बच्चों को शिकार बनाने वाले डेल्टा वैरिएंट ने बढ़ायी बंगाल की चिंता, सरकार ने सभी जिलों के डीएम को किया अलर्ट

west bengal corona update: डेल्टा वैरिएंट ने बढ़ायी बंगाल की चिंता, सरकार ने सभी जिलों के डीएम को किया अलर्ट

कोलकाताः कोरोना वायरस संक्रमण के डेल्टा वैरिएंट ने पश्चिम बंगाल सरकार की चिंता बढ़ा दी है. वहीं, फर्जी वैक्सीनेशन के मामले का खुलासा होने के बाद सरकार ने जिलों के डीएम को अलर्ट कर दिया है. टीकाकरण के मामले में जिलाधिकारियों को खास सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है.

दरअसल, पश्चिम बंगाल में भी कोरोना संक्रमण के डेल्टा वैरिएंट के मामले सामने आने लगे हैं. इस वैरिएंट के शिकार सबसे अधिक बच्चे हो रहे हैं. राज्य के स्वास्थ्य सेवा निदेशक प्रो डॉ अजय चक्रवर्ती ने बताया कि बंगाल में अब कोरोना के 75-80 फीसदी मामले डेल्टा वैरिएंट की वजह से हैं.

उन्होंने कहा कि वयस्कों के साथ बच्चों में भी यह वैरिएंट देखा जा रहा है. सबसे अधिक बच्चे ही इससे संक्रमित हो रहे हैं. प्रो चक्रवर्ती ने बताया कि संक्रमित 86 फीसदी बच्चे इस वैरिएंट के शिकार हैं. संक्रमण की रोकथाम के लिए टेस्टिंग पर जोर दिया जा रहा है, ताकि हालात बेकाबू न हो जाये.

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अब तक नहीं मिला डेल्टा प्लस वैरिएंट

राज्य के स्वास्थ्य सेवा निदेशक प्रो डॉ अजय चक्रवर्ती ने बताया कि कोलकाता सहित बंगाल के विभिन्न जिलों में डेल्टा वैरिएंट के मरीज मिल रहे हैं. पर अब तक किसी जिले में डेटा प्लस वैरिएंट से संक्रमित कोई मरीज नहीं मिला है.

मार्च में पहली बार यूरोप में मिला था डेल्टा वैरिएंट

इस साल मार्च में पहली बार यूरोप में डेल्टा वैरिएंट डिटेक्ट हुआ था. वैज्ञानिकों के मुताबिक, डेल्टा वैरिएंट (बी.1.617.2) डेटा प्लस (एवाइ.1) वैरिएंट में म्यूटेट हो गया. ऐसी अटकलें हैं कि यह म्यूटेंट और ज्यादा संक्रामक है और यह अल्फा वैरिएंट के मुकाबले 35-60 फीसदी ज्यादा तेजी से फैलता है.

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विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि डेल्टा प्लस वैरिएंट, मोनोक्लोनल एंटीबॉडीज कॉकटेल ट्रीटमेंट के खिलाफ रेजिस्टेंस दिखा सकता है. एक चिंता यह है कि यह वैरिएंट वैक्सीन और शुरुआती संक्रमण की इम्यूनिटी को भी भेद सकता है.

सरकार ने सभी जिलों के डीएम को लिखी चिट्ठी

फर्जी टीकाकरण कैंप के खुलासे के बाद खास सतर्कता बरती जा रही है. अब राज्य सचिवालय नबान्न से सभी जिलों के डीएम को चिट्ठी लिखकर अलर्ट किया गया है. कहा गया है कि सरकार की अनुमति के बगैर राज्य के किसी जिले में टीकाकरण शिविर नहीं लगेगा. सभी कोरोना टीकाकरण शिविर या तो सरकार द्वारा चलाये जा रहे हैं या निजी वैक्सीनेशन सेंटर द्वारा. इन्हें वैक्सीनेशन के लिए सरकार ने विशेष अनुमति दी है.

इन केंद्रों के पास वैध कोरोना वैक्सिनेशन सेंटर (सीवीसी) का नंबर होना चाहिए और वे अनिवार्य रूप से टीकाकरण के लिए कोविन सॉफ्टवेयर का उपयोग करेंगे. सचिवालय की ओर से सभी डीएम को निर्देश दिया गया है कि सभी स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों और सभी नगरपालिकाओं को सतर्क करें, ताकि सरकारी या निजी स्तर पर संचालित टीकाकरण केंद्रों को विधिवत अधिकृत किया जा सके और प्रोटोकॉल के अनुसार चलाया जा सके. स्वास्थ्य सचिव इस संबंध में जल्द ही विस्तृत एडवाइजरी जारी करेंगे.

Posted By: Mithilesh Jha

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