WhatsApp Scam से रहें होशियार, ये तरीके आयेंगे आपके काम

WhatsApp Scam Alert - व्हाट्सऐप पर यूजर्स को चूना लगाने का जो तरीका इन दिनों ज्यादा पॉपुलर है, उनमें यूजर को व्हाट्सऐप कॉल करना औरव उनसे किसी बहाने से उनकी सेंसिटिव बैंकिंग डीटेल और पर्सनल डेटा निकालना शामिल है. व्हाट्सऐप स्कैम्स का शिकार होने से खुद को बचाने के लिए आप कुछ प्रभावी उपाय अपना सकते हैं

How to identify and Stay Alert from WhatsApp Scam – भारत में ऑनलाइन घोटालों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है, क्योंकि साइबर घोटालेबाज लगातार इंटरनेट उपयोगकर्ताओं, विशेषकर व्हाट्सऐप का उपयोग करने वालों को धोखा देने के लिए नयी रणनीति अपना रहे हैं. व्हाट्सऐप पर यूजर्स को चूना लगाने का जो तरीका इन दिनों ज्यादा पॉपुलर है, उनमें यूजर को व्हाट्सऐप कॉल करना औरव उनसे किसी बहाने से उनकी सेंसिटिव बैंकिंग डीटेल और पर्सनल डेटा निकालना शामिल है. व्हाट्सऐप स्कैम्स का शिकार होने से खुद को बचाने के लिए आप कुछ प्रभावी उपाय अपना सकते हैं. ऐसे घोटालों की पहचान करने और उनसे बचाव के तरीके यहां दिये गए हैं-

व्हाट्सऐप स्कैम क्या है?

सबसे पहले, हमें यह समझना जरूरी है कि व्हाट्सऐप स्कैम क्या है. स्कैम का मतलब एक ऐसी अवैध योजना है, जिसका उद्देश्य लोगों को उनकी व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी प्रकट करके धोखा देकर पैसा कमाना है. ऐसे स्कैम्स विभिन्न स्थानों पर हो सकते हैं और किसी को भी निशाना बनाया जा सकता है, यही वजह है कि हमारा उद्देश्य ऐसी भ्रामक साधनों के खिलाफ सावधान करने में आपकी सहायता करना है.

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व्हाट्सऐप स्कैम से कैसे सुरक्षित रहें?

व्हाट्सऐप स्कैम की पहचान करने के लिए नीचे दिये गए सुझावों का पालन करें-

अनचाही और अनजानी कॉल्स से सावधान रहें

व्हाट्सऐप पर अनजान नंबरों से आये कॉल रिसीव करते समय यूजर्स को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए.

कॉल करनेवाले की पहचान सत्यापित करें

कोई भी व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी साझा करने से पहले हमेशा कॉल करने वाले की पहचान सत्यापित करें.

अत्यावश्यक अनुरोधों से सावधान रहें

घोटालेबाज अक्सर आप पर जल्दी से जानकारी उपलब्ध कराने के लिए दबाव बनाने की जल्दबाजी का भाव पैदा करते हैं. सतर्क रहें और जल्दबाजी वाले कार्यों से बचें.

संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें

अज्ञात संपर्कों द्वारा साझा किये गए लिंक पर क्लिक करने से बचें, क्योंकि वे धोखाधड़ी वाली वेबसाइटों को जन्म दे सकते हैं.

टू-फैक्टर ऑथेंटिफिकेशन सक्षम करें

व्हाट्सऐप पर टू-फैक्टर ऑथेंटिफिकेशन एक्टिवेट करके, आप सिक्योरिटी की एक एक्स्ट्रा परत जोड़ते हैं, जिससे स्कैमर्स के लिए आपके खाते तक पहुंचना कठिन हो जाता है.

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व्हाट्सऐप स्कैम अगर आपके साथ हो, तो क्या करें?

बातचीत तुरंत बंद करें

कॉल डिसकनेक्ट करें या मैसेजेस काे आंसर करने से बचें

किसी भी स्थिति में आपको व्यक्ति के रिक्वेस्ट, जैसे फंड ट्रांसफर करना, काे मानने से बचना चाहिए.

नंबर को ब्लॉक करें और रिपोर्ट करें

स्कैमर को आपसे संपर्क करने से रोकने के लिए उसे ब्लॉक करें और व्हाट्सऐप को उसकी रिपोर्ट करके बताएं.

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लेखक के बारे में

Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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