कोलकाताः नंदीग्राम के चुनाव परिणाम को चुनौती देने वाली तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की याचिका पर सुनवाई 24 जून को होगी. कलकत्ता हाइकोर्ट के जस्टिस कौशिक चंद की एकल पीठ ने शुक्रवार (18 जून) को यह निर्देश दिया.
बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 में नंदीग्राम सीट के परिणाम को चुनौती देते हुए ममता बनर्जी की ओर से कलकत्ता हाइकोर्ट में याचिका दायर की गयी है, जिस पर शुक्रवार सुबह 11 बजे न्यायाधीश कौशिक चंद की एकल पीठ ने यह निर्देश दिया.
विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी से नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र से हार गयीं थीं. इस हार को चुनौती देते हुए उन्होंने वकील संजय बसु के माध्यम से कलकत्ता हाइकोर्ट में याचिका दायर की है.
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24 जून को कोर्ट में पेश होंगी ममता बनर्जी
नंदीग्राम से शुभेंदु अधिकारी के निर्वाचन को अमान्य घोषित करने संबंधी याचिका पर जस्टिस कौशिक चंद की पीठ ने सुनवाई की. न्यायाधीश ने कहा कि ममता बनर्जी को सुनवाई के पहले दिन पेश होना होगा, क्योंकि यह एक चुनाव याचिका है. ममता बनर्जी के वकील ने कहा कि वह कानून का पालन करेंगी.
मामले की सुनवाई को 24 जून तक स्थगित करते हुए जस्टिस चंद ने निर्देश दिया कि इस बीच उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार इस अदालत के सामने एक रिपोर्ट पेश करेंगे कि क्या यह याचिका जनप्रतिनिधित्व कानून, 1951 के अनुरूप दाखिल की गयी है.
शुभेंदु पर ममता ने लगाये हैं गड़बड़ी करने के आरोप
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने अपनी याचिका में भाजपा विधायक शुभेंदु अधिकारी पर जनप्रतिनिधित्व कानून, 1951 की धारा 123 के तहत भ्रष्ट तरीका अपनाने का आरोप लगाया है. ममता ने याचिका में यह भी दावा किया है कि मतगणना प्रक्रिया में विसंगतियां थीं. निर्वाचन आयोग ने पिछले महीने कांटे के मुकाबले के बाद शुभेंदु अधिकारी को नंदीग्राम विधानसभा सीट पर विजयी घोषित किया था.
विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सबसे महत्वपूर्ण सीट थी, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का मुकाबला शुभेंदु अधिकारी से था. इस सीट पर भाजपा नेता शुभेंदु ने लगभग 1,957 मतों के अंतर से तृणमूल सुप्रीमो को हरा दिया था. शुभेंदु अधिकारी को कुल 1,10,764 वोट मिले थे, वहीं ममता बनर्जी को 1,08808 वोट प्राप्त हुए थे.
मतगणना के दिन (2 मई को) पोल पैनल ने इसकी पुष्टि की थी. दो मई को परिणाम के दिन बड़े पैमाने पर भ्रम था कि वास्तव में बंगाल की सबसे हॉट सीट नंदीग्राम पर किस उम्मीदवार को जीत मिली. एक बार टीवी चैनलों में दिखाया गया कि ममता बनर्जी ने शुभेंदु अधिकारी को हरा दिया है.
हालांकि, थोड़ी ही देर बाद उन्हीं न्यूज चैनलों ने रिपोर्ट दी कि ममता बनर्जी नंदीग्राम सीट हार गयी हैं. यहां शुभेंदु अधिकारी ने उन्हें पराजित कर दिया. चुनाव आयोग की ओर से ममता की जीत की कभी पुष्टि नहीं की गयी थी. बाद में चुनाव आयोग ने शुभेंदु अधिकारी को विजयी घोषित किया था.
तृणमूल कांग्रेस के प्रचंड बहुमत के साथ लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी का जश्न मनाते हुए ममता बनर्जी ने उस दिन अपनी हार स्वीकार कर ली थी. साथ ही संकेत दिया था कि वह बाद में हाइकोर्ट में मतगणना के परिणाम को चुनौती भी दे सकती हैं.
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चुनावी याचिका पर अब गुरुवार को होगी सुनवाई
ममता बनर्जी ने चुनाव परिणाम के करीब डेढ़ महीने बाद मतगणना के परिणाम को हाइकोर्ट में चुनौती दी. कलकत्ता उच्च न्यायालय ने इस चुनावी याचिका को शुक्रवार को एकल पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया था. हाइकोर्ट ने गुरुवार को अपनी वेबसाइट पर जो वाद-सूची जारी की थी, उसके अनुसार, इस मामले को जस्टिस कौशिक चंद की अदालत के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उल्लेखित किये जाने के तौर पर लिया जाना था.
यहां बताना प्रासंगिक होगा कि बंगाल चुनाव के बाद मतगना के दिन चुनाव आयोग ने नंदीग्राम निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी को विजेता और तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी को उपविजेता घोषित किया था.
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ये हैं ममता बनर्जी के आरोप
ममता बनर्जी ने ईवीएम मशीनों से छेड़छाड़ और चुनाव आयोग के संबंधित अधिकारी द्वारा दोबारा मतगणना की मांग को ठुकराने का आरोप लगाते हुए नतीजों की घोषणा के बाद कहा था कि इस मुद्दे को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया जायेगा. भाजपा विधायक शुभेंदु अधिकारी इस वक्त पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं.
Posted By: Mithilesh Jha
