मगनपुर (छेदीलाल) : मॉनसून के दौरान जब बारिश शुरू होती है, तो लोग अपने घर की ओर भागते हैं. लेकिन, झारखंड में एक परिवार ऐसा भी है, जो बारिश होने पर अपना घर छोड़कर पड़ोसी के घर चला जाता है. यह उसका शौक नहीं है. मजबूरी है. जी हां, केंद्र और झारखंड सरकार की तमाम योजनाओं में से किसी योजना का लाभ उसे नहीं मिला. प्रधानमंत्री आवास भी नहीं मिला. इसलिए रामगढ़ जिला के मगनपुर गांव के दिनेश रजक को पूरे परिवार के साथ बगल के घर में शरण लेनी पड़ती है.
दिनेश झारखंड की राजधानी रांची से 40 किलोमीटर दूर स्थित रामगढ़ जिला के गोला प्रखंड का रहने वाला है. प्रखंड के गोला पंचायत के कालीनाथ चौक के पास मगनपुर में रहने वाले दिनेश रजक ने प्रधानमंत्री आवास के लिए कई बार आवेदन दिया, लेकिन अब तक उसका मकान नहीं बना. दिनेश आज भी मिट्टी के मकान में रहता है. छत पर प्लास्टिक डालकर. मिट्टी का यह मकान भी जर्जर अवस्था में है. बारिश के मौसम में कभी भी ध्वस्त हो सकता है.
दिनेश के परिवार में पांच सदस्य हैं. छोटे-छोटे बच्चे भी हैं. बारिश होते ही घर में पानी भर जाता है. बारिश होने पर वह अपने पूरे परिवार के साथ पड़ोसी पूसा रजक के घर चला जाता है. पूसा रजक दिनेश और उसके पूरे परिवार को सिर छुपाने की जगह देता है.
दिनेश ने बताया कि उसने बीडीओ सहित कई आला अधिकारियों को आवेदन देकर पीएम आवास देने की फरियाद लगायी. हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला. हालांकि, प्रखंड में कई संपन्न लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिल चुका है. दिनेश ने बताया कि वह मजदूरी करके जैसे-तैसे परिवार का भरण-पोषण करता है.
क्या कहती हैं मुखिया
गोला पंचायत की मुखिया सुषमा देवी ने बताया इस परिवार का नाम जिला को भेजा गया है. दिनेश के घर की हालत काफी दयनीय है. उसके छोटे-छोटे बच्चे भी हैं. जैसे ही आवास का आवंटन आता है, दिनेश रजक को इस योजना का लाभ दिया जायेगा.
Also Read: Covid19 पर हेमंत सोरेन सरकार को झारखंड हाइकोर्ट की फटकार, चीफ जस्टिस बोले : भारी अव्यवस्था की ओर इशारा कर रहे हालात
क्या कहते हैं प्रखंड समन्वयक
पीएम आवास योजना के गोला प्रखंड समन्वयक अजय कुमार ने कहा कि 24 जुलाई को दिनेश रजक का आवेदन प्राप्त हुआ है. जांच के बाद इस परिवार को आवास योजना का लाभ दिया जायेगा.
Posted By : Mithilesh Jha
