RTI में खुलासा : जींद में कृषि विभाग ने चार महीने में समोसे लड्डू पर फूंक दिया 40 लाख

हरियाणा के jind में कृषि विभाग ने प्रदूषण जागरुकता कार्यक्रम के बहाने 40 लाख रूपये समोसा और लड्डू पर फूंक दिया. यह खुलासा होते ही राज्य की राजनीतिक गर्माहट बढ़ गयी है. हालांकि विभाग ने इसका खंडन किया है.

जींद : हरियाणा के जींद में कृषि विभाग ने प्रदूषण जागरुकता कार्यक्रम के बहाने 40 लाख रूपये समोसा और लड्डू पर फूंक दिया. यह खुलासा होते ही राज्य में राजनीतिक गर्माहट बढ़ गयी है. हालांकि विभाग ने इसका खंडन किया है.

RTI जानकारी के अनुसार विभाग ने किसानों को इन पैसे से खाना और मिठाई खिलायी है. विभाग के अनुसार उन्होंने गांव-गांव जाकर किसानों को जागरुक किया गया है. विभाग ने हर गांव में 2 बार मीटिंग ली, टैंट लगवाया, किसानों को इकट्ठा किया. किसान को एक समोसा, 2 लड्डू और 2 गुलाब जामुन खिलाये गये, जिन पर प्रति किसान 57 रुपये खर्चा किया गया. किसान को जो खाना खिलाया गया बिल में उसे 120 प्रति किसान दिखाया गया है.

टैंट लगाने में पांच लाख खर्च– विभाग से मिली जानकारी के अनुसार गांव-गांव में टैंट लगाने पर विभाग ने पांच लाख रूपये खर्च कर दिये. याचिकाकर्ता ने इसपर सवाल उठाते हुए गृहमंत्री अमित शाह से शिकायत करने की बात कही है.

प्रदूषण में फिर भी फीसदी- कृषि भाग ने ये खर्चा जुलाई 2018 से लेकर अक्टूबर 2018 तक किया. उस समय प्रदूषित शहरों में जींद विश्व भर में 20 वे स्थान पर था. एक तरफ विभाग प्रदूषण कम करने के लिए किसानों को गुलाब जामुन खिला रहा था तो दूसरी और जींद प्रदूषित शहरों में छलांग लगाते हुए इस साल 17वें स्थान पर पहुंच गया है.

पहले भी हुए हैं कई खुलासा- हरियाणा में इस तरह की चौंकाने वाली घटना नई नयी है. पहले भी विभागों द्वारा कई फर्जीवाड़े किये हैं. पिछले साल ही राज्य के मंत्री विधायकों की ट्रैवलिंग अनाउंस में धांधली की जानकारी आरटीआई से आयी थी, जिसके बाद सरकार को बैकफुट पर जाना पड़ा था.

एक किसान पर 57 रुपये खर्च- कृषि विभाग ने जो जानकारी दी है, उसके मुताबिक विभाग ने जागरुकता कार्यक्रम के दौरान प्रत्येक किसान पर 57 रूपये खर्च किया. वहीं विभाग ने 10 किसानों पर यह रकम खर्च किया.

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Published by: Avinishkumar mishra

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