चतरा की लीलाजन नदी में आयी बाढ़ में 8 चरवाहों समेत दो दर्जन मवेशी बहे, रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाले गये, एक अन्य का शव बरामद

चतरा : चतरा जिले में हो रही मूसलधार बारिश के कारण हंटरगंज प्रखंड से होकर गुजरने वाली लीलाजन नदी उफान पर है. अचानक इस नदी में आयी बाढ़ के कारण मवेशी चरा रहे आठ चरवाहे और करीब दो दर्जन मवेशी पानी की तेज धार में बह गये. स्थानीय लोगों की मदद और प्रशिक्षित गोताखोरों की मदद से रेस्क्यू कर इन्हें सुरक्षित निकाल लिया गया. एक अन्य युवक भी नदी में बह गया था, जिसका शव बरामद किया गया है.

चतरा : चतरा जिले में हो रही मूसलधार बारिश के कारण हंटरगंज प्रखंड से होकर गुजरने वाली लीलाजन नदी उफान पर है. अचानक इस नदी में आयी बाढ़ के कारण मवेशी चरा रहे आठ चरवाहे और करीब दो दर्जन मवेशी पानी की तेज धार में बह गये. स्थानीय लोगों की मदद और प्रशिक्षित गोताखोरों की मदद से रेस्क्यू कर इन्हें सुरक्षित निकाल लिया गया. एक अन्य युवक भी नदी में बह गया था, जिसका शव बरामद किया गया है.

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चतरा जिले में मूसलधार बारिश हो रही है. इस कारण हंटरगंज प्रखंड से होकर गुजरने वाली लीलाजन नदी उफान पर है. इस नदी में कल अचानक बाढ़ आ जाने के कारण मवेशी चरा रहे आठ चरवाहे और करीब दो दर्जन मवेशी पानी की तेज धार में बह गये. ये चरवाहे घर से मवेशी चराने निकले थे. बेला व सोखा गांव के 8 चरवाहे करीब दो दर्जन मवेशियों के साथ नदी की तेज धार में बह गये.

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स्थानीय ग्रामीणों ने इन्हें बचाने की कड़ी मशक्कत की. हंटरगंज प्रखंड प्रशासन ने इटखोरी से गोताखोरों की टीम बुलायी. 20 तैराकों की प्रशिक्षित टीम ने रेस्क्यू कर इन्हें सुरक्षित निकाल लिया. बताया जाता है कि करीब पांच घंटे की मेहनत के बाद इन्हें सुरक्षित निकाला गया है. इस बीच इस नदी में आयी बाढ़ में कोबना गांव का मनोज कुमार बह गया. काफी खोजबीन के बाद भी नहीं मिल रहा था. इसके बाद इसका शव बरामद किया गया है.

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बचाव कार्य के दौरान एलआरडीसी गोरांग महतो, बीडीओ मनोज कुमार, सीओ मिथलेश कुमार, चिकित्सा प्रभारी डॉ वेदप्रकाश, थाना प्रभारी हंसे उरांव, पुलिस निरीक्षक बीपी मंडल समेत कई अधिकारी मौजूद थे. इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने इन्हें बचाने के लिए कड़ी मशक्कत की थी.

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Posted By : Guru Swarup Mishra

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