Asian Games 2023: एशियाई खेलों में 72 साल बाद भारत ने लगाया मेडल का शतक, पीएम मोदी ने दी बधाई

एशियाई खेलों में भारत के सौ पदक पूरे होने को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि वह भारतीय दल का 10 अक्टूबर को स्वागत करेंगे. प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया , हर अद्भुत प्रदर्शन ने इतिहास रचा और हमारा ह्रदय गर्व से भर दिया.

हांगझोउ में खेले जा रहे एशियाई खेलों 2023 में भारत ने इतिहास रच डाला है और मेडल का सेंचुरी लग दिया है. भारत के खाते में अबतक 25 गोल्ड, 35 सिल्वर और 40 कांस्य की मदद से कुल 100 मेडल हो चुके हैं. एशियाई खेलों में भारत का यह अबतक का सबसे शानदार प्रदर्शन रहा है. इधर पदक का शतक लगाने पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी है.

पदकों का शतक पूरा होने पर पीएम मोदी ने बधाई दी, कहा- 10 अक्टूबर को होगा भव्य स्वागत

एशियाई खेलों में भारत के सौ पदक पूरे होने को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि वह भारतीय दल का 10 अक्टूबर को स्वागत करेंगे. प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया , हर अद्भुत प्रदर्शन ने इतिहास रचा और हमारा ह्रदय गर्व से भर दिया. मैं दस अक्टूबर को हमारे एशियाई खेलों के दल का स्वागत करूंगा और खिलाड़ियों से बात करूंगा. उन्होंने कहा कि भारत के लोग रोमांचित हैं कि हमने 100 पदकों की उपलब्धि हासिल की. उन्होंने कहा ,एशियाई खेलों में भारत के लिये महत्वपूर्ण उपलब्धि. मैं हमारे शानदार खिलाड़ियों को बधाई देता हूं जिनके प्रयासों से भारत ने यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की.

भारत को महिला कबड्डी में गोल्ड मेडल

भारतीय दल ने एशियाई खेलों में सौ पदक पूरे कर लिये जब महिला कबड्डी टीम ने चीनी ताइपै को शनिवार को रोमांचक फाइनल में 26-25 से हराकर स्वर्ण पदक जीता. भारतीय महिला कबड्डी टीम का यह तीसरा खिताब है. पिछली बार जकार्ता में उसने रजत पदक जीता था. उसकी खिताबी जीत के साथ ही भारत ने पहली बार एशियाई खेलों में पदकों का तिहरा अंक छुआ. फाइनल मुकाबले में चीनी ताइपै ने बेहद कड़ी चुनौती दी लेकिन भारत ने एक अंक से बाजी मारी. हाफटाइम तक भारत के पास पांच अंक की बढ़त थी. पूजा ने भारत के लिये कई अंक जुटाये.

ज्योति, देवताले की स्वर्ण की हैट्रिक, भारतीय तीरंदाजों को नौ पदक

भारत की अनुभवी कंपाउंड तीरंदाज ज्योति सुरेखा वेन्नम और ओजस देवताले ने स्वर्ण पदकों की हैट्रिक लगाई जबकि अदिति स्वामी को कांस्य पदक मिला और इसके साथ ही भारतीय तीरंदाजों ने इन एशियाई खेलों में रिकॉर्ड नौ पदक अपनी झोली में डाल लिये. इससे पहले भारत ने इंचियोन में 2014 में हुए खेलों में तीन पदक जीते थे.

अदिति स्वामी ने जीता कांस्य, इंडोनेशिया को हराया

मौजूदा विश्व चैम्पियन अदिति स्वामी ने कांस्य पदक के एकतरफा प्लेआफ मुकाबले में इंडोनेशिया की रातिह जिलिजाती एफ को हराया. बर्लिन में दो महीने पहले विश्व चैम्पियनशिप खिताब जीतने वाली 17 वर्ष की अदिति ने 146-140 से जीत दर्ज की. बाद में ज्योति ने दक्षिण कोरिया की सो चाएवोन को 149-145 से हराकर तीसरा स्वर्ण जीता. वह मिश्रित युगल और महिला टीम वर्ग का स्वर्ण जीत चुकी है. ज्योति ने कहा , मेरे पास शब्द नहीं है. इतने जज्बात उमड़ रहे हैं. मुझे सोचने के लिये समय लगेगा. वहीं गुरु और शिष्य के मुकाबले में 21 वर्ष के विश्व चैम्पियन देवताले ने 34 वर्ष के अभिषेक वर्मा को 149-147 से हराया. बर्लिन में विश्व खिताब जीतने वाले देवताले पुरुष टीम और मिश्रित युगल स्वर्ण जीत चुके हैं.

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By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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