Jharkhand News : लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे 105 जोड़ों का खूंटी में हुआ सामूहिक विवाह, देखें Pics

Jharkhand News, Khunti News : निमिता संस्था और खूंटी जिला प्रशासन के द्वारा रविवार (28 फरवरी, 2021) को लिव इन रिलेशन (आदिवासी समाज में ढुकू परंपरा) में रहने वाले 105 जोड़ों की सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन हुआ. मौके पर केंद्रीय ग्रामीण विकास विभाग के सचिव एनएन सिन्हा, डीसी शशि रंजन समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे. अबतक 629 जोड़ों का हो चुका है विवाह.

Jharkhand News, Khunti News, खूंटी (चंदन कुमार) : लिव इन रिलेशनशिप यानी आदिवासी समाज में इसे ढुकू परंपरा कहा जाता है. इसी कड़ी में खूंटी में रविवार को आदिवासी समाज से जुड़े 105 जोड़ों का सामूहिक विवाह हुआ. इस कार्यक्रम की खासियत यह रही है कई ऐसे जोड़े भी दिखें, जो बच्चों को साथ लेकर एक-दूसरे को वरमाला पहनाये. मौके पर केंद्रीय ग्रामीण विकास विभाग के सचिव एनएन सिन्हा ने कहा कि झारखंड में करीब 5 लाख ऐसे जोड़े हैं. उन्होंने उम्मीद जतायी कि राज्यपाल की नजर पड़ने के बाद अब सरकार भी इस ओर कोई नीति बनायेगी.

निमिता संस्था और खूंटी जिला प्रशासन के द्वारा रविवार (28 फरवरी, 2021) को लिव इन रिलेशन (आदिवासी समाज में ढुकू परंपरा) में रहने वाले 105 जोड़ों की सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन हुआ. मौके पर केंद्रीय ग्रामीण विकास विभाग के सचिव एनएन सिन्हा, डीसी शशि रंजन समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे. अबतक 629 जोड़ों का हो चुका है विवाह.

खूंटी डीसी शशि रंजन ने कहा कि लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़ों को सामाजिक के साथ- साथ सरकारी स्तर पर भी समस्या होती है. उन्हें कई प्रकार के लाभ नहीं मिल पाते हैं. इसे देखते हुए नवविवाहितों का शादी का रजिस्ट्रेशन, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना और आधार कार्ड बनाने का काम किया जा रहा है. मौके पर एसपी आशुतोष शेखर, डीडीसी अरूण कुमार सिंह, एसडीओ हेमंत सती और सभी अधिकारी तथा संस्था की सचिव निकिता सिन्हा, जवाहर मिश्र, रणधीर कुमार, नितेश चौधरी, सरोजिनी सहित अन्य उपस्थित थे.

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अबतक 629 जोड़ों का हो चुका है विवाह

निमिता संस्था की सचिव निकिता सिन्हा ने बताया कि संस्था द्वारा रिलेशनशिप में रहने वाले 629 जोड़ों का विवाह अब तक कराया जा चुका है. अगले वर्ष 5 हजार जोड़ों का सामूहिक विवाह करने का लक्ष्य है. उन्होंने कहा कि जिले में ऐसे जोड़ों की संख्या डेढ़ लाख तक हो सकती है. ढुकू परंपरा सिर्फ आदिवासी में नहीं है बल्कि क्षेत्र के हिंदू और ईसाई समुदाय में भी है.

सरना विधि से हुआ विवाह

सभी जोड़े आदिवासी थे. उनका सरना विधि के द्वारा विवाह संपन्न कराया गया. इसमें कई बुजुर्ग जोड़े भी थे. वहीं, कई अपने बच्चों के साथ ही शादी कर रहे थे. शादी को पहानों द्वारा संपन्न कराया गया. उन्हें बर्तन और अन्य सामान भी दिया गया. वहीं अंत में भोज का भी आयोजन किया गया. ढोल- नगाड़े और शहनाई भी गूंजी. पूरा जिला प्रशासन अतिथि के रूप में उपस्थित रहा.

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शादी के दौरान कई जोड़ों ने अपनी समस्याओं को बताया. उन्होंने बताया कि उन्हें सामाजिक स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाता है. उनके बच्चे को भी स्वीकारा नहीं जाता है. जब तक शादी नहीं होती है तब तक उन्हें संपत्ति में भी अधिकार नहीं मिलता है. कई जोड़े तो गरीबी के कारण भोज नहीं दे पाते हैं. इसके कारण उन्हें परेशानी होती है.

Posted By : Samir Ranjan.

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