चुनाव कार्य में हस्तक्षेप से कलकत्ता हाइकोर्ट का इनकार, पीठ ने कहा- चुनाव आयोग स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चत करेगा

कलकत्ता हाइकोर्ट ने बंगाल विधानसभा चुनाव में चुनाव आयोग के काम में किसी भी तरह से हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया. कोर्ट ने कहा कि चुनाव आयोग स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करेगा.

कोलकाता : कलकत्ता हाइकोर्ट ने बंगाल विधानसभा चुनाव में चुनाव आयोग के काम में किसी भी तरह से हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया. कोर्ट ने कहा कि चुनाव आयोग स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करेगा.

आगामी विधानसभा चुनाव को स्वतंत्र व निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए राज्य के पूर्व महाधिवक्ता विमल चटर्जी ने कलकत्ता हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा था. अपने 7 पन्नों के पत्र में पूर्व महाधिवक्ता विमल चटर्जी ने कहा कि चुनाव के दौरान ऐसी सुरक्षा व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि राज्य की जनता भय मुक्त होकर मतदान कर पाये.

पत्र लिखने के बाद श्री चटर्जी ने एक जनहित याचिका दाखिल की. हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश टीबीएन राधाकृष्णन के नेतृत्व वाली खंडपीठ ने इस जनहित याचिका पर सोमवार को सुनवाई की. इस दौरान चुनाव आयोग के वकील ने कहा कि पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र, निष्पक्ष व शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए पूरी तरह से तैयार है.

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अभी से ही राजधानी कोलकाता सहित जिलों में केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवानों ने रूट मार्च शुरू कर दिया है. आयोग ने कहा कि पश्चिम बंगाल में शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए पर्याप्त संख्या में केंद्रीय सुरक्षा बल के जवानों को तैनात किया जायेगा.

गौरतलब है कि सरकारी महाधिवक्ता रहे विमल चटर्जी ने अपनी याचिका में कहा था कि वर्ष 2011 व 2016 का विधानसभा चुनाव हो या वर्ष 2019 का लोकसभा चुनाव. सभी चुनावों में हिंसा हुई थी. एक शांतिप्रिय नागरिक के लिए हिंसा की ऐसी घटनाएं असहनीय हैं.

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उन्होंने मुख्य न्यायाधीश से चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी सभी संस्थाओं को ऐसी व्यवस्था करने का आदेश देने का आग्रह किया, ताकि लोग भयमुक्त होकर मतदान कर सकें. इस पर मुख्य न्यायाधीश एवं शंपा सरकार की खंडपीठ ने कहा कि यह चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में है कि वह हर विधानसभा क्षेत्र में सुचारु रूप से चुनाव कराये. खंडपीठ ने कहा कि यह न केवल अधिकार और शक्तियों के सिलसिले में है, बल्कि जिम्मेदारियों के संबंध में भी है.

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चुनाव आयोग को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराना है

खंडपीठ ने कहा कि ‘स्वतंत्रत एवं निष्पक्ष चुनाव नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हिस्सा’ हैं. पीठ ने कहा कि अधिसूचना जारी होने के बाद और चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तथा परिणाम जारी होने तक अदालत चुनाव के मामलों में हस्तक्षेप करना पसंद नहीं करती है. अदालत ने कहा कि भारत के निर्वाचन आयोग को राज्य में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराना है.

Posted By : Mithilesh Jha

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