Pakistan vs Australia U-19 : सेमीफाइनल में पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच मुकाबला, संभावित प्लेइंग 11

आज अंडर19 विश्वकप मुकाबले में पाकिस्तान का मुकाबला ऑस्ट्रेलिया से है और अगर आज पाकिस्तान की टीम मैच जीत जाती है, तो क्रिकेट प्रेमियों के लिए अंडर 19 विश्वकप का फाइनल मुकाबला बहुत ही रोचक हो जाएगा.

Pakistan vs Australia U-19 : भारत और पाकिस्तान के बीच विश्व कप में फाइनल मुकाबला देखने के इच्छुक फैंस के लिए आज का मैच बहुत महत्वपूर्ण है. आज अंडर19 विश्वकप मुकाबले में पाकिस्तान का मुकाबला ऑस्ट्रेलिया से है और अगर आज पाकिस्तान की टीम मैच जीत जाती है, तो क्रिकेट प्रेमियों के लिए अंडर 19 विश्वकप का फाइनल मुकाबला बहुत ही रोचक हो जाएगा. पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच आज खेले जाने वाले मैच की खास बातें इस प्रकार हैं-

प्लेइंग इलेवन में कौन-कौन हो सकते हैं शामिल

ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच आज खेले जाने वाले मैच में जो संभावित प्लेइंग इलेवन हो सकते हैं उनकी सूची इस प्रकार है-

पाकिस्तान: साद बेग (कप्तान , शमील हुसैन, शाहजेब खान, अजान अवैस, अहमद हुसैन, हारून अरशद, अराफत मिन्हास, अली अस्फंद, उबैद शाह, मोहम्मद जीशान और अली रजा.

ऑस्ट्रेलिया: ह्यूज वीबजेन (कप्तान), हैरी डिक्सन, सैम फोंस्टस, हरजस सिंह, रेयान हिक्स (विकेटकीपर), टॉम कैंपबेल, रफ मैकमिलन, हरकीरत सिंह बाजवा, चार्जी एंडरसन, माहली बीयर्डमैन और कैलम विडलर.

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लेखक के बारे में

Author: Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.

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