आगरा: बीमारी के दर्द से परेशान होकर कारोबारी ने की थी खुदकुशी, गूगल पर सर्च किया चाकू से गला काटने का तरीका

डीसीपी ने बताया कि मनु अग्रवाल के मोबाइल की जांच की गई तो उसमें गूगल सर्च हिस्ट्री में पता चला कि मनु ने आत्महत्या से पहले गूगल पर सर्च किया था कि गला काटने पर कितना दर्द होता है. इसके बाद उसने अपना गला काटा. वहीं उन्होंने बताया कि मनु को एक बीमारी

Agra News: उत्तर प्रदेश के आगरा में एत्मादपुर क्षेत्र में चावल व्यापारी का गला कटा हुआ शव कार में मिलने के मामले में पुलिस ने खुलासा कर दिया है. पुलिस की जांच पड़ताल में व्यापारी के आत्महत्या करने की पुष्टि हुई है.

व्यापारी अपनी बीमारी से काफी परेशान था. बीमारी के दौरान होने वाले दर्द को वह झेल नहीं पा रहा था. इस वजह से उसने खुद ही एक दुकान से चाकू खरीदा और चाकू से गला काटने का तरीका गूगल पर सर्च किया. इसके बाद अपने हाथ से गला काट लिया. पुलिस ने व्यापारी का शव मिलने के बाद जांच पड़ताल की तो सीसीटीवी फुटेज में व्यापारिक खुद चाकू खरीदते हुए नजर आया. वहीं व्यापारी के मोबाइल की सर्च हिस्ट्री ने भी पुलिस को मामले का खुलासा करने में मदद की.

12 सितंबर की राहत में खूथ से लथपथ मिला शव

दरअसल आगरा में 12 सितंबर की रात को करीब 8:30 बजे एत्मादपुर हाईवे पर सफेद रंग की क्रेटा कार में बल्केश्वर निवासी चावल व्यापारी मनु अग्रवाल का शव मिला था. मनु अग्रवाल की गर्दन पर चाकू के कट का निशान था और उसके हाथ में एक खून से सना हुआ चाकू मिला था.

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हत्या और आत्महत्या के बिंदु पर पुलिस ने की जांच

थाना प्रभारी निरीक्षक विजय विक्रम सिंह के मुताबिक कार में चालक सीट पर व्यापारी मृत मिले थे. उनका गला कटा हुआ था. बाएं हाथ में खून से सना चाकू था. खून आगे की सीट पर फर्श पर पड़ा हुआ था. इसके अलावा कहीं और खून नहीं मिला. दरवाजे और खिड़की पर खून के छींटे नहीं मिले. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि घाव गहरा था. गला पूरा कटा हुआ था. पुलिस इस मामले में हत्या और आत्महत्या दोनों एंगल से जांच कर रही थी.

सीसीटीवी फुटेज से मिली मदद

जांच पड़ताल के दौरान व्यापारी के एत्मादपुर तक आने के रास्ते के सीसीटीवी फुटेज देखे गए. कमला नगर के फुटेज में कारोबारी अकेले ही नजर आए. कॉल डिटेल में 7-8 नंबर मिले हैं. इनमें एक उनके भाई विष्णु अग्रवाल का था. उन्होंने घटना से कुछ देर पहले फोन किया था. इसके अलावा अन्य व्यापारियों के नंबर भी मिले. पुलिस ने इन सबसे से जानकारी जुटाई.

डीसीपी वेस्ट सोनम कुमार के मुताबिक मनु के घर वालों ने बताया था कि मनु लंबे समय से अवसाद से ग्रसित था. उसकी बीमारी को लेकर इलाज चल रहा था. ऐसे में मनु अग्रवाल की आत्महत्या की संभावना ज्यादा नजर आ रही थी.

असहनीय दर्द से छुटकारा पाने को उठाया कदम

डीसीपी ने बताया कि मनु अग्रवाल के मोबाइल की जांच की गई तो उसमें गूगल सर्च हिस्ट्री में पता चला कि मनु ने आत्महत्या से पहले गूगल पर सर्च किया था कि गला काटने पर कितना दर्द होता है. इसके बाद उसने अपना गला काटा. वहीं उन्होंने बताया कि मनु को एक बीमारी थी. इस बीमारी की वजह से उसके बहुत ही असहनीय दर्द होता था और उसकी दवाई भी चल रही थी. वह अक्सर अपने दोस्तों और घरवालों से कहता था कि उसे इस दर्द से छुटकारा चाहिए. घर वाले भी उसको लेकर परेशान रहते थे.

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लेखक के बारे में

By Sanjay Singh

working in media since 2003. specialization in political stories, documentary script, feature writing.

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