Coronavirus : छपरा में कोरोना का पहला मामला सामने आते ही प्रशासन अलर्ट, गांव के सात किमी का एरिया बफर जोन घोषित

बिहार के सारण जिले के इसुआपुर थानांतर्गत चांदपुरा गांव में एक व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाया गया है. एक अप्रैल को ही छपरा सदर अस्पताल द्वारा उसके सैंपल को जांच के लिए पटना भेजा गया था. इसके बाद दो अप्रैल को उसकी रिपोर्ट कोरोना पोजेटिव पायी गयी थी. गुरुवार की रात ही उसे सदर अस्पताल के जीएनएम भवन में बने आइसोलेशन वार्ड में लाया गया. वहीं, एहतियात के तौर पर उसके करीब 13 परिजनों को भी आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है.

छपरा : बिहार के सारण जिले के इसुआपुर थानांतर्गत चांदपुरा गांव में एक व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाया गया है. एक अप्रैल को ही छपरा सदर अस्पताल द्वारा उसके सैंपल को जांच के लिए पटना भेजा गया था. इसके बाद दो अप्रैल को उसकी रिपोर्ट कोरोना पोजेटिव पायी गयी थी. गुरुवार की रात ही उसे सदर अस्पताल के जीएनएम भवन में बने आइसोलेशन वार्ड में लाया गया. वहीं, एहतियात के तौर पर उसके करीब 13 परिजनों को भी आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है.

सारण जिले में कोरोना पोजेटिव होने का यह पहला मामला सामने आया है. पहले कोरोना संक्रमित मरीज की पुष्टि होते ही सदर अस्पताल में चाक-चौबंद व्यवस्था कर दी गयी. बिना किसी उपयुक्त कारण अस्पताल में किसी भी बाहरी व्यक्ति को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है. राज्य सरकार से मिले निर्देश के बाद अस्पताल प्रबंधन ने मरीज की जानकारी गोपनीय रखी.

17 मार्च को लंदन से गांव लौटा है युवक

कोरोना पोजेटिव मरीज की ट्रैवल हिस्ट्री सामने आयी है. बताया जाता है कि वह 17 मार्च को लंदन से अपने गांव आया था. इसके बाद वह 19 मार्च को जांच के लिए पटना गया. हालांकि, तब उसमें किसी तरह के लक्षण नहीं मिले थे. पीएमसीएच के चिकित्सकों ने उसे गांव में ही परिजनों से अलग रख कर आइसोलेट रहने की सलाह दी थी. इसके बाद वह अपने घर में ही एक अलग कमरे में रह रहा था. वह पुनः 29 मार्च को सदर अस्पताल में जांच के लिए आया. हालांकि, उस दिन अस्पताल प्रशासन द्वारा उसकी जांच नहीं की जा सकी. इसके बाद वह 30 मार्च को पुनः जांच के लिए आया. अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में उसे रख कर एक अप्रैल को उसकी जांच की गयी. उसके बाद दो अप्रैल को उसके कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि की गयी.

रिपोर्ट आते ही हरकत में आया प्रशासन

जांच रिपोर्ट आते ही जिला प्रशासन हरकत में आ गया. प्रशासन ने 102 एंबुलेंस से उसे छपरा सदर अस्पताल लाया. जिस एंबुलेन्स से मरीज तथा उसके परिजनों को लाया गया, उसके भी ड्राइवर और स्टाफ को जांच के लिए करीब घंटों अस्पताल प्रशासन द्वारा रोक कर रखा गया है. इस संबंध में चालक का कहना था कि अस्पताल प्रबंधक ने उनको रूक कर जांच कराने की बात कही है.

गांव को किया गया सील, सात किमी का एरिया बफर जोन घोषित

कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद प्रखंड में भय का माहौल है. जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने पूरे गांव को सील करने का आदेश जारी कर दिया है. साथ ही कोरोना संक्रमित मरीज के घर को कोरोना संक्रमण मुक्त करने के लिए सैनिटाइज करने का भी आदेश दिया गया है. जिस गांव में कोरोना पॉजिटिव मरीज पाया गया है, उस गांव के चारो तरफ सात किलोमीटर तक बफर जोन घोषित किया गया है. पंचायत को चारो तरफ से सील कर आवागमन को पूरी तरह से बाधित कर दिया गया है. अगले आदेश तक पूरे गांव को क्वॉरेंटाइन जोन घोषित कर दिया गया है. सभी सरकारी एवं निजी प्रतिष्ठान एवं मार्गों को अगले आदेश तक पूरी तरह से बंद किया जा रहा है. क्वॉरेंटाइनमेंट जोन से पलायन करनेवाले या प्रवेश करनेवालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का आदेश जारी कर दिया गया है. पूरे थाना क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी गयी है.

डोर टू डोर पहुंचेगा राशन

जिलाधिकारी ने आदेश दिया है कि गांव के सभी परिवारों को आवश्यक राशन सामग्री डोर-टू-डोर पैकेट तैयार कर आपूर्ति की जाये. इसके लिए प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी को जिम्मेदारी दी गयी है. बफर जोन में आनेवाले सभी स्वास्थ्य संस्थान सरकारी एवं निजी सहित अन्य चिकित्सकीय संस्थाओं को सूचीबद्ध करते हुए बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ वाले मरीजों की जांच कर सूचना नियमित रूप से प्राप्त करने का भी सिविल सर्जन को आदेश दिया गया है.

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