Chhattisgarh Weather: छत्तीसगढ़ के इन इलाकों में होगी भारी बारिश, IMD ने दी चेतावनी

Chhattisgarh Weather : रायपुर मौसम केंद्र के मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया कि उत्तर बंगाल की खाड़ी में निम्न दाब क्षेत्र बनने और उसके प्रबल होने की संभावना है. जानें कैसा रहने वाला है छत्तीसगढ़ का मौसम

Chhattisgarh Weather Today ; छत्तीसगढ़ में अगले दो दिनों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गयी है. मौसम विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ के कई जिलों में अगले दो दिनों में भारी बारिश होने की संभावना है जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है. झारखंड से सटे इलाकों में बारिश शुरू हो चुकी है. बंगाल की खाड़ी में एक और बने लो प्रेशर ने मॉनसून को गति दे दी है. आइए जानते हैं छत्तीसगढ़ के किन इलाकों में जोरदार बारिश की संभावना है.

रायपुर मौसम केंद्र के मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया कि राज्य के रायगढ़, जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार और महासमुंद जिलों में अगले 48 घंटों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है. उन्होंने बताया कि बिलासपुर, कोरबा, मुंगेली, गरियाबंद, रायपुर, दुर्ग और धमतरी जिलों में एक या दो स्थानों पर गरज के साथ भारी बारिश हो सकती है.

उत्तर बंगाल की खाड़ी में निम्न दाब क्षेत्र

रायपुर मौसम केंद्र के मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया कि उत्तर बंगाल की खाड़ी में निम्न दाब क्षेत्र बनने और उसके प्रबल होने की संभावना है. इन गतिविधियों के परिणामस्वरूप 15 अगस्त तक ओडिशा, उत्तरी आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ के चार संभागों- रायपुर, दुर्ग, बस्तर और बिलासपुर में भारी बारिश होने का अनुमान है.

छत्तीसगढ़ में औसतन 762.9 मिमी बारिश

छत्तीसगढ़ के राजस्व विभाग के अनुसार, इस साल एक जून से शुक्रवार तक छत्तीसगढ़ में औसतन 762.9 मिमी बारिश दर्ज की गई है. इस अवधि में बीजापुर जिले में सबसे अधिक 1778.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि सरगुजा जिले में सबसे कम औसत वर्षा 302.7 मिमी दर्ज की गई. राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में एक जून से 11 अगस्त के बीच बारिश से संबंधित घटनाओं और अन्य प्राकृतिक आपदाओं में कम से कम 63 लोगों की मौत हुई है. भारी बारिश से दक्षिण और मध्य क्षेत्र प्रभावित हुए हैं.

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बारिश के कारण कम से कम 55 मकान पूरी तरह से नष्ट

अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान भारी बारिश के कारण कम से कम 55 मकान पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं जबकि 471 मकानों को आंशिक रूप से क्षति पहुंची है. उन्होंने बताया कि वर्षा प्रभावित जिलों में लोगों के लिए दस राहत शिविर बनाए गए हैं. बारिश से संबंधित घटनाओं ने 340 मवेशियों की भी मृत्यु हुई है. अधिकारियों ने बताया, मानसून की शुरुआत के साथ एक जून से अब तक हुई 63 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 35 लोगों की मौत आकाशीय बिजली गिरने से, 22 लोगों की डूबने से और छह लोगों की मौत सांप के काटने से हुई है.

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