Kangana Ranaut ने INDIA vs भारत विवाद पर तोड़ी चुप्पी, कहा- जब मैं इंडिया कहता हूं तो मुझे इससे नफरत….

कंगना रनौत ने इंडिया वर्सेज भारत बहस पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यह व्यक्तिगत पसंद का मामला है. अभिनेत्री ने इसके पीछे के ऐतिहासिक महत्व को भी समझाया. उन्होंने स्वीकार किया कि पहले वह भारतीय दिखने से बचने की कोशिश करती थी, लेकिन अब वह अपनी संस्कृति को अपनाती है और साड़ियां पहनती है.

बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत अपनी बेबाक अंदाज के लिए जानी जाती हैं. एक्ट्रेस हर किसी मुद्दे पर बोलेने से बचती नहीं है. अब उन्होंने इंडिया वर्सेज भारत पर अपनी चुप्पी तोड़ी है.

टाइम्स नाउ के साथ एक इंटरव्यू में, कंगना ने खुलासा किया कि पहले वह भारतीय दिखने से बचने के लिए शॉर्ट्स और वेस्टर्न ड्रेसेज पहनती थी. उस समय मैं भारतीय के अलावा कुछ भी दिखना चाहती थी.

एक्ट्रेस ने आगे कहा, ऐसा इसलिए था, क्योंकि तब हमारे देश को एक गरीब देश माना जाता था. अब मुझे अपनी संस्कृति पर गर्व है और अब मुझे साड़ी पहनने का मन करता है.’

इसलिए, जब आपको अपनी संस्कृति के महत्व का एहसास होता है, तो आपके पास इसे अपनाने का विकल्प होता है. हमारा देश उच्च विवेक की ओर जा रहा है, जहां नागरिक वह बनना चुन सकते हैं, जो वे बनना चाहते हैं. किसी को भी इन्हें आप पर थोपने की जरूरत नहीं है.

आगे विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा, “मुझे अब भारत कहना बेहतर लगता है, लेकिन कई बार मैं इंडिया कहती हूं, जब जुबान फिसल जाती है. मुझे इससे नफरत नहीं है, न ही मैं इससे घृणा करती हूं. वह भी हमारा अतीत है.” अभिनेत्री ने यहां तक ​​कहा कि वह राजनीतिक रूप से जागरूक व्यक्ति नहीं हैं और उन्होंने यह भी कहा कि वह खबरें भी नहीं देखती हैं.

इससे पहले कंगना ने अपना दो साल पुराना इंटरव्यू शेयर किया था, जिसमें उन्होंने भारत का नाम बदलने की भविष्यवाणी की थी. उन्होंने लिखा, “और कुछ लोग इसे काला जादू कहते हैं… यह बस ग्रे मैटर है हनी (मुस्कुराते चेहरे का इमोटिकॉन) सभी को बधाई!! एक गुलाम नाम से मुक्त हो गए… जय भारत.”

अपने हालिया पोस्ट में, उन्होंने वर्षों से नामों का विस्तृत इतिहास साझा किया. उन्होंने लिखा, “इस नाम में प्यार करने जैसा क्या है? सबसे पहले तो वे ‘सिंधु’ का उच्चारण नहीं कर सके, तो उनको बिगाड़ के ‘सिंधु’ कर दिया. फिर कभी हिंदोस कभी इंदोस कुछ भी गोल मोल करके इंडिया बना दिया??

उन्होंने आगे कहा, ‘भारत नाम भी इतना सार्थक है, तो इंडिया का मतलब क्या है? मैं जानती हूं कि वे रेड इंडियन कहते थे, क्योंकि पुरानी अंग्रेजी में इंडियन का मतलब सिर्फ एक गुलाम होता था, उन्होंने हमें इंडियन नाम दिया, क्योंकि वह हमारी नई पहचान थी, जो हमें अंग्रेजों ने दी थी. पुराने ज़माने की डिक्शनरी में भी इंडियन का मतलब गुलाम बताया जाता था, हाल ही में इसे बदल दिया गया है. यह भी हमारा नाम नहीं है, हम भारतीय हैं”

इस बीच, वर्कफ्रंट की बात करें तो, उनकी झोली में कुछ दिलचस्प प्रोजेक्ट हैं जिनमें ‘चंद्रमुखी 2’, ‘इमरजेंसी’, ‘मणिकर्णिका: द लीजेंड ऑफ दिद्दा’, ‘सीता: द इनकारनेशन’ और ‘तेजस’ शामिल हैं.

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लेखक के बारे में

Published by: Ashish lata

आशीष लता हिंदी डिजिटल मीडिया की अनुभवी पत्रकार और कंटेंट स्ट्रेटेजिस्ट हैं. पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट इंडस्ट्री में उन्हें 8 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है. फिलहाल वह प्रभात खबर में सीनियर कंटेंट राइटर और एंटरटेनमेंट हेड के तौर पर काम कर रही हैं. यहां वह बॉलीवुड, टेलीविजन, ओटीटी, वेब सीरीज, बॉक्स ऑफिस, सेलिब्रिटी इंटरव्यू, एंटरटेनमेंट ट्रेंड्स और प्रीमियम डिजिटल कंटेंट पर फोकस करती हैं.

एंटरटेनमेंट जर्नलिज्म हमेशा से उनकी सबसे पसंदीदा बीट रही है. फिल्मों से लेकर टीवी, ओटीटी और सेलिब्रिटी वर्ल्ड तक, हर बड़ी और छोटी अपडेट पर उनकी पैनी नजर रहती है. उन्होंने बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री की थ्रोबैक स्टोरीज, BTS (Behind The Scenes) अपडेट्स, सेलिब्रिटी लाइफस्टाइल, वायरल मोमेंट्स, वेब सीरीज रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट्स और एक्सक्लूसिव एंटरटेनमेंट स्टोरीज पर लगातार काम किया है. ट्रेंडिंग टॉपिक्स को ऑडियंस की पसंद के साथ जोड़कर आसान और दिलचस्प अंदाज में पेश करना उनकी सबसे बड़ी ताकत है. उनकी राइटिंग में फैक्ट्स, इनसाइट्स और एंटरटेनमेंट का ऐसा बैलेंस देखने को मिलता है, जो यूजर्स को सिर्फ जानकारी ही नहीं देता, बल्कि उन्हें आखिर तक पढ़ने के लिए भी जोड़े रखता है.

पत्रकारिता अनुभव

पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने प्लस न्यूज से की, जहां बिहार में एंकर और रिपोर्टर के रूप में काम करते हुए कई महत्वपूर्ण ग्राउंड रिपोर्ट्स तैयार कीं. फील्ड रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने कई वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों के इंटरव्यू भी किए. इसके बाद उन्होंने एबीपी न्यूज और ईटीवी भारत जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी अलग-अलग भूमिकाओं में अपनी सेवाएं दीं.

शिक्षा

आशीष लता ने पटना विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन और माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. फैक्ट-बेस्ड रिपोर्टिंग, रिसर्च और जर्नलिज्म के 5Ws + 1H सिद्धांतों पर उनकी मजबूत पकड़ है. यही वजह है कि उनका कंटेंट भरोसेमंद, संतुलित और पाठकों के लिए उपयोगी माना जाता है.

संपर्क : ashish.lata@prabhatkhabar.in

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