गोविंदपुर अंचल के हल्का कर्मचारी ने मांगी 8000 रुपये घूस, पूर्व एयरफोर्स अधिकारी ने CM हेमंत से की शिकायत

धनबाद के गोविंदपुर अंचल कार्यालय में पदस्थापित हल्का कर्मचारी ने ऑनलाइन जमाबंदी के लिए आठ हजार रुपये की घूस मांगी है. बिना घूस दिए काम नहीं होने की बात कही है. इस मामले में पूर्व वायुसेना अधिकारी ने सीएम हेमंत सोरेन और डीसी को टैग कर इसकी शिकायत की है.

By Prabhat Khabar Digital Desk | June 15, 2022 5:37 PM

Jharkhand news: ‘साहब 50 लाख रुपये देकर पोस्टिंग कराये हैं, इसलिए ऑनलाइन जमाबंदी चढ़वाने के लिए आठ हजार रुपये देना ही होगा. पैरवी से काम नहीं चलेगा’. ये शब्द हैं धनबाद जिला अंतर्गत गोविंदपुर अंचल कार्यालय में पदस्थापित हल्का कर्मचारी नेहा सिंह के. उन्होंने पूर्व वायुसेना अधिकारी अशोक कुमार सिंह के प्रतिनिधि संतोष कुमार सिंह से कहीं.

CM हेमंत सोरेन और धनबाद डीसी को किया टैग

बता दें कि गोविंदपुर अंचल के उदयपुर मौजा में मुगमा निवासी दुर्गेश देवी का जमीन है. इस जमीन को ऑनलाइन कराने के लिए दुर्गेश देवी पिछले पांच माह से परेशान हैं. पूर्व वायुसेना के अधिकारी अशोक कुमार सिंह के प्रतिनिधि संतोष कुमार सिंह इसी सिलसिले में अंचल कार्यालय पहुंचे थे. गोविंदपुर अंचल कार्यालय में पदस्थापित हल्का कर्मचारी नेहा सिंह ने संतोष सिंह से खुलकर पैसों की मांग कर दी. फिलहाल जम्मू में ITC में कार्यरत अशोक सिंह ने घूसखोरी को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और धनबाद डीसी संदीप सिंह को ट्विटर में टैग किया है.

तीन घंटे बैठाकर अंचलाधिकारी ने नहीं की मुलाकात

अशोक कुमार सिंह ने ट्वीट में लिखा है कि उनकी सास की जमीन ऑनलाइन कराने के लिए परिवार के सदस्य पिछले पांच महीने से अंचल कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं. लेकिन, उन्हें सफलता नहीं मिली. मंगलवार को संतोष सिंह ने संबंधित हल्का-तीन की राजस्व उप निरीक्षक (हल्का कर्मचारी) नेहा सिंह से मुलाकात की. नेहा सिंह ने स्पष्ट कहा कि इस काम के लिए आठ हजार रुपये लगेंगे, क्योंकि अंचलाधिकारी ने 50 लाख रुपये देकर गोविंदपुर अंचल में पोस्टिंग करायी है. पैरवी से काम नहीं होगा. आठ हजार रुपये देने पर काम 24 घंटे में हो जाएगा. यह सुनकर पूर्व वायुसेना अधिकारी अशोक कुमार सिंह ने गोविंदपुर सीओ को फोन किया. सीओ ने संतोष सिंह को उनके पास भेजने को कहा. संतोष सिंह अंचल कार्यालय में करीब तीन घंटे तक बैठे रहे, लेकिन सीओ रामजी वर्मा ने उनसे मुलाकात नहीं की.

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कर्मचारी ने रिश्वत मांगी थी. उन्हें डांटा गया : सीओ

अंचलाधिकारी रामजी वर्मा से रिश्वत मांगने के संबंध में पूछने पर पहले उन्होंने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है. रिश्वत मांगने का आरोप गलत है. फिर कुछ ही देर के बाद कहा कि किसी ने उनसे फोन पर काम नहीं होने एवं राजस्व कर्मचारी नेहा सिंह द्वारा रिश्वत मांगने की बात कही थी. जवाब में उन्होंने जमीन के जरूरी कागजातों के साथ रैयत को कार्यालय बुलाया था. लेकिन, किसी ने उनसे कार्यालय में आकर संपर्क नहीं किया. साथ ही उन्होंने कहा कि इस मामले में राजस्व उप निरीक्षक नेहा सिंह से पूछताछ की, तो उसने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि ऑनलाइन कराने के एवज में उसने आठ हजार रुपये की मांग की थी. जब प्रभात खबर प्रतिनिधि ने नेहा सिंह से संपर्क साधने की कोशिश की गयी, लेकिन उसने फोन नहीं उठाया.

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Posted By: Samir Ranjan.

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