मुख्य बातें
Chandra Grahan or Lunar Eclipse November 2021 Date and Time in India: ज्योतिष और वैज्ञानिक गणना के अनुसार इस साल का आखिरी चंद्र ग्रहण आज 19 नवंबर, शुक्रवार के दिन पड़ रहा है. हिंदू पंचाग के अनुसार आज के दिन ही कार्तिक पूर्णिमा भी है.
Chandra Grahan or Lunar Eclipse November 2021 Date and Time in India: ज्योतिष और वैज्ञानिक गणना के अनुसार इस साल का आखिरी चंद्र ग्रहण आज 19 नवंबर, शुक्रवार के दिन पड़ रहा है. हिंदू पंचाग के अनुसार आज के दिन ही कार्तिक पूर्णिमा भी है.

आज से ठीक 15 दिन बाद यानी 4 दिसंबर को सूर्य ग्रहण भी लगने जा रहा है. हिंदू पंचांग अनुसार सूर्य ग्रहण मार्गशीर्ष मास की अमावस्या के दिन शनिवार को लगेगा. यह सूर्य ग्रहण वृश्चिक राशि और ज्येष्ठा नक्षत्र में लगेगा.
ज्योतिषशास्त्र के मुताबिक अगले साल 2022 में कुल चार ग्रहण लगेंगे. इनमें दो सूर्य और दो चंद्र ग्रहण होंगे. साल का पहला सूर्य ग्रहण 30 अप्रैल 2022 को लगेगा और 15 दिन बाद 15 मई को साल का पहला चंद्र ग्रहण भी लग रहा है. यह पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा, जो भारत में भी प्रभावी होगा. ग्रहण का प्रभाव दक्षिणी/पश्चिमी अमेरिका, अटलांटिक और अंटार्कटिका में नजर आएगा.
19 नवंबर 2021 लगने जा रहे इस साल के आखिरी चंद्र ग्रहण के बाद अगला चंद्र ग्रहण साल 2022 में 8 नवंबर को होगा. यानी कि इस चंद्र ग्रहण के बाद दोबारा ऐसी खगोलीय घटना को देखने के लिए खगोलप्रेमियों को 1 साल तक का तो इंतजार करना ही पड़ेगा.
सदी का सबसे लंबा चलने वाला ग्रहण जारी है.आज सुबह 11 बजकर 34 मिनट से ग्रहण शुरू हुआ. इस ग्रहण का समापन शाम 5 बजकर 33 मिनट पर होगी. लेकिन उपच्छाया चंद्र ग्रहण करीब शाम 6 बजे खत्म होगा. ऐसे में यह करीब 6 घंटे तक रहेगा.
साल 2021 का यह आखिरी चंद्रग्रहण भारत में सिर्फ पूर्वोत्तर हिस्सों में कुछ ही देर के लिए दिखाई देगा. सूर्यास्त होते समय ही इस चंद्रग्रहण को अरुणाचल प्रदेश और असम के कुछ क्षेत्रों में देखा जा सकेगा.
आंशिक चंद्र ग्रहण जारी है. दुनिया के कई हिस्सो में चंद्रग्रहण प्रारंभ हो चुका है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस बार चंद्रग्रहण वृषभ राशि और कृतिका नक्षत्र में लग रहा है.
चंद्र ग्रहण के प्रभावों के प्रकोप को कम करने के लिए आप इस दिन गुरू मंत्र का जप अवश्य करें. गुरू ग्रह के बीज मंत्र ऊं ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरुवे नम: बीज मंत्र का यथासंभव जप करें.
आज आंशिक चंद्र ग्रहण चल रहा है। ऐसे में गुरु-शनि मकर राशि में विराजमान है और चंद्रमा वृषभ राशि में. गुरु-शनि और चंद्रमा का ऐसा योग 59 साल के बाद बना है. इससे पहले इस तरह का योग 19 फरवरी 1962 में हुआ था.
आज (19 नवंबर 2021) लगने जा रहे इस साल के आखिरी चंद्र ग्रहण के बाद अगला चंद्र ग्रहण साल 2022 में 8 नवंबर को होगा. यानी कि इस चंद्र ग्रहण के बाद दोबारा ऐसी खगोलीय घटना को देखने के लिए खगोलप्रेमियों को 1 साल तक का तो इंतजार करना ही पड़ेगा.
अरुणाचल प्रदेश और असम को छोड़कर देश के अधिकांश हिस्सों में आंशिक चंद्र ग्रहण दिखाई नहीं देगा. अमेरिका, उत्तरी यूरोप, पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत महासागर क्षेत्र के कुछ हिस्से इस घटना का अनुभव कर सकेंगे.
मंदिर स्थल पर गंगा जल छिड़कने के बाद साफ=सफाई करें. उसके बाद देवी- देवताओं का गंगा जल से अभिषेक करें.
ग्रहण खत्म होने के बाद गाय को रोटी खिलाने से शुभ फल की प्राप्ति होती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गाय को भोजन कराने से सभी तरह के ग्रहण दोषों से मुक्ति मिलती है.
ग्रहण खत्म होने के बाद स्नान करें और फिर दान के लिए कुछ पैसे -सामग्री जरूर निकालें. घर के सभी सदस्य दान की सामग्री को हाथ लगाएं आर फिर किसी गरीब को वह सामग्री दान कर दें.
ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चंद्र ग्रहण के बाद स्नान करना जरूरी माना गया है. ऐसा माना जाता है कि स्नान करने से ग्रहण का प्रभाव समाप्त हो जाता है. नहाने के पानी में गंगा जल डालकर स्नान करने से लाभ होता है.
ग्रहण की समाप्ति के बाद स्नान करें और फिर साफ-स्वच्छ वस्त्र पहनना जरूरी है. ग्रहण के दौरान पहने गए कपड़ों को धोने के बाद ही दूबारा इस्तेमाल करना चाहिण्.
ग्रहण समाप्ति के बाद तुरंत स्नान करके सबसे पहले पूरे घर में गंगा जल का छिड़काव करना जरूरी माना गया है.
मेष
कन्या
तुला
कुंभ
: ग्रहण के दौरान भगवान का स्मरण करना चाहिए.
: अपने मन में नकारात्मक विचार नहीं रखने चाहिए.
: ग्रहण के दौरान मंत्रों का जाप करना चाहिए.
: ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को सोने से परहेज करना चाहिए.
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, साल का दूसरा और अंतिम चंद्रग्रहण वृषभ राशि और कृतिका नक्षत्र में लगेगा. वृषभ, कन्या, वृश्चिक, धनु और मेष राशि वालों पर चंद्र ग्रहण का सबसे ज्यादा असर पड़ेगा.इस दौरान इन राशि वालों को वाद-विवाद से बचना चाहिए और बेवजह खर्चों से बचने की सलाह दी जाती है.
कब लगेगा चंद्र ग्रहण : शुक्रवार सुबह 11 बज कर 34 मिनट से शुरू होगा
कब खत्म होगा : शाम 5 बजकर 33 मिनट पर समाप्त होगा
कितनी होगी अवधि : चंद्र ग्रहण की कुल अवधि 5 घंटे 59 मिनट की होगी
सूतक काल : शुक्रवार तड़के 1 बजे के बाद शुरू होगा फिर शाम 6 बजे के आसपास खत्म होगा
चंद्र ग्रहण तुला, कुंभ और मीन राशि वालों के लिए शुभ रहने के आसार हैं. जबकि सिंह, वृश्चिक और वृषभ राशि वालों के लिए अच्छा नहीं माना जा रहा है.
जिनके यहां चंद्र ग्रहण नहीं लग रहा है वो इस अद्भुत घटना का नजारा लाइव यूट्यूब चैनलों के माध्यम से देख सकते हैं। ग्रहण की लाइव स्ट्रीमिंग के लिए Virtual Telescop, Timeanddate, CosmoSapiens चैनल प्रसिद्ध है. इसे नासा की लाइव स्ट्रीम पर भी देख सकते हैं.
आज (19 नवंबर 2021) लगने जा रहे इस साल के आखिरी चंद्र ग्रहण के बाद अगला चंद्र ग्रहण साल 2022 में 8 नवंबर को होगा. यानी कि इस चंद्र ग्रहण के बाद दोबारा ऐसी खगोलीय घटना को देखने के लिए खगोलप्रेमियों को 1 साल तक का तो इंतजार करना ही पड़ेगा.
आपको बता दें कि आज यानि 19 नवंबर का चंद्र ग्रहण बेहद खास है, क्योंकि ऐसा चंद्र ग्रहण 580 साल के बाद लगने वाला है. आपको बता दें कि यह चंद्र ग्रहण पिछले 580 साल का सबसे लंबा आंशिक चंद्र ग्रहण होगा. इस चंद्र ग्रहण की अवधि करीब साढ़े तीन घंटे की रहने वाली है. भारत में यह चंद्र ग्रहण दोपहर को 12:48 बजे से 04:17 मिनट तक होगा.
आज ( 19 नवंबर 2021) कई सदियों बाद देश-दुनिया के लोग चंद्र ग्रहण का ऐसा नजारा देखेंगे, जब आंशिक चंद्र ग्रहण काफी लंबे समय तक होगा. यह 19 नवंबर को साल का आखिरी और दूसरा चंद्रग्रहण है. माना जा रहा है आज लगने वाला यह चंद्रग्रहण 580 साल के बाद सबसे लंबा आंशिक चंद्रग्रहण है। इससे पहले साल 1440 में कुछ इसी तरह का चंद्र ग्रहण लगा था.
ब्रह्म मुहूर्त- 05:00 am से 05:54 am
प्रातः सन्ध्या- 05:27 am से 06:47 am
अभिजित मुहूर्त- 11:45 pm से 12:28 pm
गोधूलि मुहूर्त- 05:15 pm से 05:39 pm
सायाह्न सन्ध्या- 05:26 pm से 06:46 pm
अमृत काल- 01:47 am, नवम्बर 20 से 03:35 am, नवम्बर 20
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, साल का दूसरा और अंतिम चंद्रग्रहण वृषभ राशि और कृतिका नक्षत्र में लगेगा. वृषभ, कन्या, वृश्चिक, धनु और मेष राशि वालों पर चंद्र ग्रहण का सबसे ज्यादा असर पड़ेगा.इस दौरान इन राशि वालों को वाद-विवाद से बचना चाहिए और बेवजह खर्चों से बचने की सलाह दी जाती है.
धर्म-कर्म से जुड़े लोगों को अपनी राशि अनुसार अथवा किसी योग्य ब्राह्मण के परामर्श से दान की जाने वाली वस्तुओं को इकठ्ठा कर संकल्प के साथ उन वस्तुओं को योग्य व्यक्ति को दे देना चाहिए.
ग्रहण की शुरुआत दोपहर 12:48 बजे से होगी. इसकी समाप्ति शाम 04:17 बजे होगी. आंशिक चंद्र ग्रहण की अवधि 3 घंटे 28 मिनट की होगी. उपच्छाया चंद्र ग्रहण की अवधि करीब 6 घंटे की होगी.
अरुणाचल प्रदेश और असम को छोड़कर देश के अधिकांश हिस्सों में आंशिक चंद्र ग्रहण दिखाई नहीं देगा. अमेरिका, उत्तरी यूरोप, पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत महासागर क्षेत्र के कुछ हिस्से इस घटना का अनुभव कर सकेंगे.
ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, हिंदुओं की मान्यता कहती है कि चंद्र ग्रहण के 9 घंटे पूर्व ही सूतक लग जाता है और यह ग्रहण के पूरी तरह से समाप्त होने तक रहता है. सूतक काल के दौरान किसी भी प्रकार के शुभ कार्य प्रतिबंधित होते हैं. यहां तककि खाना बनाना और खाना खाना तक वर्जित होता है.पुजारी सूतक काल के दौरान मंदिरों के कपाट भी बंद कर देते हैं. सूतक काल खत्म होने के बाद मंदिर की सफाई भी होती है. सामान्य तौर पर सूतक काल के दौरान भजन और कीर्तन सबसे अच्छा और शुभ कार्य माना जाता है.
कब लगेगा चंद्र ग्रहण : शुक्रवार सुबह 11 बज कर 34 मिनट से शुरू होगा
कब खत्म होगा : शाम 5 बजकर 33 मिनट पर समाप्त होगा
कितनी होगी अवधि : चंद्र ग्रहण की कुल अवधि 5 घंटे 59 मिनट की होगी
सूतक काल : शुक्रवार तड़के 1 बजे के बाद शुरू होगा फिर शाम 6 बजे के आसपास खत्म होगा
मेष
कन्या
तुला
कुंभ
– ग्रहण के बाद घर की साफ-सफाई करें.
– पूरे घर में गंगा जल छिड़कें और नहाएं.
– ग्रहण के बाद दान पुण्य करना चाहिए.
चंद्र ग्रहण 19 नवंबर शुक्रवार के दिन लगने जा रहा है। इसकी शुरुआत भारतीय समय के अनुसार सुबह 11 बजकर 34 मिनट से होगी और इसकी समाप्ति शाम 5 बजकर 33 मिनट पर.
ग्रहण से पहले खाने और दूध में तुलसी का पत्ता डालने की सलाह दी जाती है. इससे खाना अशुद्ध नहीं होता, अगर ऐसा नहीं किया गया हो तो ग्रहण के बाद पहले से बने हुए खाने को नहीं खाना चाहिए क्योंकि आपकी तबीयत खराब हो सकती है.
ऐसी मान्यता है ग्रहण की पूरी अवधि के दौरान यदि गर्भवती महिला अपने पास नारियल रखती है तो इससे ग्रहण के नकारात्मक प्रभाव गर्भवती महिला और गर्भस्थ शिशु के पास नहीं पहुंचते हैं.
इस बार का चद्र ग्रहण वृषभ राशि में लगने जा रहा है. इसलिए सबसे अधिक प्रभाव वृषभ राशि वालों पर देखने को मिलेगा.
चंद्र ग्रहण तुला, कुंभ और मीन राशि वालों के लिए शुभ है। वहीं मेष, वृषभ, सिंह और वृश्चिक वालों के लिए ये ग्रहण अच्छा नही माना जा रहा है। इन राशि वालों को विशेष सावधानी बरतनी होगी
भारत में आंशिक नहीं उपच्छाया चंद्र ग्रहण दिखाई देगा। इसे नग्न आंखों से नहीं देखा जा सकता। इसे देखने के लिए विशेष तरह के उपकरणों की जरूरत पड़ती है. ये साल का आखिरी चंद्र ग्रहण होगा. इसके बाद चंद्र ग्रहण का नजारा 8 दिसंबर 2022 में देखने को मिलेगा.
चंद्र ग्रहण कृत्तिका नक्षत्र में लग रहा है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कृत्तिका नक्षत्र सूर्य का नक्षत्र माना जाता है. इसलिए जिन लोगों का जन्म कृत्तिका नक्षत्र में हुआ है, उन्हें सावधानी बरतने की जरूरत है.
ग्रहण की शुरुआत सुबह 11:32 बजे से होगी। इसकी समाप्ति शाम 05:33 बजे होगी. आंशिक चंद्र ग्रहण की अवधि 3 घंटे 26 मिनट की होगी. उपच्छाया चंद्र ग्रहण की अवधि करीब 6 घंटे की होगी.
जहां चंद्रग्रहण के 9 घंटे पहले उसका सूतक काल लागू होता है वहीं सूर्य ग्रहण के 12 घंटे पहले से सूतक प्रारंभ हो जाता है. ग्रहण जब समाप्त होता है तब उसका सूतक काल भी समाप्त हो जाता है.
ग्रहण काल के दौरान गर्भवती महिलाओं को किसी भी नुकीली या धारदार वस्तु का उपयोग नहीं करना चाहिए. ग्रहण और सूतक काल के दौरान कोई भी कैंची, चाकू या सुई का इस्तेमाल ना करें.
साल 2021 में दो चंद्र ग्रहण का योग बना था. पहला चंद्र ग्रहण 26 मे 2021 में लगा था और 19 नवंबर को साल का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण लग रहा है. इसके बाद 16 मई 2022 को अगला चंद्र ग्रहण लगेगा.
चंद्र ग्रहण तीन प्रकार के होते हैं
पूर्ण चंद्र ग्रहण
आंशिक चंद्र ग्रहण
उपछाया चंद्र ग्रहण
इस बार भारत में चंद्र ग्रहण उपछाया की तरह ही दिखेगा. इस वजह से सूतक काल मान्य नहीं होगा, यही वजह है कि इस चंद्र ग्रहण में देश के मंदिरों के कपाट भी बंद नहीं किए जाएंगे और शुभ कार्यों पर भी रोक नहीं होगी.
चंद्र ग्रहण तुला, कुंभ और मीन राशि वालों के लिए शुभ रहने के आसार हैं. जबकि सिंह, वृश्चिक और वृषभ राशि वालों के लिए अच्छा नहीं माना जा रहा है.
चंद्र ग्रहण तब लगता है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में आते हैं.ग्रहण के आगाज़ से पहले चांद जमीन की उपच्छाया में दाखइल होता है इसके बाद धरती की वास्तविक छाया में दाखिल करता है. ऐसा होने पर वास्तविक चंद्र ग्रहण लगता है. वहीं अगर उपच्छाया चंद्र ग्रहण की बात करें तो चांद जमीन की वास्तविक छाया में दाखिल किए बिना ही बाहर आ जाता है.
चंद्र ग्रहण के बाद दूध और दूध से बने उत्पादों, सफेद तिल, सफेद कपड़े, इत्यादि का दान करने की सलाह दी जाती है। ऐसा करने से भी ग्रहण के दुष्प्रभाव जीवन पर नहीं पड़ते हैं।
ग्रहण खत्म होने के तुरंत बाद नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान कर लें
इसके बाद घर के मंदिर में भगवान की मूर्तियों को भी गंगाजल से शुद्ध करें
तुलसी पौधे पर भी गंगाजल का छिड़काव करें
19 नवंबर 2021 को लग रहा है. इस ग्रहण को सदी का सबसे बड़ा आंशिक चंद्र ग्रहण कहा जा रहा है.
ज्योतिष शास्त्र में चंद्र ग्रहण की घटना को विशेष माना गया है. धार्मिक कार्यों पर चंद्र ग्रहण को प्रभाव नहीं पडे़गा. इसके पीछे जानकारों का मत है कि चंद्र ग्रहण पूर्ण नहीं है, 19 नवंबर 2021, शुक्रवार को लगने वाला चंद्र आंशिक है. इसके साथ ही दिन में चंद्र ग्रहण लग रहा है, तथा इसका प्रभाव भारत पर नहीं पड़ रहा है. इस ग्रहण को भारत में असम, अरुणाचल प्रदेश आदि क्षेत्रों में ही दिखाई देने की बात कही जा रही है. इसलिए पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यों पर इस ग्रहण का प्रभाव नहीं पड़ेगा. कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान, दान और यज्ञ का विशेष महत्व बताया गया है.
भारत में आंशिक नहीं उपच्छाया चंद्र ग्रहण दिखाई देगा। इसे नग्न आंखों से नहीं देखा जा सकता। इसे देखने के लिए विशेष तरह के उपकरणों की जरूरत पड़ती है। ये साल का आखिरी चंद्र ग्रहण होगा। इसके बाद चंद्र ग्रहण का नजारा 8 दिसंबर 2022 में देखने को मिलेगा।
चंद्र ग्रहण तुला, कुंभ और मीन राशि वालों के लिए शुभ रहने के आसार हैं. जबकि सिंह, वृश्चिक और वृषभ राशि वालों के लिए अच्छा नहीं माना जा रहा है.
19 नवंबर को लगनेवाला आंशिक चंद्रग्रहण इस साल यानी वर्ष 2021 का आखिरी चंद्रग्रहण होगा. इससे पहले इस साल 26 मई को चंद्रग्रहण लगा था जिसे लाल रंग का होने के कारण सुपरमून या रेडब्लड मून कहा गया. 19 नवंबर को लगने वाले आंशिक चंद्र ग्रहण के 15 दिन बाद ही सूर्य ग्रहण भी लगने वाला है. यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा जो 4 दिसंबर 2021 को लगेगा.
जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है तो इस घटना को ही चंद्र ग्रहण कहते हैं. लेकिन जब पूरा चंद्रमा पृथ्वी की छाया में रहता है तो पूर्ण चंद्रग्रहण होता है और जब चंद्रमा का सिर्फ एक भाग पृथ्वी की छाया में होता है तो ऐसी स्थिति में आंशिक चंद्र ग्रहण लगता है.
ज्योतिष शास्त्र में ग्रहण एक बहुत ही महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है। साल का यह आखिरी चंद्रग्रहण 19 नवंबर को वृषभ राशि और कृतिका नक्षत्र में लगेगा।
19 नवंबर को लगने वाला आंशिक चंद्र ग्रहण भारतीय समयानुसार 19 नवंबर की सुबह 11 बजकर 34 मिनट से शाम को 5 बजकर 33 मिनट तक रहेगा. इस चंद्रग्रहण को भारत में मणिपुर की राजधानी इंफाल और उसके सीमावर्ती क्षेत्रों में देखा जा सकेगा.
वर्ष 2021 का अंतिम चंद्र ग्रहण 19 नवंबर को शुक्रवार के दिन लगेगा. खास बात ये है कि इसी दिन कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि भी है. भारत में ये ग्रहण समाप्ति के दौरान आंशिक तौर पर देखा जा सकेगा. आंशिक होने की वजह से इस ग्रहण का सूतक मान्य नहीं होगा.
खगोलविदों की मानें तो 19 तारीख को लगने वाला आंशिक चंद्र ग्रहण पूर्वी अफ्रीका, पश्चिमी यूरोप, उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अटलांटिक महासागर और प्रशांत महासागर जैसे कुछ चुनिंदा हिस्सों से देखा जा सकेगा. भारत के कई राज्यों में यह चंद्र ग्रहण नहीं दिखाई देगा. हालांकि अरुणाचल प्रदेश असम जैसे राज्यों से सूर्यास्त के समय इसे कुछ देर के लिए देखा जा सकेगा.
19 नवंबर के दिन चंद्रमा और पृथ्वी के बीच अधिक दूरी के कारण यह चंद्रग्रहण काफी लंबी अवधि का होने जा रहा है. 19 नवंबर को लगने जा रहे आंशिक चंद्र ग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे 28 मिनट और 24 सेकंड्स की होगी. बता दें कि इस चंद्र ग्रहण से पहले इत लंबा चंद्र ग्रहण19 फरवरी 1440 को लगा था. यानि 580 वर्षों के बाद इतनी लंबी अवधि का चंद्रग्रहण 19 नवंबर 2021 को लगने जा रहा है. और इसके बाद वर्ष 2669 के 8 फरवरी को ऐसी ही लंबी अवधि का चंद्रग्रहण लगेगा. नासा के मुताबिक, एक साल में अधिकतम तीन चंद्र ग्रहण हो सकते हैं. अनुमान है कि 21वीं सदी में कुल 228 चंद्र ग्रहण होंगे.
चंद्र ग्रहण की शुरुआत से पहले चंद्रमा धरती की उपच्छाया में प्रवेश करता है इसके बाद धरती की वास्तविक छाया में प्रवेश करता है. जब ऐसा होता है तब वास्तविक चंद्र ग्रहण लगता है. लेकिन उपच्छाया चंद्र ग्रहण के समय चंद्रमा धरती की वास्तविक छाया में प्रवेश किए बिना ही बाहर आ जाता है. ज्योतिष में उपच्छाया चंद्र ग्रहण को ग्रहण का दर्जा नहीं दिया गया है.
हिंदु पंचांग के अनुसार यह चंद्र ग्रहण सुबह 11 बजकर 30 मिनट से लगेगा और शाम 05 बजकर 33 मिनट पर खत्म होगा.
19 नवंबर को चंद्र ग्रहण प्रात: 11 बजकर 34 मिनट से आरंभ होगा और शाम 05 बजकर 33 मिनट पर समाप्त होगा. चंद्र ग्रहण वृषभ राशि और कृत्तिका नक्षत्र में लग रहा है. इसलिए इस राशि और नक्षत्र से जुड़े लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है.
Chandra Grahan or Lunar Eclipse November 2021 Date and Time in India: ज्योतिष और वैज्ञानिक गणना के अनुसार इस साल का आखिरी चंद्र ग्रहण आज 19 नवंबर, शुक्रवार के दिन पड़ रहा है. हिंदू पंचाग के अनुसार आज के दिन ही कार्तिक पूर्णिमा भी है.