धनबाद के जाने-माने चिकित्सक डॉ विकास हाजरा और उनकी पत्नी का आज होगा अंतिम संस्कार

धनबाद के मशहूर डॉक्टर विकास हाजरा और उनकी पत्नी प्रेमा हाजरा का अंतिम संस्कार रविवार सुबह 10:30 बजे होगा. शुक्रवार की देर रात उनके आवास में लगी भीषण आग में दम घुटने से डॉक्टर दंपती समेत 5 लोगों की मौत हो गयी थी.

धनबाद के मशहूर डॉक्टर विकास हाजरा और उनकी पत्नी प्रेमा हाजरा का अंतिम संस्कार रविवार सुबह 10:30 बजे होगा. शुक्रवार की देर रात उनके आवास में लगी भीषण आग में दम घुटने से डॉक्टर दंपती समेत 5 लोगों की मौत हो गयी थी. मृतकों में डॉ विकास हाजरा, पत्नी डॉ प्रेमा हाजरा, भांजा, गांव के रिश्तेदार और घर में काम करने वाली नौकरानी शामिल थी. ममेरे भाई की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है. उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

डॉ हाजरा दंपती समेत सभी मृतकों का दोबारा किया गया पोस्टमार्टम

शनिवार की देर शाम तक मृतकों का दोबारा पोस्टमार्टम किया गया. आग हाजरा क्लिनिक स्थित डॉ विकास हाजरा के आवासीय परिसर स्थित गोदाम में शुक्रवार की देर रात लगी थी. देखते ही देखते धुआं पूरे घर में फैल गया. घर में सोये डॉ विकास हाजरा (62), उनकी पत्नी डॉ प्रेमा हाजरा (56), कोलकाता से आये भांजा सोहम खमारू (30), गांव से आये रिश्तेदार शंभु सिंघों (32) व घर की नौकरानी तारा मंडल (70) की दम घुटने से मौत हो गयी.

Also Read: Dhanbad News: हाजरा क्लिनिक में लगी भीषण आग, दम घुटने से डॉ विकास, पत्नी प्रेमा हाजरा समेत 5 की मौत

डॉ विकास के भांजा की हालत गंभीर, वेंटिलेटर पर

इसी घर में मौजूद डॉ विकास के गांव बर्दवान जिला के लकुंडा से आये ममेरे भाई सुनील मंडल को गंभीर स्थिति मेंनर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है. अस्पताल में उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है. सुनील को फिलहाल वेंटिलेटर पर रखा गया है.

बाथरूम में मिला डॉ विकास का शव

डॉ विकास हाजरा का शव उनके कमरे के बाथरूम में मिला. अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आग पर काबू पाते हुए फंसे लोगों का रेस्क्यू करने के लिए डॉ विकास हाजरा के कमरे तक गये. कमरे में बेड के नीचे डॉ प्रेमा हाजरा का शव पड़ा था. डॉ विकास हाजरा का शव बाथरूम के अंदर पाया गया.

Also Read: धनबाद का हाजरा क्लिनिक अग्निकांड: डॉक्टर दंपती समेत 5 की मौत, रांची की फॉरेंसिक टीम करेगी जांच, क्लिनिक सील

अंदर से बंद था बाथरूम का दरवाजा

बाथरूम का दरवाजा अंदर से बंद था. अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, संभवत: आग और धुआं से बचने के लिए डॉ विकास ने खुद को बाथरूम में बंद कर लिया था. लेकिन बाथरूम में फैले धुएं के कारण दम घुटने से उनकी मौत हो गयी.

बेटी नेपाल, बेटा पुडुचेरी में कर रहा पढ़ाई

डॉ विकास एवं डॉ प्रेमा की पुत्रीप्रेरणा हाजरा अभी भरतपुर (नेपाल) में एमबीबीएस कर रही है. वह फाइनल इयर में है. बेटा आयुष हाजरा पुडुचेरी में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है. 27 जनवरी को ही फर्स्ट इयर की परीक्षा पास की है. देर शाम बेटा धनबाद पहुंच गया.

Also Read: Hazra Clinic Dhanbad News: धनबाद की हाजरा क्लिनिक में कैसे लगी आग, यहां जानें पल-पल का अपडेट

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबा अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं.

अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है.

वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं.

भौगोलिक विशेषज्ञता : वर्तमान में उनका फोकस पश्चिम बंगाल है. उन्होंने झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा की खबरों पर भी काम किया है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है.

मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :-

राज्य की राजनीति और शासन : वर्पतमान में श्चिम बंगाल की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज.

सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग.

जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित रिपोर्टिंग.

डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है.

विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर पत्रकारिता, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव और तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >