हवाई सेवा पर निर्देश

यात्रियों की सबसे बड़ी शिकायत यह है कि एयरलाइनें समय से सही जानकारियां मुहैया नहीं करा रही हैं.

पिछले कुछ दिनों से देश में उड़ानों के रद्द होने या बहुत विलंब से चलने के कई मामले सामने आये हैं. इससे हजारों यात्रियों को काफी मुश्किलों से गुजरना पड़ा है. ऐसा होने की मुख्य वजह घना कोहरा है. कोहरे के कारण सुबह, शाम और रात में जहाजों को उड़ाना या उतारना बड़े जोखिम का काम होता है. इसके चलते कई उड़ानों का रास्ता भी बदलना पड़ रहा है. माना जा रहा है कि कुछ दिन और यह स्थिति बनी रह सकती है. ऐसे में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय द्वारा एयरलाइनों को आवश्यक निर्देश दिया गया है. यात्रियों की सबसे बड़ी शिकायत यह है कि एयरलाइनें समय से सही जानकारियां मुहैया नहीं करा रही हैं. यदि पहले से यात्रियों को पता रहे कि उड़ान सेवा रद्द हो गयी है या उसमें देरी होगी, तो वे घर पर या होटल में रहेंगे या फिर कोई वैकल्पिक उपाय करेंगे, लेकिन यात्रियों को हवाई अड्डे पर पता चलता है कि उड़ान रद्द है या विलंब से जहाज उड़ेगा. यह जानकारी भी कई बार घंटों बाद दी जा रही है. नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने स्पष्ट कहा है कि सारी सूचनाएं एयरलाइनों की वेबसाइट पर समय-समय पर डाली जानी चाहिए तथा यात्रियों को मैसेज के जरिये बताया जा चाहिए. हवाई अड्डों पर भी जानकारी को प्रदर्शित करने को कहा गया है. कर्मचारियों को यात्रियों से बातचीत करने को लेकर संवेदनशील बनाने की बात भी कही गयी है.

ऐसे अनेक मामले सामने आये हैं, जिनमें एयरलाइन कर्मचारियों ने यात्रियों के साथ उचित व्यवहार नहीं किया है. यह ठीक नहीं है. परेशान यात्रियों के साथ सही तरीके से पेश आना चाहिए. इसी प्रकार यात्रियों को भी उनके साथ अभद्रता या मारपीट नहीं करनी चाहिए. एयरलाइनें बहुत अधिक देरी होने पर उड़ान रद्द कर सकती हैं, पर उन्हें इसकी जानकारी ठीक से देनी चाहिए. साथ ही, हवाई अड्डे पर परेशान होकर उड़ान का इंतजार कर रहे यात्रियों का समुचित ध्यान रखना भी एयरलाइनों की जिम्मेदारी है. महानिदेशालय के निर्देश में इस संबंध में भी नियमों का हवाला दिया गया है और उनका पालन करने को कहा गया है. मौसम पर किसी का बस नहीं है. जाड़े में उत्तर भारत में कोहरा होता है. हवाई यात्रा की योजना बनाते समय यात्रियों को इसका भी ध्यान रखना चाहिए. ऐसे समय में बहुत आवश्यक होने पर ही यात्रा का कार्यक्रम बनाया जाना चाहिए. उल्लेखनीय है कि धुंध के कारण रेलगाड़ियां भी विलंब से चलती हैं. जाड़े के मौसम में सुबह, शाम और रात में कोहरे के कारण गाड़ियों को ठीक से नहीं देखा पाने के चलते राजमार्गों पर सड़क दुर्घटनाओं की संख्या भी बढ़ जाती है. प्रबंधन, सूचना और योजना पर समुचित ध्यान देकर ऐसी मुश्किलों को हल या कम किया जा सकता है.

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Published by: संपादकीय

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