल की बेटी से शादी की थी.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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