कोलकाता के अलीपुर चिड़ियाघर में दर्शकों की संख्या में कोई कमी नहीं आयी

no coronavirus effect at alipur zoo of west bengal. कोलकाता : कोरोना वायरस के खतरे के मद्देनजर पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित अलीपुर चिड़ियाघर में रोजाना आने वाले दर्शकों की संख्या में कोई स्पष्ट कमी नहीं आयी है. वैसे, वायरस का संक्रमण रोकने के लिए एहतियातन कदम उठाये जा रहे हैं. चिड़ियाघर के निदेशक आशीष कुमार सामंत ने सोमवार (16 मार्च, 2020) को बताया कि फरवरी में करीब 90 हजार लोग यहां आये, जबकि रविवार को भी चिड़ियाघर आने वालों की संख्या हजारों में रही.

कोलकाता : कोरोना वायरस के खतरे के मद्देनजर पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित अलीपुर चिड़ियाघर में रोजाना आने वाले दर्शकों की संख्या में कोई स्पष्ट कमी नहीं आयी है. वैसे, वायरस का संक्रमण रोकने के लिए एहतियातन कदम उठाये जा रहे हैं. चिड़ियाघर के निदेशक आशीष कुमार सामंत ने सोमवार (16 मार्च, 2020) को बताया कि फरवरी में करीब 90 हजार लोग यहां आये, जबकि रविवार को भी चिड़ियाघर आने वालों की संख्या हजारों में रही.

सामंत से जब पूछा गया कि क्या शहर के प्रमुख आकर्षणों में एक चिड़ियाघर में आने वाले दर्शकों की संख्या में कमी आयी है, तो उन्होंने कहा, ‘हमने कोई कमी नहीं देखी है.’ सामंत ने कहा, ‘हमने पिछले एक महीने से नियमित तौर पर जानवरों के बाड़ों के भीतर और बाहर वायरस रोधी दवाओं का छिड़काव कर रहे हैं, जबकि टिकट काउंटर और जांच चौकी पर तैनात कर्मचारियों को सैनीटाइजर और मास्क दिये गये हैं, क्योंकि वे लोगों के सीधे संपर्क में आते हैं.’

उन्होंने कहा, ‘अगर किसी में खांसी और छींक या फ्लू के गंभीर लक्षण दिखते हैं, तो उनसे उनके यात्रा इतिहास संबंधी जानकारी को लेकर सवाल किये जाते हैं.’ सामंत ने कहा, ‘लेकिन दिन में एक या दो मामले ही ऐसे आते हैं, जिनसे पूछताछ की जाती है. अभी तक कोई गंभीर मामला नहीं आया है, जिससे उसे पृथक किया जाये.’

उन्होंने कहा, ‘हम किसी भी स्थिति से निबटने के लिए तैयार हैं. आने वाले दिनों में दिशा-निर्देशों के अनुरूप कदम उठाये जायेंगे.’ उल्लेखनीय है कि केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण ने शुक्रवार को सभी चिड़ियाघरों को निर्देश दिया था कि कोरोना वायरस के मद्देनजर प्रवेश एवं निकास द्वार का विसंक्रमण सुनिश्चित किया जाये.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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