Chandrayaan-3 : बॉलीवुड भी है चांद का फैन, ये 10 गाने हैं बेहद पॉपुलर, यहां सुनें

भारत इतिहास रचने के लिए पूरी तरह तैयार है. तीसरा चंद्र मिशन चंद्रयान-3 बुधवार 23 अगस्त को शाम 6 बजकर 4 मिनट पर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र पर सॉफ्ट लैंडिंग करने के लिए पूरी तरह से तैयार है. वहीं, बॉलीवुड में ऐसे कई गाने है, जिसमें चांद का जिक्र किया गया है.

चंद्रयान-3, भारत का तीसरा चंद्रमा मिशन, 14 जुलाई को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के एसडीसीसी से रवाना हुआ. ये 23 अगस्त को चांद पर सॉफ्ट लैंडिग करने के लिए तैयार है. पूरा देश इस वक्त का दिल थामकर इंतजार कर रहा है. यह मिशन भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा. वहीं, बॉलीवुड में कई ऐसे गाने बने है, जिसमें चांद का जिक्र जरूर आया है. ये चांद सा रोशन चेहरा, जुल्ंफो का रंग सुनहरा से लेकर चांद सी महबूबा जैसे कई गाने है. चलिए आपको बताते है ऐसे और कौन-कौन से गाने है.

1. चांद सी महबूबा (हिमालय की गोद में)

चांद सी महबूबा हो मेरी कब ऐसा मैंने सोचा था

हां तुम बिलकुल वैसी हो जैसा मैंने सोचा था

चांद सी महबूबा हो मेरी कब ऐसा मैंने सोचा था

हां तुम बिलकुल वैसी हो जैसा मैंने सोचा था

ना कसमें हैं ना रस्में हैं

ना शिकवे हैं ना वादे हैं

ना कसमें हैं ना रस्में हैं

ना शिकवे हैं ना वादे हैं

इक सूरत भोली भाली है

दो नैना सीधे साधे हैं

दो नैना सीधे साधे हैं

ऐसा ही रूप खयालों में था

जैसा मैंने सोचा था

हां तुम बिलकुल वैसी हो जैसा मैंने सोचा था…

2. ‘खोया-खोया चांद, खुला आसमान’ (काला बाजार)

ओ हो हो ओ
खोया खोया चांद खुला आसमान
आंखों में सारी रात जायेगी
तुम को भी कैसे नींद आयेगी
हो खोया खोया चांदखुला आसमान
आंखों में सारी रात जायेगी
तुम को भी कैसे नींद आयेगी
हो खोया खोया चांद

मस्ती भरी हवा जो चली
मस्ती भरी हवा जो चली
खिल खिल गयी ये दिल की कली
मन की गली में है खलबली
कि उनको तो बुलाओ
हो खोया खोया चाँद खुला आसमान
आँखों में सारी रात जायेगी
तुम को भी कैसे नींद आयेगी
हो खोया खोया चांद…

3. ‘चौदहवीं का चांद हो या आफताब हो’ (चौदहवीं का चांद)

चौदहवीं का चांद हो, या आफ़ताब हो
जो भी हो तुम खुदा कि क़सम, लाजवाब हो
चौदहवीं का चांद हो, या आफ़ताब हो
जो भी हो तुम खुदा कि क़सम, लाजवाब हो चौदहवीं का चांद हो
ज़ुल्फ़ें हैं जैसे कांधो पे बादल झुके हुए
आंखें हैं जैसे महके पयाले भरे हुए
मस्ती है जिसमे प्यार की तुम, वो शराब हो
चौदहवीं का चांद हो…

4. ‘ये चांद सा रोशन चेहरा, जुल्फों का रंग सुनहरा’ (कश्मीर की कली)

ये चांद सा रोशन चेहरा

ज़ुल्फ़ों का रंग सुनहरा

ये झील सी नीली आंखें

कोई राज है इनमें गहरा

तारीफ करूं क्या उसकी

जिसने तुम्हें बनाया…

5. ‘चांद छुपा बादल में’ (हम दिल दे चुके सनम)

चांद छुपा बादल में
शर्मा के मेरी जाना..
सीने से लग जा तू
बलखा के मेरी जाना
गुमसुम सा है, गुपचुप सा है
मदहोश है, खामोश है…

6. ‘चांद ने कुछ कहा, रात ने कुछ कहा’ (दिल तो पागल है)

चांद ने कुछ कहा, रात ने कुछ सुना

चांद ने कुछ कहा, रात ने कुछ सुना

तू भी सुन बेखबर

प्यार कर ओह ओह प्यार कर

आई है चांदनी, मुझसे कहने यही

आई है चांदनी, मुझसे कहने यही

मेरी गली, मेरे घर

प्यार कर ओह ओह प्यार कर…

7. ‘जानें कितने दिनों के बाद गली में आज चांद निकला’ (जख्म)

तुम आए तो आज मुझे याद
गली में आज चांद निकला
जाने कितने दिनों के बाद
गली में आज चांद निकला

जाने कितने दिनों के बाद
गली में आज चांद निकला
गली में आज चांद निकला
गली में आज चांद निकला…

8. ‘चांद मेरा दिल’ (हम किसी से कम नहीं)

चांद मेरा दिल, चांदनी हो तुम
चांद मेरा दिल, चांदनी हो तुम
चांद से है दूर चांदनी कहां
लौट के आना है यहीं तुमको
जा रहे हो तुम, जाओ मेरी जाँ

वैसे तो हर क़दम मिलेंगे लोग, सनम
मिलेगा सच्चा प्यार मुश्किल से
हो, दिल की दोस्ती खेल नहीं कोई
दिल से दिल है मिलता यार मुश्किल से…

9. ‘चांद सिफारिश’ (फना)

चांद सिफ़ारिश जो करता हमारी देता वो तुमको बता
शर्म ओ हया पे पर्दे गिरा के करनी है हम को खता
जिद है अब तो है खुद को मिटाना होना है तुझं मै फणा
चांद सिफ़ारिश जो करता हमारी देता वो तुमको बता
शर्म ओ हया पे पर्दे गिरा के करनी है हम को खता…

‘चलो दिलदार चलो चांद के पार चलो’ (पाकिजा)

चलो दिलदार चलो चांद के पार चलो

हम हैं तैयार चलो ओ ओ

चलो दिलदार चलो चांद के पार चलो

हम हैं तैयार चलो ओ ओ

आओ खो जाएं सितारों में कहीं

आओ खो जाएं सितारों में कहीं

छोड़ दे आज ये दुनियां ये जमी

दुनियां ये जमी

चलो दिलदार चलो चांद के पार चलो

हम हैं तैयार चलो ओ ओ

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लेखक के बारे में

Published by: Divya keshri

दिव्या केशरी एंटरटेनमेंट जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की एंटरटेनमेंट टीम की लीड के रूप में कार्यरत हैं. वह 2020 से प्रभात खबर डिजिटल से जुड़ी हुई हैं और तब से लगातार फिल्म, टीवी और ओटीटी इंडस्ट्री की खबरों को कवर कर रही हैं. उनके पास लगभग 7 साल का जर्नलिज्म एक्सपीरियंस है. एंटरटेनमेंट पत्रकारिता में उनकी मजबूत पकड़ फिल्म, वेब सीरीज, टीवी शो, बॉक्स ऑफिस, सेलिब्रिटी इंटरव्यू, बीटीएस अपडेट्स, थ्रोबैक स्टोरी, गॉसिप और ट्रेंडिंग एंटरटेनमेंट न्यूज पर है. उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर को आसान, भरोसेमंद और दिलचस्प अंदाज में पाठकों तक पहुंचाया जाए, ताकि पाठक सिर्फ जानकारी ही नहीं, बल्कि खबर से जुड़ाव भी महसूस करें.

शिक्षा और पत्रकारिता की शुरुआत

दिव्या केशरी ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से एडवरटाइजिंग एंड पब्लिक रिलेशंस में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ईटीवी भारत से की, जहां उन्हें अलग-अलग बीट्स पर काम करने का मौका मिला. इस दौरान उन्होंने कई स्पेशल स्टोरी और न्यूज पैकेज तैयार किए. झारखंड से जुड़ी कई अहम खबरों पर काम करते हुए उन्होंने रिसर्च और आसान भाषा में खबर लिखने की अपनी क्षमता को और मजबूत किया.

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