बंगाल पंचायत चुनाव : भांगड़ के बाद अब कैनिंग में झड़प, तृणमूल कांग्रेस के दो गुट आपस में भिड़े

बंगाल में पंचायत चुनाव से पहले हिंसा थमने का नाम नहीं ले रहा है. आज तृणमूल कांग्रेस के ही दो गुट आपस में भिड़ गये. झड़प दक्षिण 24 परगना के कैनिंग में प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) कार्यालय के बाहर हुआ. पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया.

पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के लिए नामांकन जारी है. नामांकन के दौरान हिंसा का दौर भी जारी है. हर दिन किसी न किसी जिले से हिंसा की खबर आ रही है. मंगलवार को दक्षिण 24 परगना के भांगड़ में हुई हिंसा के बाद बुधवार को दक्षिण 24 परगना के ही कैनिंग में दो गुटों के बीच झड़प हो गयी. आज की झड़प दो पार्टियों के बीच नहीं, बल्कि बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पार्टी के ही दो गुटों के बीच हुई. नामांकन दाखिल करने को लेकर बीडीओ कार्यालय के बाहर दो गुट आपस में भिड़ गये. बाद में पुलिस ने पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया.

भांगड़ में जमकर हुई थी बमबाजी

इससे पहले, मंगलवार को भांगड़ में नामांकन दाखिल करने को लेकर अलग-अलग हिस्सों में माहौल अशांत हो गया. इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आइएसएफ) के उम्मीदवारों द्वारा पंचायत चुनाव के लिए नामांकन पत्र जमा करने को लेकर दक्षिण 24 परगना का भांगड़ रणक्षेत्र में तब्दील हो गया. मंगलवार की सुबह धारा 144 की अनदेखी करते हुए भांगड़ ब्लॉक-दो प्रखंड विकास कार्यालय (बीडीओ) के पास विजयगंज बाजार, कांठालिया बस स्टैंड व विजयगंज मेला मैदान इलाके में जमकर बमबाजी व पथराव की घटना हुई.

भांगड़ में हुई थी तृणमूल-आइएसएफ की भिड़ंत

घटना का जिम्मेवार आइएसएफ और तृणमूल कांग्रेस ने एक-दूसरे को ठहराया है. घटना जहां हुई, वह भांगड़ ब्लॉक-दो बीडीओ कार्यालय से करीब 500 मीटर की दूरी पर है. अचानक शुरू हुई बमबाजी से पुलिस को पहले पीछे हटना पड़ा था. वहा मौजूद पुलिसकर्मियों पर पथराव किया गया. उन पर कांच की बोतलें फेंकी गयीं. इस दौरान अंधाधुंध गोलाबारी और फायरिंग के आरोप लगे हैं. इसमें काशीपुर थाने के सब-इंस्पेक्टर सलीम मिर्जा वअन्य कुछ पुलिसकर्मियों सहित कइयों के घायल हो गये.

इलाके मं भगदड़ जैसा माहौल

पूरे इलाके में भगदड़ जैसा माहौल हो गया था. हालात को काबू करने के लिए मौके पर रैफ और पुलिस बल पहुंचा. पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे. हालात नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. साथ ही भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी दागने पड़े. काफी मशक्कत और घंटों बाद पुलिस हालात नियंत्रित कर पाने में सफल रही. इस घटना में पुलिस ने दर्जन भर से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है. सुरक्षा के बाबत पूरे इलाके में रैफ की तैनाती कर दी गयी.

कांठालिया बस स्टैंड के पास हुई बमबाजी

भांगड़ के विधायक व आइएसएफ के नेता नौशाद सिद्दीकी की ओर से पहले ही घोषणा की गयी थी कि मंगलवार को वे अपनी पार्टी के उम्मीदवारों द्वारा भांगड़ ब्लॉक-दो के बीडीओ कार्यालय में नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान इलाके में मौजूद रहेंगे. आइएसएफ के उम्मीदवारों के बीडीओ कार्यालय में जाने के दौरान ही विजयगंज बाजार और कांठालिया बस स्टैंड के पास बमबाजी शुरू हो गयी.

आइएसएफ ने तृणमूल पर लगाया हमला करने का आरोप

आइएसएफ के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के उम्मीदवारों को नामांकन पत्र जमा करने से रोकने के लिए तृणमूल समर्थकों की ओर से बमबाजी व पथराव शुरू किये गये. इतना ही आइएसएफ की ओर से दावा किया गया है कि इस दौरान फायरिंग भी की गयी है. इस हमले में आइएसएफ कार्यकर्ता बादुल्ला मोल्ला समेत कुछ समर्थक घायल हुए हैं.

आइएसएफ को रोकने के लिए किया गया हमला : नौशाद सिद्दीकी

इस घटना को लेकर आइएसएफ नेता नौशाद सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के उम्मीदवारों को नामांकन पत्र जमा करने से रोकने के लिए तृणमूल ने उपद्रवियों का सहारा लिया और पुलिस मूक-दर्शक की भूमिका पालन करते नजर आयी. उन्होंने कहा कि आइएसएफ के नेता व कार्यकर्ता कानून का उल्लंघन हर हाल में नहीं करेंगे. उनकी पार्टी के उम्मीदवारों को नामांकन पत्र जमा कराने की जिम्मेदारी प्रशासन को लेनी होगी.

सिद्दीकी के आरोपों को शौकत मोल्ला ने बताया आधारहीन

इधर, सिद्दीकी के आरोपों को कैनिंग पूर्व के विधायक व तृणमूल नेता शौकत मोल्ला ने आधारहीन करार दिया है. पलटवार करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि आइएसएफ के कार्यकर्ताओं ने ही भांगड़ का माहौल अशांत किया है. तृणमूल कार्यकर्ताओं को वाहनों पर पथराव किये गये, जिसमें उनकी पार्टी के कुछ समर्थक घायल हुए हैं.

तृणमूल ने सिद्दीकी पर लगाया असामाजिक तत्वों को एकत्र कर हमला करने का आरोप

तृणमूल नेता शौकत मोल्ला ने यह भी आरोप लगाया कि आइएसएफ ने मंगलवार को तृणमूल की ‘तृणमूले नबो जोआर’ जनसंपर्क अभियान के कार्यक्रम को प्रभावित करने के लिए असामाजिक तत्वों को इकट्ठा करके एक सुनियोजित हमले का आयोजन किया. अभियान का नेतृत्व सांसद व तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी कर रहे हैं. उन्होंने इसके लिए भांगड़ के विधायक नौशाद सिद्दीकी को जिम्मेदार ठहराया.

शौकत बोले – नौशाद को कीमत चुकानी होगी

साथ ही यह भी चेतावनी दी कि नौशाद को इसके लिए ‘अत्यधिक कीमत’ चुकानी होगी. हालांकि, नौशाद ने शौकत के आरोपों को खारिज किया. उन्होंने दावा किया कि ‘यदि अभिषेक बनर्जी कार्यक्रम में खलल डालना चाहते, तो हम (आइएसएफ) आज भांगड़ के ब्लॉक-दो में नामांकन पत्र जमा नहीं करते, क्योंकि तृणमूल का कार्यक्रम भांगड़ के ब्लॉक-एक में आयोजित हुई. नौशाद ने कहा कि राज्य चुनाव आयोग को भी इस घटना की जानकारी दी जायेगी.

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पुलिस ने कहा- इलाके में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था

भांगड़ में हुई घटना को लेकर पुलिस अधीक्षक पुष्पा ने कहा कि नामांकन के दौरान कुछ उपद्रवियों ने हंगामा मचाया. पुलिस ने हालात काबू करने के लिए पूरी तत्परता से करते हुए अपनी कार्रवाई की है. इलाके के हालात सामान्य रहे, इसके लिए इलाके में सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था है. बता दें कि बंगाल में 8 जुलाई को पंचायत चुनाव के लिए वोटिंग होगी. 11 जुलाई तो मतगणना के बाद परिणाम जारी किये जायेंगे.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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