Rambha Teej Pujan 2022: इस दिन रखा जाएगा रंभा तीज व्रत, जानें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

Rambha Teej Pujan 2022: रंभा तृतीया का व्रत ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को रखा जाता है. इस बार यह व्रत 2 जून दिन गुरुवार को रखा जाएगा. इस व्रत के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग, विडाल योग का निर्माण हो रहा है.

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 31, 2022 2:44 PM

Rambha Teej Pujan 2022: सौंदर्य और सौभाग्य का व्रत रंभा तीज इस बार 2 जून को है. ज्येष्ठ माह (Jyeshta maah) के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को पड़ने वाला यह व्रत जातक के जीवन में प्रेम और सौभाग्य लाता है. ऐसी मान्यता है कि यह व्रत सुहागिन स्त्रियों के लिए विशेष रूप से फलदायी है. इस दिन अप्सरा रंभा (Apsara Rambha) के विभिन्न नामों की पूजा करने से व्यक्ति को सौभाग्य की प्राप्ति होती है, तो चलिए जानते हैं रंभा तीज (Rambha Teej) के दिन कैसे पूजा अर्चना करनी चाहिए और इसका क्या है महत्व.

रंभा तृतीया का व्रत ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को रखा जाता है. इस बार यह व्रत 2 जून दिन गुरुवार को रखा जाएगा. इस व्रत के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग, विडाल योग का निर्माण हो रहा है.

तृतीया तिथि का आरंभ- 1 जून बुधवार की रात में 09 बजकर 47 मिनट से
तृतीया तिथि समापन- 3 जून, शुक्रवार की रात 12 बजकर 17 मिनट पर

रंभा तीज का क्या है महत्व

इस दिन विधिपूर्वक पूजा पाठ करने से जीवन में खुशहाली आती है और दांपत्य जीवन भी अच्छा बना रहता है. यह व्रत पति की लंबी आयु के लिए सुहागिन स्त्रियां रखती हैं. वहीं, कुंआरी लड़कियां अच्छे वर की प्राप्ति के लिए करती हैं.

ऐसे करें रंभा पूजन

रंभा तीज के दिन सुबह स्नान आदि करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें. पूर्व दिशा की ओर मुंह करके बैठ जाएं और सूर्य देव की तरफ एक दीपक जलाएं. इस दिन सुहागिन महिलाएं मां लक्ष्मी और मां सती की विधि-विधान के साथ पूजा करती हैं. इस दिन सौभाग्य और सुंदरता की प्रतीक अप्सरा रंभा की पूजा करती हैं. इसलिए कई जगह पर चूड़ियों के जोड़ों को रंभा के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है.इतना ही नहीं, इस दिन रंभोत्कीलन यंत्र की भी पूजा की जाती है. अप्सरा रंभा को चंदन, फूल, फल आदि अर्पित किया जाता है. और मां समक्ष दीपक जलाएं. हाथ में गुलाबी रंग से रंगे अक्षत लेकर यंत्र पर इन मंत्रों का जाप करें.

  • ॐ दिव्यायै नमः

  • ॐ वागीश्चरायै नमः

  • ॐ सौंदर्या प्रियायै नमः

  • ॐ योवन प्रियायै नमः

  • ॐ सौभाग्दायै नमः

  • ॐ आरोग्यप्रदायै नमः

  • ॐ प्राणप्रियायै नमः

  • ॐ उर्जश्चलायै नमः

  • ॐ देवाप्रियायै नमः

  • ॐ ऐश्वर्याप्रदायै नमः

  • ॐ धनदायै धनदा रम्भायै नमः

संजीत कुमार मिश्रा

ज्योतिष एवं रत्न विशेषज्ञ

8080426594/9545290847