चतरा में परिवार नियोजन करायी महिला फिर बनी मां, सिविल सर्जन बोले- किससे हुई चूक, जांच में आयेगा सामने

चतरा के मयूरहंड प्रखंड स्थित तिलरा गांव की एक महिला परिवार नियोजन करायी. इसके बावजूद मां बन गयी. नसबंदी के बाद भी मां बनने की खबर मिलने पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सुमित जायसवाल महिला से मिलने पहुंचे, वहीं सिविल सर्जन ने जांच की बात कही.

Jharkhand News (इटखोरी, चतरा) : परिवार नियोजन के तहत बंध्याकरण (नसबंदी) कराने के बाद भी महिला मां बन गयी. उसने ऑपरेशन के 8वें माह में बच्चे को जन्म दिया. यह मामला चतर जिला अंतर्गत मयूरहंड प्रखंड के तिलरा गांव की है. मामला सामने आने पर सिविल सर्जन ने कहा कि किससे चूक हुई है. इसका पता लगाया जा रहा है.

क्या है मामला

मयूरहंड प्रखंड स्थित तिलरा गांव के राजू पासवान की पत्नी कंचन देवी ने 25 जनवरी को इटखोरी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बंध्याकरण कराया था. सर्जन भूषण राणा ने उनका ऑपरेशन किया था. उसके बाद भी वह गर्भवती हो गयी. हजारीबाग स्थित प्राइवेट नर्सिंग होम में गत 27 सितंबर को उसने एक बच्चे को जन्म दिया. मामले की जानकारी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सुमित जायसवाल को हुई, तो उन्होंने बुधवार (6 अक्टूबर) को पीड़ित महिला से मुलाकात कर मामले की जानकारी ली.

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सिविल सर्जन ने जांच की कही बात

जानकारी मिलते ही चतरा के सिविल सर्जन एसएन सिंह ने कहा कि संज्ञान में मामला है. जांच करायी जा रही है. चूक किनसे हुई है. यह भी पता लगाया जा रहा है. साथ ही कहा कि किसी भी प्रेग्नेंट महिला का पाॅजिटिव रिपोर्ट तीन माह बाद ही पता चलता है. ऐसे में जब उक्त महिला ऑपरेशन के बाद गर्भवती हुई या पहले थी, तो इसकी जानकारी देनी चाहिए थी.

Posted By : Samir Ranjan.

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