विजय दशमी पर सिंदूर खेला की रस्म होती है खास
दशमी के सबसे प्रमुख अनुष्ठानों में से एक हैं सिंदूर खेला की परंपरा. यह विशेष रूप से पश्चिम बंगाल में महिलाओं के द्वारा निभाई जाती है, जहां विवाहित हिंदू महिलाएं देवी को अलविदा कहते हुए एक-दूसरे को सिंदूर लगाती हैं. शमी पूजा, अपराजिता पूजा और सीमा हिमस्खलन कुछ ऐसे अनुष्ठान हैं जिनका पालन विजयदशमी के दिन किया जाता है. दृिक पंचांग के अनुसार, इन अनुष्ठानों को अपराहन समय के दौरान किया जाना चाहिए. ये है पूजा का समय-
अपराह्न पूजा का समय – दोपहर 01:34 बजे से दोपहर 03:57 बजे तक अवधि – 02 घंटे 23 मिनट
दशमी तिथि शुरू – 02:20 अपराह्न 04 अक्टूबर, 2022
दशमी तिथि समाप्त – 05 अक्टूबर 2022 को दोपहर 12:00 बजे
श्रवण नक्षत्र प्रारंभ – 04 अक्टूबर 2022 को रात 10:51 बजे
श्रवण नक्षत्र समाप्त – 05 अक्टूबर, 2022 को रात 09:15