‘लाल बजरी के बादशाह’ राफेल नडाल ने विंबलडन या टोक्यो ओलंपिक (Rafael Nadal pulls out of Wimbledon and Tokyo Olympics) से हटने का ऐलान कर दिया है. उन्होंने इसके पीछे कारण अपनी शरीर को बताया.
फ्रेंच ओपन के सेमीफाइनल मुकाबले में नोवाक जोकोविच के हाथों मिली करारी हार के बाद नडाल के यह फैसला काफी चौकाने चाला है. न्यूज एजेंसी एएनआई के हवाले से खबर है कि नडाल ने बताया कि फ्रेंच और विंबलडन के बीच केवल दो हफ्ते का ही समय शेष रह गया है. वैसे में उन्हें आराम की शख्त जरूरत है. उन्होंने कहा, व्यस्त कार्यक्रम के बाद उनके शरीर को रिकवर करना आसान नहीं हुआ है. इसलिए उन्होंने विंबलडन और टोक्यो ओलंपिक से हटने का फैसला किया है.
20 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन नडाल ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से बड़ी घोषणा की और लिखा, यह एक आसान निर्णय नहीं है, लेकिन अपने शरीर को सुनने और अपनी टीम के साथ चर्चा करने के बाद मैं समझता हूं कि यह सही निर्णय है. उन्होंने कहा, उनका लक्ष्य अपने करियर को लंबा करना है.
गौरतलब है कि सर्बियाई स्टार नोवाक जोकोविच ने फ्रेंच ओपन टेनिस ग्रैंडस्लैम केसेमीफाइनल मुकाबले में ‘लाल बजरी के बादशाह’ राफेल नडाल को करारी शिकस्त दी थी. हालांकि जोकोविच ने पहला सेट नडाल के खिलाफ गंवा दिया था, लेकिन उसके बाद उन्होंने शानदार वापसी की और नडाल के 14वें फ्रेंच ओपन और रिकार्ड 21वें ग्रैंडस्लैम खिताब की उम्मीद को तोड़ दिया.
ऐसा माना जाता है कि नडाल को लाल बजरी पर हराना किसी के लिये आसान नहीं होता. इतिहास में केवल दो ही खिलाड़ी हैं जो ऐसा कर पाये हैं जिसमें जोकोविच ऐसा दो बार कर चुके हैं. जोकोविच ने नडाल को 58वीं भिड़ंत में 3-6, 6-3, 7-6 (4), 6-2 से हराया और टूर्नामेंट से बाहर कर दिया.
