National Farmers Day 2023: मदर इंडिया से लेकर दो बीघा जमीन तक, इन फिल्मों को देख आंखों में आ जाएंगे आंसू

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National Farmers Day 2023: मदर इंडिया से लेकर दो बीघा जमीन तक, इन फिल्मों को देख आंखों में आ जाएंगे आंसू
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National Farmers Day 2023: मदर इंडिया से लेकर दो बीघा जमीन तक, इन फिल्मों को देख आंखों में आ जाएंगे आंसू

National Farmers Day: 23 दिसंबर को देश में राष्ट्रीय किसान दिवस मनाया जा रहा है. पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जन्मतिथि को किसान दिवस के रूप में मनाते हैं. बॉलीवुड में ऐसी कई फिल्में बनी है, जो किसान की जिंदगी पर बनी है. लिस्ट में दो बीघा जमीन, मदर इंडिया, उपकार जैसी फिल्में शामिल है.

मदर इंडिया महबूब खान द्वारा निर्देशित एक फिल्म है. यह एक किसान, राधा (नरगिस) की कहानी बताता है. राधा का पति कर्ज भुगतान करने के लिए काम करते हुए मर जाता है और कर्ज पूरा नहीं कर पाता.

फिल्म उपकर मनोज कुमार द्वारा निर्देशित है और ये साल 1967 है. फिल्म एक ग्रामीण किसान की कहानी बताती है जो अपने भाई को शिक्षित करने के लिए सब कुछ बलिदान करता है और अपने जीवन में कई कठिनाइयों का सामना करता है.

बिमल रॉय द्वारा निर्देशित और निरूपा रॉय और बलराज साहनी द्वारा अभिनीत फिल्म दो बीघा जमीन आज भी दर्शकों को याद है. फिल्म साल 1953 में रिलीज हुई थी.

फिल्म कड़वी हवा में संजय मिश्रा और रणवीर शोरे हैं. यह फिल्म एक गांव के एक अंधे किसान के बारे में है, जहां पिछले 15 वर्षों में बारिश के ना होने के कारण किसान हर दिन सुसाइड करते है.

फिल्म पीपली लाइव की कहानी बहुत इमोशनल करने वाला है. फिल्म की कहानी एक ऐसे शख्स के बारे में है, जो अपने खेत और परिवार को बचाने के लिए पैसे की कमी के कारण अपनी आत्महत्या की घोषणा करने का फैसला करता है.

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By Divya keshri

दिव्या केशरी एंटरटेनमेंट जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की एंटरटेनमेंट टीम की लीड के रूप में कार्यरत हैं. वह 2020 से प्रभात खबर डिजिटल से जुड़ी हुई हैं और तब से लगातार फिल्म, टीवी और ओटीटी इंडस्ट्री की खबरों को कवर कर रही हैं. उनके पास लगभग 8 साल का जर्नलिज्म एक्सपीरियंस है. एंटरटेनमेंट पत्रकारिता में उनकी मजबूत पकड़ फिल्म, वेब सीरीज, टीवी शो, बॉक्स ऑफिस, सेलिब्रिटी इंटरव्यू, बीटीएस अपडेट्स, थ्रोबैक स्टोरी, गॉसिप और ट्रेंडिंग एंटरटेनमेंट न्यूज पर है. उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर को आसान, भरोसेमंद और दिलचस्प अंदाज में पाठकों तक पहुंचाया जाए, ताकि पाठक सिर्फ जानकारी ही नहीं, बल्कि खबर से जुड़ाव भी महसूस करें.

शिक्षा और पत्रकारिता की शुरुआत

दिव्या केशरी ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से एडवरटाइजिंग एंड पब्लिक रिलेशंस में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ईटीवी भारत से की, जहां उन्हें अलग-अलग बीट्स पर काम करने का मौका मिला. इस दौरान उन्होंने कई स्पेशल स्टोरी और न्यूज पैकेज तैयार किए. झारखंड से जुड़ी कई अहम खबरों पर काम करते हुए उन्होंने रिसर्च और आसान भाषा में खबर लिखने की अपनी क्षमता को और मजबूत किया.

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दिव्या केशरी का मानना है कि एंटरटेनमेंट पत्रकारिता सिर्फ मनोरंजन की खबरें देना नहीं, बल्कि पाठकों तक सटीक, भरोसेमंद और रोचक जानकारी पहुंचाने की जिम्मेदारी भी है. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ है, जिसकी मदद से वह किसी भी खबर की गहराई तक पहुंचती हैं. वह SEO-ऑप्टिमाइज्ड, Google Discover फ्रेंडली और सरल भाषा में कंटेंट तैयार करती हैं, ताकि पाठकों को सही जानकारी आसानी से मिले और उनका पढ़ने का अनुभव बेहतर हो.

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