बंदगांव (पश्चिमी सिंहभूम), अनिल तिवारी : पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा से 68 किलोमीटर दूर सारंडा के जंगलों में है हिरनी जलप्रपात. बारिश के दिनों में इस जलप्रपात की सुंदरता देखते ही बनती है. 121 फीट की ऊंचाई से गिरती पानी की धारा पर्यटकों को बरबस अपनी ओर आकर्षित करता है. पहाड़ी पर जाने के लिए सीढ़ी बनी हुई है, जहां से आप नदी का मार्ग देख सकते हैं. यहां एक व्यू प्वाइंट भी बनाया गया है. यह इलाका रांची के पठार पर अवस्थित एक गांव हिरणी में है. इस कारण इस जलप्रपात को हिरणी जलप्रपात कहा जाता है. दिसंबर और जनवरी महीने में यहां पर्यटकों की खूब भीड़ उमड़ती है. सीढ़ियों से चढ़ कर झरने के ऊपर से नीचे का दृश्य देखना बेहद रोमांचकारी है. यहां की प्राकृतिक खूबसूरती और शांतिपूर्ण वातावरण पर्यटकों का मन मोह लेते हैं. इधर, लगातार बारिश से पहाड़ी नदियां भर गई हैं. इस कारण सुरक्षा की दृष्टि से किसी को भी हिरणी फॉल की ओर नहीं जाने दिया जा रहा है.
VIDEO: बारिश में हिरणी जलप्रपात का देखिए आकर्षक और रोमांचकारी दृश्य

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पश्चिमी सिंहभूम का हिरणी जलप्रपात बारिश के दिनों में उफान पर है. इनदिनों पहाड़ी नदियां पानी से लबालब है. सारंडा के जंगल में अवस्थित हिरणी फॉल आकर्षक और रोमांचकारी है. बारिश के दिनों में पानी अधिक रहने से यहां का दृश्य अद्भुत है. रामगढ़ नदी की धारा जब पठारों से गिरती है, तो सुंदर जलप्रपात बनाती है.