Mukesh Death Anniversary: एक प्यार का नगमा है से लेकर आवारा हूं तक, सुनें महान गायक मुकेश के ये 5 सदाबाहर गाने

Mukesh Death Anniversary: आज बॉलीवुड के दिग्गज गायक मुकेश हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन फैंस उन्हें भूले नहीं है. उनकी डेथ एनिवर्सरी पर आपको बताते है उनके ऐसे गाने, जिन्हें सुनकर आप उनकी आवाज में खो जाएंगे.

Mukesh Death Anniversary: महान बॉलीवुड गायक मुकेश के गाने आज भी हम गुनगुनाते हैं. उनके 22 जुलाई 1923 को मुकेश चंद्र माथुर के रूप में जन्मे सिंगर ने बॉलीवुड को कई ऐसे गाने दिए है, जिसे आज भी दर्शक सुनना पसंद करते है. मुकेश अभिनेता राज कपूर, मनोज कुमार, फ़िरोज खान, सुनील दत्त और दिलीप कुमार की आवाज़ के रूप में लोकप्रिय थे. आज उनकी डेथ एनिवर्सरी है. आज वो भले हमारे बीच नहीं है, लेकिन अपने गानों के जरिए वो हमेशा अमर रहेंगे. उन्होंने करीब 1300 गाने गाए हैं, जिसमें ज्यादातर पॉपुलर ही हुए है. ऐसे में आज के दिन इन 5 सदाबाहर गानों को सुनकर आप उनकी आवाज की जादू में खो सकते है.

1. यहां जाने-माने गायक मुकेश के 5 यादगार गाने हैं-

सावन का महीना

सावन का महीना

पवन करे शोर

सावन का महीना

पवन करे शोर

पवन करे सोर

पवन करे शोर

अरे बाबा शोर नहीं सोर

सोर सोर…

https://www.youtube.com/watch?v=aUNx5YQuX-Y

2. मेरा जूता है जापनी

मेरा जूता है जापानी, ये पतलून इंग्लिशतानी
सर पे लाल टोपी रूसी, फिर भी दिल है हिंदुस्तानी
मेरा जूता है जापानी, ये पतलून इंग्लिशतानी
सर पे लाल टोपी रूसी, फिर भी दिल है हिंदुस्तानी
मेरा जूता है जापानी

निकल पड़े हैं खुली सड़क पर
अपना सीना ताने, अपना सीना ताने
मंज़िल कहां, कहां रुकना है
ऊपर वाला जाने, ऊपर वाला जाने….

https://www.youtube.com/watch?v=5wjGc1zGWBc

3. आवारा हूं

आवारा हूं, आवारा हूं

या गर्दिश में हूं, आसमान का तारा हूं

घरबार नहीं, संसार नहीं

मुझसे किसीको प्यार नहीं

उस पार किसीसे मिलने का इकरार नहीं

सुनसान नगर, अन्जान डगर का प्यारा हूँ

आबाद नहीं बरबाद सही…

https://www.youtube.com/watch?v=VY1pWTek2sY

4. कहीं दूर जब दिन ढल जाए

कहीं दूर जब दिन ढल जाए

सांझ की दुल्हन बदन चुराए

चुपके से आए

मेरे ख़यालों के आंगन में

कोई सपनों के दीप जलाए, दीप जलाए

कहीं दूर …

कभी यूंहीं, जब हुईं, बोझल सांसें

भर आई बैठे बैठे, जब यूं ही आंखें

तभी मचल के, प्यार से चल के

छुए कोई मुझे पर नज़र न आए, नज़र न आए

कहीं दूर …

5. मेहबूब मेरे

मेहबूब मेरे मेहबूब मेरे

मेहबूब मेरे मेहबूब मेरे

तू है तो दुनिया कितनी हसीन हैं

जो तू नहीं तो कुछ भी नहीं हैं

मेहबूब मेरे मेहबूब मेरे

मेहबूब मेरे मेहबूब मेरे

तू है तो दुनिया कितनी हसीन हैं

जो तू नहीं तो कुछ भी नहीं हैं

मेहबूब मेरे

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लेखक के बारे में

Author: Divya Keshri

दिव्या केशरी प्रभात खबर डिजिटल में सीनियर कंटेंट राइटर और एंटरटेनमेंट टीम की लीड हैं। वह साल 2020 में प्रभात खबर डिजिटल से जुड़ी थीं और तब से लगातार एंटरटेनमेंट बीट पर काम कर रही हैं। पिछले 7 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय दिव्या ग्लैमर, सिनेमा, टीवी और OTT की दुनिया को करीब से कवर कर रही हैं। उनकी खास रुचि फिल्मों की थ्रोबैक स्टोरीज, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट, सेलिब्रिटी इंटरव्यू, BTS अपडेट्स, गॉसिप और टीवी-वेब सीरीज से जुड़ी खबरों में है। दिव्या ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से एडवरटाइजिंग एंड पब्लिक रिलेशंस में मास्टर्स किया है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ईटीवी भारत से की, जहां उन्हें हर बीट पर काम करने का मौका मिला। इस दौरान उन्होंने कई खास पैकेज तैयार किए और झारखंड से जुड़े अलग-अलग विषयों पर काम किया। खबरों को आसान और असरदार तरीके से पेश करना उन्होंने वहीं सीखा। इसके बाद दिव्या प्रभात खबर डिजिटल से जुड़ीं और अब एंटरटेनमेंट टीम को लीड कर रही हैं। फिल्मों, टीवी सीरियल्स और OTT प्लेटफॉर्म्स से जुड़े ट्रेंडिंग विषयों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। दिव्या का मानना है कि एंटरटेनमेंट की खबर सिर्फ जानकारी देने के लिए नहीं होती, बल्कि पाठकों से जुड़ने का माध्यम भी होती है। यही वजह है कि वह फिल्मों, टीवी और OTT से जुड़ी हर खबर को आसान, साफ और दिलचस्प अंदाज में लिखने की कोशिश करती हैं, ताकि पाठक खबर को सिर्फ पढ़ें नहीं, बल्कि उससे जुड़ाव भी महसूस करें। फिल्म रिव्यू, ट्रेलर एनालिसिस और बॉक्स ऑफिस रिपोर्टिंग उनके पसंदीदा विषयों में शामिल हैं।

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