झारखंड: कुड़मियों का आंदोलन तीसरे दिन भी जारी, रेल-रोड जाम, थम गया एनएच-49

जाम में फंसे वाहन चालक परेशान हैं. ट्रेनों का परिचालन बंद होने के कारण इस मार्ग के सभी रेलवे स्टेशनों पर सन्नाटा पसरा हुआ है. इससे राजस्व की भी हानि हो रही है. ट्रेनों का परिचालन बंद होने से ट्रेन के तमाम फेरीवाले और छोटे-मोटे सब्जी विक्रेता और व्यापारी परेशान हैं.

बरसोल (पूर्वी सिंहभूम), गौरव पाल. कुड़मी समाज के बैनर तले कुड़मियों द्वारा घागार घेरा कर्मसूची के अंतर्गत पश्चिम बंगाल के खेमाशूली रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक और हाइवे जाम की स्थिति शुक्रवार को तीसरे दिन भी जस की तस है. आंदोलनकारी रेलवे ट्रैक और हाइवे पर जमे हुए हैं और हटने का नाम नहीं ले रहे हैं. रेल प्रशासन और पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा जाम को हटाने की दिशा में अब तक कोई पहल नहीं की गयी है. जाम स्थल से वाहनों की लाइन करीब 52 किमी दूर खांडामौदा तक पहुंच गयी है. एनएच-49 थम सा गया है. विभिन्न होटलों और ढाबों के पास वाहनों का लाइन लगी है. सब्जी का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है. पश्चिम बंगाल और झारखंड के मुख्य शहरों में सब्जियों की आपूर्ति नहीं हो पा रही है. जाम में फंसे वाहनों पर लदे प्याज सड़ने लगे हैं. हाइवे-49 पर जाम के कारण पश्चिम बंगाल जाने वाले सब्जी, प्याज, फल और दूध जैसी वस्तुओं से लदे वाहन वापस लौट रहे हैं. बहरागोड़ा से अनेक वाहन वापस लौट रहे हैं.

बनाया व्हाट्सएप ग्रुप, जारी किया गूगल पे नंबर

आंदोलनकारियों द्वारा आंदोलन में सहयोग करने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है. इसमें बताया गया है कि आंदोलन का नेतृत्व करने वाले राजेश महतो, अजीत महतो, तरुण महतो आदि को सहयोग करने के लिए फोन पे और गूगल पे से राशि भेजी जाए. इसके लिए एक फोन नंबर जारी किया गया है. जानकारी के मुताबिक सहयोग के रूप में काफी सहयोग राशि भेजी जा रही है. मौके पर बहरागोड़ा बरसोल से कलन महतो, अजीत महतो, सुखदेव महतो, सितु महतो, मनोरंजन महतो, नेपाल महतो, राजू महतो, हेमंत महतो, हरिपद महतो एवं अन्य महतो समाज के लोग शामिल हुए.

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ढाबा में महंगा मिल रहा भोजन

जाम में फंसे वाहन चालक परेशान हैं. ट्रेनों का परिचालन बंद होने के कारण इस मार्ग के सभी रेलवे स्टेशनों पर सन्नाटा पसरा हुआ है. इससे राजस्व की भी हानि हो रही है. ट्रेनों का परिचालन बंद होने से ट्रेन के तमाम फेरीवाले और छोटे-मोटे सब्जी विक्रेता और व्यापारी परेशान हैं. ट्रक चालक मनोज यादव, रतन सिंह, कबीर यादव, कांचन पटेल, रोहित दास आदि ने बताया कि सिर्फ यही नहीं बंगाल बॉर्डर से खांडामौदा तक लगभग सभी होटल तथा ढाबों में जहां पहले 70 से 80 रुपये में चार रोटी व सब्जी तथा 100 से 120 रुपये में दोपहर का चावल, दाल, दो सब्जी मिलता था, वहीं इन दिनों चार रोटी और सब्जी 130 से 150 रुपये व दोपहर का भोजन 200 से 250 रुपये तक देना पड़ रहे हैं. इसमें ट्रक चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

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बढ़ सकती है परेशानी

जगन्नाथपुर के होलसेल व्यवसाई राम कृष्णा भद्र ,माणिक पाइकिरा,मनोज दास ने बताया कि आलू,प्याज की खपत अभी तक नहीं हुई है क्योंकि बीनपुर, झाड़ग्राम, चिचिड़ा होते हुए जगन्नाथपुर, खंडमौदा व बहरागोड़ा तक सामान पहुंच जा रहा है, लेकिन अगर यही स्थिति 5 से 7 दिन तक रही, तो सभी सामान खत्म हो सकता है. अंडा, तेल, मसाला सभी सामान खड़कपुर से आता था. अभी सामान अभी नहीं आ रहा है. जो भी स्टॉक है, उसी से काम चलाया जा रहा है.

जस्टिफिकेशन बिल केंद्र सरकार को भेजे सरकार

कुड़मियों के मुख्य वक्ता अजीत प्रसाद महतो ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि पिछले कई वर्षों से बंगाल सरकार ने धोखे में रखा है. सिर्फ एक छोटा सा जस्टिफिकेशन बिल भी अभी तक केंद्र सरकार के पास नहीं भेजा गया है. पिछली बार 20 सितंबर से 25 सितंबर तक जब हम लोग खेमाशूली में इसी तरह बंद किया गया था. तब बंगाल सरकार द्वारा बताया गया था कि एक महीना के अंदर जस्टिफिकेशन बिल को केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा और कुड़मियों की मांग पर विचार विमर्श किया जाएगा, लेकिन उसके बाद ना ही कोई विचार विमर्श हुआ और ना ही जस्टिफिकेशन बिल को भेजा गया. जस्टिफिकेशन बिल को केंद्र सरकार के पास भेजने पर ही बंद बापस लेंगे.

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