एनईआर के लालकुआं, फर्रुखाबाद और कासगंज रेलवे स्टेशनों की बदलेगी सूरत, पीएम मोदी 6 अगस्त को करेंगे शिलान्यास

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत इज्जतनगर मंडल के लालकुआं, कासगंज और फर्रुखाबाद का कायाकल्प किया जाएगा. पीएम मोदी छह अगस्त को वीडियो कांफ्रेंसिग के जरिए शिलान्यास करेंगे.

Bareilly : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 508 रेलवे स्टेशन का रविवार सुबह वर्चुअल पुनर्विकास शिलान्यास करेंगे. इसमें पूर्वोत्तर रेलवे (एनईआर) के इज्जतनगर रेल मंडल की लालकुआं, फर्रुखाबाद,और कासगंज रेलवे स्टेशन शामिल हैं. अमृत योजना के तहत इज्जतनगर रेल मंडल की 17 स्टेशनों का चयन कर विकसित किया जा रहा है.

इनमें से कई स्टेशनों पर काम शुरू भी हो गया है, लेकिन प्रधानमंत्री रविवार सुबह नौ बजे लालकुआं, फर्रुखाबाद, और कासगंज रेलवे स्टेशन का वर्चुअल शिलान्यास करेंगे. एनईआर रेल प्रशासन ने पीएम के रेलवे स्टेशन के शिलान्यास की तैयारियां शुरू कर दी हैं.

यह मिलेंगी सुविधाएं

मंडल रेल प्रबंधक रेखा यादव ने बताया कि कासगंज स्टेशन को 33 करोड़, फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन 21 करोड़ और लालकुआं स्टेशन पर 24 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से पुनर्विकसित किया जा रहा है. इन स्टेशनों पर पूर्व में दी जा रही सुविधाओं को और बेहतर किया जाएगा. उन्होंने बताया कि पार्किंग से लेकर, बुकिंग एरिया में बैठने की व्यवस्था, फसाड लाइट, प्लेटफार्म चौड़ा व ऊंचा करना, साफ-सफाई, स्टेशनों पर वेटिंग रूम, जनसुविधा केंद्र, बागवानी विकास, हर प्लेटफार्म पर स्वचलित सीढ़ियां और लिफ्ट प्रस्तावित है. स्वचलित सीढ़ियां और लिफ्ट से दिव्यांगजनों को आसानी होगी.

सांसद-विधायक भी होंगे शामिल

इज्जतनगर रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि फर्रुखाबाद, कासगंज और लालकुआं में कार्यक्रम में स्थानीय विधायक, सांसद, स्वतंत्रता सेनानी आमंत्रित किए गए हैं. कार्यक्रम रविवार सुबह 9:00 से शुरू हो जाएगा.

बरेली की चौधरी तालाब क्रॉसिंग पर बनेगा अंडरपास

डीआरएम रेखा यादव ने बताया कि चौधरी तालाब रेलवे क्रॉसिंग बंद है. ओवरब्रिज से बड़े वाहन चलते हैं. जनप्रतिनिधियों द्वारा आग्रह किया गया था कि यहां पर अंडरपास भी बनाया जाए. यह प्रस्ताव रेल प्रशासन ने स्वीकृत कर दिया है, जल्द ही अंडरपास बनाने का कार्य शुरू हो जाएगा.

ऑनलाइन व्यवस्था, फिर भी महीनों नहीं जारी होती एनओसी

भूमिगत बिजली लाइन बिछाने संबंधी एनओसी रेलवे से महीनों नहीं मिलती हैं. इसको लेकर डीआरएम ने कहा कि व्यवस्था की गई है, जल्द ही महीनों पूर्वोत्तर रेल प्रशासन एनओसी जारी करेगा. हालांकि, इस मनमानी से पावर कॉरपोरेशन सबसे ज्यादा प्रभावित है. क्योंकि, उसके कई प्रोजेक्ट समय से एनओसी न मिलने से लंबित हो गए हैं. एयरफोर्स बरेली परिसर में विद्युतीकरण प्रोजेक्ट भी इससे प्रभावित हैं. ऐसे कई अन्य आवेदन पूर्वोत्तर रेलवे अधिकारी महीनों से अटकाए हुए हैं. इस पर डीआरएम ने बताया गया कि विभाग में सब कुछ ऑनलाइन और पारदर्शी है.

रिपोर्ट- मुहम्मद साजिद, बरेली

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By Sandeep kumar

Sandeep kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

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