छत्तीसगढ़ में नक्सल क्षेत्र के बच्चे बन रहे हैं डॉक्टर और इंजीनियर, सीएम भूपेश बघेल हुए गदगद

जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने आगे बताया प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और आदिम जाति तथा अनुसूचित विकास मंत्री डॉक्टर प्रेमसाय सिंह टेकाम ने विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर बधाई दी है.

छत्तीसगढ़ में आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के अंतर्गत संचालित प्रयास आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों ने ऐसा कमाल किया है जिसकी चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है. खुद सूबे के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इनकी तारीफ करते नहीं थक रहे हैं. दरअसल, प्रयास के 57 बच्चों ने जेईई एडवांस 2023 में क्वालीफाई किया है. इस बात की जानकारी जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने दी है.

जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जेईई एडवांस 2023 का रिजल्ट आ चुका है. छत्तीसगढ़ में आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के अंतर्गत संचालित प्रयास आवासीय विद्यालय के बच्चों ने इसमें शानदार प्रदर्शन किया है. आईआईटी गुवाहाटी द्वारा जेईई एडवांस 2023 के घोषित परिणामों में इस वर्ष जेईई एडवांस परीक्षा में बैठे प्रयास आवासीय विद्यालय के 141 विद्यार्थियों में से 57 ने क्वालीफाई करने का काम किया है. इसमें से 28 विद्यार्थियों का आईआईटी और 29 का एनआईटी में चयन होने की उम्मीद है.

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का ट्वीट

जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने आगे बताया प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और आदिम जाति तथा अनुसूचित विकास मंत्री डॉक्टर प्रेमसाय सिंह टेकाम ने विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर बधाई दी है. साथ ही, उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है. इस खबर के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट किया कि..छू लो आसमान..अपनी कड़ी मेहनत से दंतेवाड़ा के 46 और कांकेर के 77 छात्र – छात्राओं ने NEET रैंकिंग में जगह बनाई है. वहीं दंतेवाड़ा के 19 और कांकेर के 71 छात्र – छात्राओं का JEE के लिए चयन हुआ है. आप सबने दिखा दिया है कि प्रतिभा अपना रास्ता बना ही लेती है…सबको खूब बधाई…सफल हुए प्रदेश के सभी बच्चों के सुनहरे भविष्य की कामना करता हूं..


नक्सल क्षेत्र के भी बच्चे बनेंगे डॉक्टर और इंजीनियर

आपको बता दें कि वर्तमान में प्रदेश की राजधानी रायपुर जिले में बालक और कन्या के लिए अलग-अलग प्रयास आवासीय विद्यालय संचालित है. इसके अतिरिक्त बिलासपुर, सरगुजा, दुर्ग, बस्तर, कांकेर, कोरबा तथा जशपुर जिलों में छात्र-छात्राओं के लिए कुल नौ प्रयास आवासीय विद्यालय में बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं. बस्तर, कांकेर जैसे क्षेत्र को लोग नक्सल इलाकों के लिए जानते हैं लेकिन इन क्षेत्र के भी बच्चे अब डॉक्टर और इंजीनियर बन रहे हैं.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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