बंगाल : 'आप बैठिए, मैं भी बैठ जाती हूं', बीडीओ से खफा मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को बीच में ही रोक दिया

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उत्तर 24 परगना के हिंगलगंज में सभा के दौरान सरकारी अधिकारियों पर अचानक नाराज हो गई.बीडीओ और डीएम को फटकार लगाते हुए कहा कि अगर कार्य उचित तरीकें से नहीं कर सकते है तो काम छोड़ दें.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उत्तर 24 परगना के हिंगलगंज में सभा के दौरान सरकारी अधिकारियों पर अचानक नाराज हो गई. उन्होंने हाथ हिलाकर भीड़ की ओर इशारा किया, ‘बैठ जाओ मैं भी बैठ जाती हूं’. गौरतलब है कि उन्होंने देवी पूजन के अवसर पर 15 हजार शीतकालीन वस्त्र आम लोगाें में देने की घोषणा की थी. लेकिन मंच पर वह कपड़े मौजूद नहीं थे.  इससे वह नाराज हो गईं और उन्होंने कहा कि जब-तक वस्त्र नहीं मिलेगा और वह अपनी सभा नहीं शुरू करेंगी.

Also Read: सोशल मीडिया में बंदूक लेकर तस्वीर पोस्ट करना युवक को पड़ा महंगा हुआ हथियार समेत गिरफ्तार
बीडीओ और डीएम को ममता ने लगाई फटकार

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को जब मंच पर शीतकालीन वस्त्र नहीं मिला तो उसके बाद नाराज मुख्यमंत्री ने बीडीओ और डीएम को फटकार लगाई. उन्होंने कहा कि मैं जिस कार्य के लिए आई हूं वह नहीं कर पा रही हूं तो भाषण देने का कोई मतलब नहीं है. बीडीओ और डीएम लापरवाही करते है और मुझे उसके लिये माफी मांगनी पड़ती है. बीडीओ और डीएम को फटकार लगाते हुए कहा कि अगर कार्य उचित तरीकें से नहीं कर सकते है तो काम छोड़ दें. आगे से इस तरह की लापरवाही की गई तो सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

मुख्यमंत्री लगभग 15 मिनट तक बैठी रही मंच पर 

मुख्यमंत्री लगभग 15 मिनट तक मंच पर  बैठी रहीं. उसके बाद कंबल लाया गया और लगभग 1000 कंबल वितरित किये गये. उन्होंने कहा कि वह लोगों के लिए लड़ाई करती हैं, लेकिन लोग वंचित होता है, तो उन्हें बहुत ही गुस्सा होता है. वह उपहार लेकर आयी थी, यदि नहीं मिल रहा है, तो उन्हें गुस्सा आता है. हालांकि बाद में उन्होंने शीतकालीन वस्त्र का वितरण किया. इसके साथ ही बाकी लोगों को कैंप के जरिये शीतकालीन वस्त्र लेने का अनुरोध किया है.

Also Read: गौ तस्करी मामले में राज्य के पांच आइपीएस अधिकारियों से ईडी जल्द कर सकती है पूछताछ

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Shinki Singh

10 साल से ज्यादा के पत्रकारिता अनुभव के साथ मैंने अपने करियर की शुरुआत Sanmarg से की जहां 7 साल तक फील्ड रिपोर्टिंग, डेस्क की जिम्मेदारियां संभालने के साथ-साथ महिलाओं से जुड़े मुद्दों और राजनीति पर लगातार लिखा. इस दौरान मुझे एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का भी अच्छा अनुभव मिला. बाद में प्रभात खबर से जुड़ने के बाद मेरा फोकस हार्ड न्यूज पर ज्यादा रहा. वहीं लाइफस्टाइल जर्नलिज्म में भी काम करने का मौका मिला और यह मेरे लिये काफी दिलचस्प है. मैं हर खबर के साथ कुछ नया सीखने और खुद को लगातार बेहतर बनाने में यकीन रखती हूं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >