प्रदर्शन पर बोनस देने पर कोल इंडिया कर्मियों को क्यों है आपत्ति, यूनियनों ने किया विरोध

Coal India News: कोल इंडिया के कर्मियों ने बोनस के नये फॉर्मेट को लेकर आपत्ति जतायी है. इसका उन्होंने विरोध किया है. यूनियन के सदस्यों का कहना है कि नये फॉर्मेट में सब कुछ प्रबंधन के हाथ में होगा.

रांची : कोल इंडिया प्रबंधन कोयलाकर्मियों को अब उनके प्रदर्शन के आधार पर बोनस देना चाहता है. इसके लिए एक फॉर्मेट तैयार किया गया है. कोल इंडिया की स्टैंडराइजेशन कमेटी की बैठक में यह मुद्दा लाया गया है. जिसका मजदूर यूनियनों ने पुरजोर विरोध किया है. विरोध इस हद तक बढ़ गया है कि प्रबंधन ने स्टैंडराइजेशन कमेटी के अस्तित्व पर ही सवाल उठा दिया. कोल इंडिया के निदेशक कार्मिक विनय रंजन ने कह दिया कि जेबीसीसीआी वेतन समझौते के साथ ही खत्म हो गया है.

भारतीय मजदूर संघ और अन्य यूनियनों ने किया बोनस के स्वरूप बदलने का विरोध

हिंद मजदूर सभा के शिव कुमार यादव ने कहा कि जब तक अगला जेबीसीसीआइ का गठन नहीं हो जाता है, तब तक कमेटी का अस्तित्व बरकरार रहता है. यह जानकारी प्रबंधन के सदस्यों को होनी चाहिए. भारतीय मजदूर संघ और अन्य यूनियनों ने भी बोनस के स्वरूप बदलने के प्रस्ताव का विरोध किया.

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नये फॉर्मेट आने से क्या होगा बदलाव

एचएमएस के शिवकुमार यादव ने कहा कि अभी परफॉर्मेंस लिंक रिवार्ड (पीएलआर) का फॉर्मेट है, वही सही है. इसमें सभी कर्मियों को एकमुश्त राशि मिलती है. यह यूनियन और प्रबंधन बैठ कर तय करते हैं. नये फॉर्मेट में सब कुछ प्रबंधन के हाथ में होगा. उत्पादन या कार्य को लेकर प्रबंधन की गलतियों का खामियाजा भी कर्मियों को भुगतना होगा. पिछली बार कर्मियों को 93700 रुपये बोनस मिला था. नये फॉर्मेट में अधिकतम 90 हजार रुपये तक का प्रावधान है. हम इसका विरोध कर रहे हैं. हमको मजदूरों को जवाब देना होगा.

बीएमएस के प्रतिनिधि सुधीर धुर्डे बोले- नया फॉर्मेट मजदूर हित में नहीं

बीएमएस के प्रतिनिधि सुधीर धुर्डे ने कहा कि हम लोगों ने मजदूरों के हित में विरोध किया है. छोटे से बड़े कर्मचारियों को एक समान बोनस मिलता है. कोल इंडिया का नया फॉर्मेट मजदूर हित में नहीं है. बीएमएस इसका कभी समर्थन नहीं कर सकता है.

अब एक साल की नौकरी के बाद ही बैठ सकेंगे प्रमोशन परीक्षा में

बैठक में 10,000 रुपये अथवा इससे अधिक पेंशन होने पर माता-पिता को आश्रित मानकर मेडिकल सुविधा की मांग की गयी. इस पर प्रबंधन ने बताया कि बोर्ड स्तरीय बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा किया जाना शेष है. सीपीआरएमएस-एनइ के तहत प्रतिवर्ष मेडिकल कार्ड नवीनीकरण का सरलीकरण करने पर सहमति बनी. कोल इंडिया द्वारा हाल ही में जारी स्पोर्ट्स की वैकेंसी में स्केटिंग को जोड़ने पर प्रबंधन के साथ सहमति बनी. क्लर्क के साथ-साथ अन्य कंपनी स्तरीय चयन/परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए तीन वर्ष कंपनी में कार्य करने की शर्त को एक वर्ष करने पर सहमति बनी.

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Author: Manoj singh

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