नीदरलैंड की 29 वर्षीय मारिके लुकास रिजनेवेल्ड को मिला अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार

Marieke Lucas Rijneveld won International Booker Prize 2020 for The Discomfort of Evening : नीदरलैंड की 29 वर्षीय मारिके लुकास रिजनेवेल्ड अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार जीतने वाली सबसे कम उम्र की लेखक बन गई हैं. यह पुरस्कार मूल बुकर पुरस्कार से अलग है और इसका लक्ष्य विश्वभर में अच्छे उपन्यास के अधिक प्रकाशन और उसे पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है. रिजनेवेल्ड की किताब ‘द डिस्कम्फर्ट ऑफ इवनिंग’ को बुधवार को विजेता घोषित किया गया. यह ग्रामीण नीदरलैंड के एक कट्टर ईसाई समुदाय के एक किसान परिवार की कहानी है.

लंदन : नीदरलैंड की 29 वर्षीय मारिके लुकास रिजनेवेल्ड अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार जीतने वाली सबसे कम उम्र की लेखक बन गई हैं. यह पुरस्कार मूल बुकर पुरस्कार से अलग है और इसका लक्ष्य विश्वभर में अच्छे उपन्यास के अधिक प्रकाशन और उसे पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है. रिजनेवेल्ड की किताब ‘द डिस्कम्फर्ट ऑफ इवनिंग’ को बुधवार को विजेता घोषित किया गया. यह ग्रामीण नीदरलैंड के एक कट्टर ईसाई समुदाय के एक किसान परिवार की कहानी है.

नियमों के अनुसार पुरस्कार की ईनाम राशि 50,000 पाउंड लेखक और अनुवादक मिशेल हचिसन के बीच बराबर बंटेगी. इस साल 30 भाषाओं से अनुवाद की गई 124 किताबें दौड़ में थीं. यह पुरस्कार हर साल किसी भी भाषा के काल्पनिक कथा उपन्यास को दिया जाता है जिसका अनुवाद अंग्रेजी में हुआ है और प्रकाशन ब्रिटेन अथवा आयरलैंड में हुआ हो.

Also Read: सावधान! कोरोना आपके सभी अंगों को कर सकता है प्रभावित, जानें कैसे

Posted By : Rajnees Anand

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Agency

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >