प्रो दिनेश दिनमणि की खोरठा कविताएं

प्रभात खबर के दीपावली विशेषांक में प्रकाशित प्रो दिनेश दिनमणि की दो खोरठा कविताएं आप यहां पढ़ें…

आदमी की हके?

आदमी

अबूझ बुझवइल हके।

अजगुतेक भाँड़ार हके।

महकइत फुलेक ओंजरा हके,

दंगरल-लहकल आँगरा हके।

आदमी

आदमी के

आदमी बनवल हइ,

गुफा-खोह से निकाइल

सरग देखवल हइ।

आदमी

आदमी के

अदभुत पाइँख देलइ

गेयानेक अनइत आकास

अनगइन ठोठा-ठाँव देलइ।

अजगुत, बेपतियारी

सुँदर-सुँदर कलाक

अठेल उपहार देलइ

भयारेक गढ़िया नजइर

बिसय बेसुमार देलइ।

आदमी

सिरजवइया –

मोनालिसा के

नास करवइया-

नागासाकी-हिराशिमा के

वूहान के

अटुत महीन महादेइत के

जनम देवइया आदमी

आपन गरदनें

टाँगा चलवइया आदमी!

मुस्कानेक फुलेक मनमोहवा

बगइचा लगवइत आदमी

निस्ठुर बइन

दरद दइ

लोरेक समुदर बनवइत आदमी!

ढाँगा इंसानी सफरेक बादो

अड़गुड़ हइ, बुझा दाय

आदमी की हके

कोन मोहड़ा टा

ओकर असली हके!

गाय गाय हवे हे

साँप साँप हवे हे;

मकिन,

पइत आर सदाय

आदमी

आदमी नायँ हवे हे।

कालेक चाक

काल

एगो अनदेखा आयाँ

आबगा

निरपेछ,

बेबिबादी सच।

अखँड़

लगस्तर गतिमान!

हिटलर हवे चाहे सिकंदर

चाहे कोनो महा जोधा

ना बाँधे पारल

ना केउ रोके पारल।

कालेक गतिक बिस्तार

चाँकेक आविस्कार

चाँद लोकेक चहँटान

मंगल गरहेक खोजाइर

धरतिक हुइलें महाविस्फोट!

सागरेक तर ले

आकासेक सीमा।

गरह-नछतरेक

अड़गुड़-अनबुझ

भेउ टोवेक ताकतरम।

कालेक टेप के

नाय हवे पारे ठेकान!

‘से’ के ओर ना ‘तइक’ के पुथान।

से अनजान

तइक अनपुरवा…

भूत चइल गेल धूर

बरतमान जाहे फुचकल

भविसत देखाइ के झलक

बइन जाहे भूत।

काल –

एगो भाव

ना समटाइ

ना फइलाव

कालेक सगर

गड़कइत रहे

घरी सगर

मकिन देखाइ नाय

ओकर चाक

सिरिफ हवे फहम

ओकर चिन्हा

ओकर रेघा।

चिसल जाहे ऊ

कएक देखनउट छाप

आर्यभट्ट-आइंस्टिन

एडीसन-हॉकिन्स

टॉल्सटॉय-प्रेमचंद

गाँधी-अंबेदकर……..

सब के सब

काल-चाकेक

दगदगिया चिन्हाइ तो हके!

ओकरे छापल अनमेट

छापाइ तो हके!!

प्रो दिनेश दिनमणि, उप सचिव- खोरठा साहित्य संस्कृति परिषद, पता : बराडीह, जैनामोड़, बोकारो

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लेखक के बारे में

By Mithilesh jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबा अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं.

अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है.

वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं.

भौगोलिक विशेषज्ञता : वर्तमान में उनका फोकस पश्चिम बंगाल है. उन्होंने झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा की खबरों पर भी काम किया है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है.

मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :-

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