दो भाइयों ने जन्मदिन नहीं मना कर गुल्लक के 9606 रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष में समर्पित किये, 14 अप्रैल को था नन्हें दानवीरों का जन्मदिन

कोरोना वायरस के संकट से पूरा देश जूझ रहा है. कोई दवा के लिए तरस रहा है, तो कोई रोटी के लिए. ऐसी घड़ी हर कोई मदद के लिए प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से आगे आ रहे हैं. ऐसे में बच्चों का आगे आकर मदद करना काफी सुखद है. 14 अप्रैल को जन्मदिन का उत्सव मनाने के लिए रखे गुल्लक के पैसे जरूरतमंदों की मदद के लिए बच्चों ने मुख्यमंत्री राहत कोष में दिये हैं. बच्चों द्वारा जन्मदिन का उत्सव नहीं मना कर राहत कोष में गुल्लक के पैसे दिये जाने की बात इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है.

बिक्रमगंज : कोरोना वायरस के संकट से पूरा देश जूझ रहा है. कोई दवा के लिए तरस रहा है, तो कोई रोटी के लिए. ऐसी घड़ी हर कोई मदद के लिए प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से आगे आ रहे हैं. ऐसे में बच्चों का आगे आकर मदद करना काफी सुखद है. 14 अप्रैल को जन्मदिन का उत्सव मनाने के लिए रखे गुल्लक के पैसे जरूरतमंदों की मदद के लिए बच्चों ने मुख्यमंत्री राहत कोष में दिये हैं. बच्चों द्वारा जन्मदिन का उत्सव नहीं मना कर राहत कोष में गुल्लक के पैसे दिये जाने की बात इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है.

जानकारी के मुताबिक, बिक्रमगंज निवासी अखिलेश कुमार के नौ वर्षीय पुत्र आदर्श कुमार और इनके भाई कमलेश कुमार के सात वर्षीय पुत्र कनिष्क कुमार का जन्मदिन 14 अप्रैल को था. दोनों बच्चों ने कोरोना संकट के दौर में जन्मोत्सव नहीं मनाने की बात अपने माता-पिता से कही. साथ ही मुख्यमंत्री राहत कोष में लोगों द्वारा आर्थिक मदद दिये जाने को देख कर अपने गुल्लक में जन्मदिन मनाने के लिए रखे पैसे को दान करने की बात कही.

बच्चों का कहना है कि हमारे गुल्लक के पैसे जरूरतमंदों के काम आ सके, तो इससे बड़ा उत्सव और क्या होगा. यही सोच कर हमने अपने-अपने माता-पिता से जन्मदिन के लिए रखे गुल्लक के पैसे दान करने की बात कही, जिसे हमारे माता-पिता ने स्वीकार कर लिया.

माता-पिता की सहमति मिलने पर नौ वर्षीय आदर्श कुमार और सात वर्षीय कनिष्क कुमार गुल्लक लेकर रोहतास जिलाधिकारी महोदय के निर्देश पर उपसमाहर्ता महोदय को भेंट करने सासाराम जिला मुख्यालय आये और मुख्यमंत्री राहत कोष में गुल्लक के पैसे जमा करा दिये. दोनों बच्चों के गुल्लक से कुल 9606 रुपये निकले. इसमें से आदर्श के गुल्लक से 3415 रुपये और कनिष्क के गुल्लक से 6191 रुपये निकले.

गुल्लक से निकले कुल 9606 रुपयों को जिलाधिकारी पंकज दीक्षित ने डिप्टी कलेक्टर अनु पांडेय द्वारा मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कराने का आदेश दिया. साथ ही जिलाधिकारी ने बच्चों द्वारा उठाये गये कदम और हौसले को समाज के लिए एक उदाहरण बताया. वहीं, डिप्टी कलेक्टर अनु दुबे ने बच्चों के कार्य और उत्साह के लिए उनके माता पिता को धन्यवाद दिया.

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Published by: Kaushal kishor

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