FIFA World Cup 2022: फीफा वर्ल्ड कप में एक और बड़ा उलटफेर, मोरक्को ने बेल्जियम को 2-0 से हराया

मोरक्को के सब्सीट्यूट अब्देलहामिद साबिरी ने 73वें मिनट में बायीं ओर से फ्री किक पर गोल कर अपनी टीम को बढ़त दिलायी जो गोलकीपर थिबॉट कोर्टोइस के शरीर के नीचे आ गया. टीम के लिये दूसरा गोल जकारिया अबोखलाल ने हाकिम जियेच के पास पर स्टॉपेज टाइम में किया जो नेट के ऊपरी हिस्से में लगा.

फीफा विश्व कप में रविवार को एक और उलटफेर देखने को मिला. मोरक्को ने ग्रुप एफ में बेल्जियम को 2-0 से हरा दिया. इस हार से केविन डि ब्रून और 2018 के सेमीफाइनल में पहुंची बेल्जियम पर ग्रुप चरण में बाहर होने का खतरा छा गया है.

मोरक्को की ओर से अब्देलहामिद साबिरी और जकारिया अबोखलाल ने गोल दागे

मोरक्को के सब्सीट्यूट अब्देलहामिद साबिरी ने 73वें मिनट में बायीं ओर से फ्री किक पर गोल कर अपनी टीम को बढ़त दिलायी जो गोलकीपर थिबॉट कोर्टोइस के शरीर के नीचे आ गया. टीम के लिये दूसरा गोल जकारिया अबोखलाल ने हाकिम जियेच के पास पर स्टॉपेज टाइम में किया जो नेट के ऊपरी हिस्से में लगा.

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1998 के बाद वर्ल्ड कप में मोरक्को की पहली और कुल तीसरी जीत

मोरक्को की 1998 के बाद विश्व कप में पहली और कुल तीसरी जीत है. बेल्जियम अगर मोरक्को को हरा देती तो वह गत चैम्पियन फ्रांस के साथ नॉकआउट चरण में क्वालीफाई करने वाली दूसरी टीम बन जाती. बेल्जियम अब ग्रुप के अपने महत्वपूर्ण अंतिम मैच में 2018 के फाइनल में पहुंची क्रोएशिया से भिड़ेगा जबकि मोरक्को का सामना कनाडा से होगा.

बेल्जियम के लिए अबतक ठीक नहीं रहा है कतर फीफा वर्ल्ड कप

बेल्जियम को कतर में शुरुआती मैच में कनाडा पर 1-0 की जीत के लिये मशक्कत करनी पड़ी थी. बेल्जियम को अपने स्टार स्ट्राइकर लुकाकू की काफी कमी खली जिसने 2018 विश्व कप में चार और यूरो 2020 में चार गोल दागे थे. मोरक्को ने पहले मैच में क्रोएशिया से गोलरहित ड्रा खेला था और इसी आत्मविश्वास से खेलते हुए यहां जीत हासिल की. इससे उसकी 1986 के बाद पहली बार नॉकआउट दौर में पहुंचने की उम्मीदों को बल मिला है. टीम पहली बार 1986 में ही नॉकआउट में पहुंची थी.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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